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सुप्रभात शायरी - Good Morning Shayari Quotes in Hindi

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सुप्रभात शायरी
गुड मॉर्निंग शायरी
आज सुबह सूरज बिलकुल आप जैसा निकला; बिलकुल वही ख़ूबसूरती लिए; वही नूर; वही गुरुर; वही सुरूर; और वही आपकी तरह हमसे कोसो (बहुत) दूर। सुप्रभात!
Good Morning Shayari Quotes in Hindi
प्यार हुआ और दिल टूट गया; जिंदगी का मनोबल छूट गया; यह सब सच नहीं है; बस आँख खुली और सपना टूट गया। सुप्रभात।
गुड मॉर्निंग शायरी
मौसम की बहार अच्छी हो; फूलों की कलियाँ कच्ची हों; हमारे ये रिश्ते सच्चे हों; रब तेरे से बस एक दुआ है कि; मेरे यार कि हर सुबह अच्छी हो। सुप्रभात।
सुप्रभात सुविचार फोटो
मौसम की बहार अच्छी हो; फूलों की कलियाँ कच्ची हों; हमारे ये रिश्ते सच्चे हों; रब तेरे से बस एक दुआ है; मेरे यार कि हर सुबह अच्छी हो। सुप्रभात।
गुड मॉर्निंग मैसेज डाउनलोड
दांतों को बराबर घिस डालने का; मोती के माफ़िक चमका डालने का; हाथ में एक कप चाय लेने का; और सभी दोस्तों को बोल डालने का। “सुबह हो गई मामू!” बोले तो – गुड वाली मोर्निंग।
गुड मॉर्निंग शायरी फोटो
भुला दो बीता हुआ कल; दिल में बसाओ आने वाला कल; हँसो और हँसाओ चाहे जो भी हो पल; खुशियाँ लेकर आयेगा ये आने वाला कल। सुप्रभात।
खूबसूरत गुड मॉर्निंग शायरी
सुबह सुबह ज़िन्दगी की शुरुआत होती है; किसी अपने से बात हो तो ख़ास होती है; हंसकर प्यार से अपनों को गुड मोर्निंग बोलो तो; खुशियाँ अपने आप साथ होती हैं। सुप्रभात!
प्यार भरी गुड मॉर्निंग शायरी
सुबह की धूप कुछ यादों के साथ आती है; खिलते फूलों से मीठी खुशबु आती है; हर सुबह आपको नये रास्ते दिखाती है; सूरज की किरणें आपके जीवन को रंगीन बनाती हैं। सुप्रभात!
सुप्रभात संदेश हिंदी
सुबह की पहली किरण आपके पास भेजता हूँ; मैं अपने दिल का ये अरमान आपके पास भेजता हूँ; आप की हर सुबह हो ख़ास; उस ख़ास में हो हम आपके पास। सुप्रभात!
सुप्रभात फोटो
कलियों के खिलने के साथ; एक प्यारे एहसास के साथ; एक नये विश्वास के साथ; आपका दिन शुरू हो एक मीठी मुस्कान के साथ। सुप्रभात!
गुड मॉर्निंग मैसेज नई
हँसना और हँसाना कोशिश है मेरी; हर कोई खुश रहे ये चाहत है मेरी; भले ही मुझे कोई याद करे या ना करे; हर अपने को याद करना आदत है मेरी; सुप्रभात!
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मौसम की बहार अच्छी हो; फूलों की कलियाँ कच्ची हों; हमारे ये रिश्ते सच्चे हो; रब तेरे से बस एक ही दुआ है कि; मेरे यार की हर सुबह अच्छी हो। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सुबह-सुबह सूरज का साथ हो; परिंदों की चहचहाने की आवाज हो; हाथ में चाय का कप और यादों में आप हों; उस खुशनुमा सुबह की क्या बात हो। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
बीत गई तारों वाली सुनहरी रात; याद आई फिर वही प्यारी सी बात; खुशियों से हर पल हो आपकी मुलाकात; इसलिए मुस्कुरा के करना दिन की शुरुआत। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
बड़े अरमान से बनवाया है; इसे रोशनी से सजाया है; बहुत दूर से मंगवाया है; ज़रा खिड़की खोल के देखो आपको गुड मोर्निंग कहने सूरज आया है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सुबह सुबह सूरज का साथ हो; परिंदों की चहचहाने की आवाज हो; हाथ में चाय का कप और यादों में आप हों; उस खुश नुमा सुबह की क्या बात हो। सुप्रभात।
सुप्रभात शायरी
फिज़ा में महकती शाम हो तुम; प्यार में छलकता जाम हो तुम; सीने में छुपाए फिरते हैं हम याद तुम्हारी; मेरी जिंदगी का दूसरा नाम हो तुम। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
फिर उम्मीदों भरी सुबह आई है; सूरज को साथ लाई है; हमारी दोस्ती का ये असर तो देखो; कि हवायें भी आपको “गुड मॉर्निंग” कहने आई हैं। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सोचा किसी अपने से बात करें; अपने किसी ख़ास को याद करें; किया जो फैसला सुबह की शुभकामनायें देने का; दिल ने कहा क्यों ना आप से शुरुआत करें। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
जाने कब सुबह-सुबह वो रिश्ता बन गया; अनजाना जाने कब अपना बन गया; हमें एहसास भी न हुआ और; कोई हमारी सुबह की जरुरत बन गया। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
तेरी हर सुबह मुस्कुराती रहे; तेरी हर शाम गुनगुनाती रहे; तू जिसे भी मिले इस तरह से मिले; कि हर मिलने वाले को तेरी याद आती रहे। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
चांदनी रात अलविदा कह रही है; एक ठंडी सी हवा दस्तक दे रही है; उठकर देखो नजारों को एक प्यारी सी सुबह आपको; “गुड मॉर्निंग कह रही है!” सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
रात के बाद सुबह को आना ही था; गम के बाद ख़ुशी को आना ही था; क्या हुआ अगर हम देर तक सोये रहे; पर हमारा मोर्निंग मैसेज तो आना ही था। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
पलक झुकाकर सलाम करते हैं; दिल की दुआ आपके नाम करते हैं; कुबूल हो अगर तो मुस्कुरा देना; हम यह प्यार सा दिन आपके नाम करते हैं। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
जुदाई आपकी रुलाती रहेगी; याद आपकी आती रहेगी; पल-पल जान जाती रहेगी; जब तक जिस्म में है जान; मेरी हर सांस यारी निभाती रहेगी। गुड मॉर्निंग!
सुप्रभात शायरी
सुबह सुबह जब कोई पैगाम आता है; दिल कहता है कोई तुझे भी याद करता है; पढ़ के मैसेज चेहरे पर गुलाब की तरह खिल जाता है; यही होता है जब कोई अपना आपको दिल से याद करता है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
जिन्हें ख्वाब देखना अच्छा लगता है; उन्हें रात छोटी लगती है; और जिन्हें ख्वाब पूरे करना अच्छा लगता है; उन्हें दिन छोटा लगता है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
इंसान चेहरा तो साफ़ रखता है जिस पर लोगों की नज़र होती है; मगर; दिल को साफ़ नहीं रखता जिस पर ‘अल्लाह’ की नजर होती है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
जिंदगी में आगे बढ़ने के लिए मौसम नहीं मन चाहिए; हर राह आसान हो जायेगी; बस उसे करने के लिए दृढ़-संकल्प चाहिये। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
जिस काम को करने में डर लगता है; उसी को करने का नाम साहस है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
खुदा करे हर रात चाँद बनकर आये; दिन का उजाला शान बनकर आये; कभी दूर न हो आपके चेहरे से हंसी; हर दिन ऐसा मेहमान बनकर आये। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
‘सुबह’ के “फूल खिल” गए; ‘पंछी’ अपने ‘सफ़र’ पे ‘उड़’ गए; ‘सूरज’ आते ही ‘तारे’ भी ‘छुप’ गए; क्या आप अपनी “मीठी नींद” से “उठ गए?” सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
आज का दिन आपको हर वो ख़ुशी दे; जिसकी आप खुदा से उम्मीद रखते हो। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
कभी सुबह सुहानी होगी; जब रात आपकी दीवानी होगी; खूब मिलेंगे दुनिया की राहों में; जो हमसे आपकी कहानी होगी। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
उठकर देखिये सुबह का ‘नजारा;’ हवा भी है ठंडी और मौसम भी है प्यारा; सो गया चाँद और छुप गया हर एक सितारा; “क़बूल हो आपको” सलाम-ए-सुबह हमारा। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
जरा देखना उठ गए साहब नींद से या नहीं ए दिल; सुना है बहुत सोते हैं ये हुस्न वाले। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
ए हवा तू उधर तो जाती होगी; उनको हमारा हाल तो बताती होगी; ज़रा छू कर तो देख उनके दिल को; क्या याद उनको भी हमारी आती होगी। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
हर सुबह की धूप कुछ याद दिलाती है; हर फूल की खुशबु एक जादू जगाती है; मानो ना मानो पर सच है मेरे यार; सुबह होते ही आपकी याद आ जाती है। गुड मॉर्निंग!
सुप्रभात शायरी
सूरज उनको मेरा पैगाम देना; ख़ुशी का दिन और हसी की शाम देना; जब वो देखें तुझे बाहर आकर; तो उनको मेरा सलाम देना। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
इस प्यारी सी सुबह में; प्यारे से मौसम में; प्यारी सी कोयल की आवाज; प्यारी सी हवाओं में; सबसे प्यारे इंसान और सबसे प्यारे दोस्त को; मेरी तरफ से “गुड मॉर्निंग” का पैगाम।
सुप्रभात शायरी
अल्लादीन के पास था एक जादुई जिन; दिल नहीं लगता हमारा आपके बिन; स्टेनलेस स्टील में होता है 0.2% टिन; खुदा करे मस्त जाए आपका आज का दिन। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
जिसकी सुबह अच्छी, उसका दिन अच्छा; जिसकी शाम अच्छी, उसकी रात अच्छी; जिसका दोस्त अच्छा; उसकी पूरी जिंदगी अच्छी। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
दिल को दिल से चुराया तुमने; मुझे अपना बनाया तुमने; कभी भूल नहीं पायेंगे तुम्हें ऐ दोस्त; क्योंकि दोस्ती करना सिखाया तुमने। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
कोशिश करो कि ज़िन्दगी का हर लम्हा अच्छे से अच्छा गुजरे; क्योंकि जिंदगी नहीं रहती पर अच्छी यादें हमेशा जिंदा रहती हैं। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सुबह की शुद्ध हवाओं के साथ; सूरज की किरण; भीनी-भीनी खुशबु के साथ; मुबारक और आपको; एक नये सुन्दर और; कामयाब दिन की शुरुआत। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
मुस्कुराहट तुम्हीं से मिलती है; दर्द को राहत तुम्हीं से मिलती है; रूठना कभी मत हमसे ए दोस्त; हमें जीने की चाहत आपसे ही मिलती है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
वादियों से सूरज निकल आया है; फिजाओं में नया रंग छाया है; खामोश क्यों हो अब तो मुस्कुराओ; आपकी मुस्कान देखने नया सवेरा आया है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
हर सपने को अपनी साँसों में रखो; हर मंजिल को अपनी बाहों में रखो; हर जीत आपकी है; बस अपने लक्ष्य को अपनी निगाहों में रखो। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
जिंदगी कितनी खूबसूरत है ये देखने के लिए हमें ज्यादा दूर जाने की जरुरत नहीं है; जहाँ हम अपनी आँखें खोल लें, वहीं हम इसे देख सकते हैं। गुड मॉर्निंग!
सुप्रभात शायरी
ख़ुशी एक ऐसा चन्दन है; जिसे दूसरे के मस्तक पर लगाने से हमारी; अंगुलियाँ भी अपने आप ही सुगंधित हो जाती हैं। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सुबह का हर पल जिंदगी दे आपको; दिन का हर लम्हा ख़ुशी दे आपको; जहाँ से गम की हवा छूकर भी न गुजरे; खुदा वो जन्नत सी जमीं दे आपको। गुड मॉर्निंग!
सुप्रभात शायरी
आज के लिए सुनहरे शब्द: जिंदगी में अच्छे लोगों की तलाश ना करो; खुद अच्छे बन जाओ; शायद आपसे मिलकर किसी की तलाश पूरी हो जाए। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सुबह जल्दी उठकर; नहा कर साफ़ कपड़े पहनकर; भगवान के सामने बैठकर; आँखें बंद करके सच्चे मन से पूछना; भगवान जब तू अकल बांट रहा था; उस वक्त मैं कहाँ था? गुड मॉर्निंग!
सुप्रभात शायरी
गुलशन में भंवरों का फेरा हो गया; पूरब में सूरज का डेरा हो गया; मुस्कान के साथ आँखें खोल प्यारे; एक बार फिर से सवेरा हो गया। गुड मॉर्निंग!
सुप्रभात शायरी
ताज़ी हवा में फूलों की महक हो; पहली किरण में चिड़ियों की चहक हो; जब भी खोलो तुम अपनी पलकें; उन पलकों में बस खुशियों की झलक हो। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सूरज के बिना सुबह नहीं होती; चाँद के बिना रात नहीं होती; बादल के बिना बरसात नहीं होती; आपकी याद के बिना दिन की शुरुआत नहीं होती। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
दोस्ती एक प्यार भरा पैगाम है; ये तो सबसे खूबसूरत रिश्ते का नाम है; आंसू के बदले हंसी देना इसका काम है; इस मजबूत बंधन को दिल से सलाम है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
तेरी हर सुबह मुस्कुराती रहे; तेरी हर शाम गुनगुनाती रहे; तू जिसे भी मिले इस तरह से मिले; कि हर मिलने वाले को तेरी याद आती रहे। गुड मॉर्निंग!
सुप्रभात शायरी
इन बादलों का मिज़ाज खूब मिलता है मेरे अपनों से; कभी टूट के बरस जाते हैं; तो कभी बे-रुखी से गुजर जाते हैं। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
ईश्वर कहते हैं उदास ना हो मैं तेरे साथ हूँ; सामने नहीं आस पास हूँ; पलकों को बंद कर और दिल से याद कर; मैं कोई और नहीं तेरा विश्वास हूँ।
सुप्रभात शायरी
रात ने चादर समेट ली है; सूरज ने किरणें बिखेर दी है; चलो उठो और शुक्रिया करो अपने भगवान का; जिसने हमें ये प्यारी सुबह दी है। गुड मॉर्निंग!
सुप्रभात शायरी
प्यारी सी सुबह में प्यारे से पंछी; प्यारे सी किरणें, प्यारी सी ओंस की बूँदें; प्यारी सी ठंडी सी हवाओं के साथ; एक प्यारे से दोस्त का प्यारा सा दिन जाये। गुड मॉर्निंग!
सुप्रभात शायरी
सवेरे-सवेरे हो खुशियों का मेला; ना लोगों की परवाह ना दुनिया का झमेला; चिड़ियों की संगीत हो; और मौसम अलबेला; मुबारक हो आपको आज का सवेरा। गुड मॉर्निंग!
सुप्रभात शायरी
नींद आती है सपने लेकर; हमारी दुआ है आज की सुबह आये आपके लिए; बहुत सारी खुशियाँ लेकर। गुड मॉर्निंग!
सुप्रभात शायरी
प्यारी सी मीठी सी निंदिया के बाद; रात के हसीन सपनों के बाद; सुबह के कुछ नये सपनों के साथ; आप हंसते रहें आपके अपनों के साथ। गुड मॉर्निंग!
सुप्रभात शायरी
दांतों को बराबर घिस डालने का; मोती के माफ़िक चमका डालने का; हाथ में एक कप चाय लेकर; सभी दोस्त लोगों को बोल डालने का; “सुबह हो गई मामू।” गुड मॉर्निंग!
सुप्रभात शायरी
तेरी सोच ने तुझे महदूद रखा है ए दोस्त; वर्ना हम तुझे तेरी सोच से भी ज्यादा याद करते हैं। गुड मॉर्निंग!
सुप्रभात शायरी
मीठी नींद से आप उठ जाओ; हकीकत की दुनिया में आ जाओ; सूरज आया है नए काम के साथ; चलो उठो और आप भी काम पर लग जाओ। गुड मॉर्निंग!
सुप्रभात शायरी
नींद आती है सपने लेकर; हमारी दुआ है कि; आज की सुबह आये आपके लिए; बहुत सारी खुशियाँ लेकर। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
गुजर गई वो सितारों वाली सुनहरी रात; आ गई याद वही तुम्हारी प्यारी सी बात; अक्सर होती रहती थी हमारी मुलाक़ात; बिन आपके होती है अब तो दिन की शुरुआत। गुड मॉर्निंग!
सुप्रभात शायरी
सुप्रभात का उजाला सदा आपके साथ हो; हर दिन का एक-एक पल आपके लिए कुछ ख़ास हो; दुआ हमेशा निकलती है दिल से आपके लिए; ढ़ेरों खुशियों का खजाना आपके पास हो। गुड मॉर्निंग!
सुप्रभात शायरी
एक नई सी सुबह चुरा के लाये हैं; दिल में एक नया एहसास भरने आये हैं; नींद की खामोशी में जो लिपटे हुए हैं; उन्हें प्यार से जगाने आये हैं। गुड मॉर्निंग!
सुप्रभात शायरी
दो अक्षर का होता है लक; ढाई अक्षर का होता है भाग्य; तीन अक्षर का होता है नसीब; साढ़े तीन अक्षर का होती है किस्मत; पर ये सब चार अक्षर की मेहनत से होते हैं। गुड मॉर्निंग!
सुप्रभात शायरी
ए हवा तू उधर जाती होगी; उनको हमारा हाल तो बताती होगी; जरा छूकर तो देख उनके दिल को; क्या याद उनको भी हमारी आती होगी। गुड मॉर्निंग!
सुप्रभात शायरी
सुबह का हर पल अरमान बनके आये; दिन का उजाला नई शान बनकर आये; चमकती रहे आपके चेहरे पर हंसी; हर नया दिन ऐसा मेहमान बनकर आये। गुड मॉर्निंग!
सुप्रभात शायरी
फिजा में महकती शाम हो तुम; प्यार में झलकता जाम हो तुम; सीने में छुपाए फिरते हैं हम यादें तुम्हारी; इसलिए मेरी जिंदगी का दूसरा नाम हो तुम। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
नया सवेरा नई किरण के साथ; नया दिन एक प्यारी सी मुस्कान के साथ; आपको नया दिन मुबारक हो; ढ़ेर सारी दुआओं के साथ। गुड मॉर्निंग!
सुप्रभात शायरी
हर सुबह की धूप कुछ याद दिलाती है; हर फूल की खुशबु एक जादू जगाती है; मानों ना मानों पर सच है मेरे यार; सुबह होते ही आपकी याद आ जाती है। गुड मॉर्निंग!
सुप्रभात शायरी
लोग रूप देखते हैं; हम दिल देखते हैं; लोग सपना देखते हैं; हम हक़ीकत देखते हैं; बस फर्क इतना है कि; लोग दुनिया में दोस्त देखते हैं; हम दोस्तों में दुनिया देखते हैं। गुड मॉर्निंग!
सुप्रभात शायरी
रात का अंधेरा एक ख्वाब लाता है; दिन का उजाला एक इंतजार लाता है; आप साथ हो न हों; हवा का हर झोंका आपका एहसास लाता है। गुड मॉर्निंग!
सुप्रभात शायरी
सुना है किसी को “गुड मॉर्निंग” कहो तो उसकी सुबह अच्छी होती है; पर हमने तो ये महसूस किया है कि “गुड मॉर्निंग” आपको कहें, तो दिन हमारा अच्छा होता है। गुड मॉर्निंग!
सुप्रभात शायरी
जिंदगी गुजरे हँसते-हँसते; प्यार और ख़ुशी मिले रस्ते-रस्ते; हो मुबारक आपको नया सवेरा; कबूल करें हमारा सलाम-नमस्ते। गुड मॉर्निंग!
सुप्रभात शायरी
कोई-कोई शख्स इतना ख़ास होता है; नजरों से दूर पर यादों में पास होता है; कभी-कभी ही आता है मैसेज उनका; पर हर मैसेज से अपनेपन का एहसास होता है। गुड मॉर्निंग!
सुप्रभात शायरी
जन्म अपने हाथ में नहीं; मरना अपने हाथ में नहीं; पर जीवन को अपने तरीके से जीना अपने हाथ में होता है; मस्ती करो मुस्कुराते रहो; सबके दिलों में जगह बनाते रहो। गुड मॉर्निंग!
सुप्रभात शायरी
सोचते हैं कि गुलाब भेज दें; चाहते तो हैं कि सारा जहाँ भेज दें; मैं तो जा रहा हूँ सोने; दिल तो करता है आपकी पलकों पे एक प्यारा सा ख्वाब भेज दें। गुड मॉर्निंग!
सुप्रभात शायरी
दिल में अपने एक अरमान लगाये बैठे हैं; भीड़ में दुनिया की अपनी पहचान बनाये बैठे हैं; ना होना कभी उदास अए मेरे दोस्त; दिल में आपकी हंसी की आस लगाये बैठे हैं। गुड मॉर्निंग!
सुप्रभात शायरी
रात ने चादर समेट ली है; सूरज ने किरणे बिखेर दी है; चलो उठो और शुक्रिया करो अपने भगवान का; जिसने हमें ये प्यारी सी सुबह दी है। गुड मॉर्निंग!
सुप्रभात शायरी
दीपक में अगर नूर न होता; तन्हा दिल मजबूर न होता; हम आपको “गुड मॉर्निंग” कहने जरूर आते; अगर आपका घर इतना दूर न होता। गुड मॉर्निंग!
सुप्रभात शायरी
सुबह-सुबह सताना अच्छा लगता है; मीठी नींद से जगाना अच्छा लगता है; जब याद आती है किसी की; तब उसे भी अपनी याद दिलाना अच्छा लगता है। गुड मॉर्निंग!
सुप्रभात शायरी
कलियों के खिलने के साथ; एक प्यारे एहसास के साथ; एक नए विश्वास के साथ; आपका दिन शुरू हो, एक मीठी मुस्कान के साथ। गुड मॉर्निंग!
सुप्रभात शायरी
आपका ‘मुस्कुराना’ हर रोज हो; कभी चेहरा ‘कमल’ तो कभी ‘रोज’ हो; 100 पल ख़ुशी हज़ार पल ‘मौज़’ हो; बस ऐसा ही दिन आपका हर ‘रोज़’ हो। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
फूलों के खिलने का वक्त हो गया; सूरज के निकलने का वक्त हो गया; मीठी सी नींद से जागो सपनों से; हकीकत में आने का वक्त हो गया। गुड मॉर्निंग!
सुप्रभात शायरी
सुबह आँख खोली तो प्यारी सी सुबह बोली; उठकर देख क्या नजारा है; मैंने कहा रुक पहले सलाम भेज दूं उस दोस्त को; जो सुबह से भी प्यारा है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
ताज़ी हवा में फूलों की महक हो; पहली किरण में चिड़ियों की चहक हो; जब भी खोलो तुम अपनी पलकें; उन पलकों में बस खुशियों की झलक हो। सुप्रभात!
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उठकर देखिये सुबह का नज़ारा; हवा भी है ठंडी मौसम भी है प्यारा; सो गया चाँद और छुप गया हर एक तारा; कबूल करिए आप “सलाम-ऐ-सुबह हमारा।” गुड मॉर्निंग!
सुप्रभात शायरी
सलाम-ए-सुबह; ‘नेकी’ करके उसे ऐसे भूल जाया करो; जैसे ‘गुनाह’ के वक्त अपने ‘रब’ को भूल जाते हो। गुड मॉर्निंग!
सुप्रभात शायरी
आज कुछ शर्माए से लगते हो; सर्दी के कारण कपकपाए से लगते हो; चेहरा भी आपका खिल उठा है; हफ्ते के बाद नहाये से लगते हो। गुड मॉर्निंग!
सुप्रभात शायरी
कायनात के सारे रंग; सारे रंगों के फूल; फूलों की सारी खुश्बू; खुश्बू की सारी ख़ुशी; ख़ुशी के हर लम्हें; और इन लम्हों से भरपूर; ज़िन्दगी की दुआ सिर्फ आपके नाम। गुड मॉर्निंग
सुप्रभात शायरी
लोग कहते हैं अगर सुबह अच्छे लोगों को याद किया जाए तो दिन बड़ा अच्छा गुजरता है; तो मैंने सोचा आपको अपनी याद दिला दूं। गुड मॉर्निंग!
सुप्रभात शायरी
खिलखिलाती सुबह, ताज़गी से भरा सवेरा है; फूलों और बहारों ने आपके लिए रंग बिखेरा है; सुबह कह रही है जाग जाओ; आपकी मुस्कुराहट के बिना सब अधूरा है। गुड मॉर्निंग!
सुप्रभात शायरी
नई सी सुबह नया सा सवेरा; सूरज की किरणों में हवाओं का बसेरा; खुले आसमान में सूरज का चेहरा; मुबारक हो आपको ये हसीन सवेरा। गुड मॉर्निंग!
सुप्रभात शायरी
आपकी हर सुबह मुस्कान के साथ हो; आपकी हर शाम खुशियों से भरी हो; तू जो पाना चाहे वो तुझे आसानी से मिले; यही मेरी दिल से कामना है। गुड मॉर्निंग!
सुप्रभात शायरी
नयी सुबह, नया सवेरा; सूरज की किरणों में हवाओं का बसेरा; खुले आसमान में सूरज का चेहरा; ख़ुशी दे आपको ये हसीन सवेरा। गुड मॉर्निंग!
सुप्रभात शायरी
हर सुबह आपको सलाम दे; हर फूल आपको मुस्कान दे; हम दुआ करते हैं कि; ख़ुदा आपको नए सवेरे के साथ क़ामयाबी का नया आसमान दे। गुड मॉर्निंग!
सुप्रभात शायरी
लबों पे मुस्कान आँखों में ख़ुशी; गम का कहीं काम ना हो; हर दिन लाये आपके लिए इतनी खुशियाँ; जिसके ढलने की कोई शाम ना हो। गुड मॉर्निंग!
सुप्रभात शायरी
भुला देना उसे जो रुला जाये; याद रखना उसे जो निभा जाये; वादा आपसे करेंगे बहुत लोग; मगर दिल की बात कहना उसी से, जिसके बिना एक पल भी न रहा जाये। गुड मॉर्निंग!
सुप्रभात शायरी
धड़कन हमारी तुमसे जो कहे; साँसों को भी उसकी खबर न लगे; बहुत खूबसूरत है दोस्ती हमारी; दुआ है खुदा से इसको किसी की नजर न लगे। गुड मॉर्निंग!
सुप्रभात शायरी
ज़िन्दगी गुज़रे आपकी हँसते-हँसते; प्यार और ख़ुशी मिले रस्ते-रस्ते; हो मुबारक आपको नया सवेरा; क़बूल करें हमारी सलाम-नमस्ते। गुड मॉर्निंग!
सुप्रभात शायरी
नाम आपका पल-पल लेता है कोई; याद आपको हर पल करता है कोई; एहसास तो शायद आपको भी है; कि दूर रह कर भी आपको हर पल याद करता है कोई। गुड मॉर्निंग!
सुप्रभात शायरी
भूलकर आपको जायेंगे कहाँ; एक पल भी जमीं पर जी पायेंगे कहाँ; मुस्कुराहट है जिंदगी में; बिना आपके हम खुश रह पायेंगे कहाँ। गुड मॉर्निंग!
सुप्रभात शायरी
ख़ुदा करे हर रात चाँद बन के आए; दिन का उजाला शान बन के आए; कभी दूर न हो आपके चेहरे से हँसी; नया दिन ऐसा मेहमान बन के आए। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सुबह सुबह सूरज का साथ हो; परिंदों की आवाज़ हो; हाथ में चाय और यादों में आप हों; खुश नुमा सुबह की क्या बात हो। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
ऐ चाँद मेरे दोस्त को एक तोहफ़ा देना; तारों की महफ़िल संग रौशनी करना; छुपा लेना अंधेरों को; हर रात के बाद एक खूबसूरत सवेरा देना। सुप्रभात!
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उगता हुआ सूरज दुआ दे आपको; खिलता हुआ फूल खुश्बू दे आपको; हम तो कुछ भी देने के काबिल नहीं; देने वाला हज़ार ख़ुशियाँ दे आपको। सुप्रभात!
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हर सुबह की धुप कुछ याद दिलाती है; हर फूल की खुश्बू एक जादू जगाती है; मानो या ना मानो पर सच है मेरे यार; सुबह होते ही मेरी याद आती है। सुप्रभात!
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सुप्रभात का उजाला सदा आपके साथ हो; हर दिन का एक एक-पल आपके लिए कुछ ख़ास हो; दुआ हमेशा निकलती है दिल से आप के लिए; बस खुशियों का खज़ाना आपके पास हो। सुप्रभात!
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पानी की बूंदें फूलों को भिगो रही हैं; ठंडी लहरें एक ताज़गी जगा रही हैं; हो जाएँ आप भी इनमें शामिल; एक प्यारी सी सुबह आपको जगा रही है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
गुज़र गई वो सितारों वाली सुनहरी रात; आ गई याद वो तुम्हारी प्यारी सी बात; अक्सर होती रहती थी हमारी मुलाक़ात; बिन आपके होती है अब तो दिन की शुरुआत। सुप्रभात
सुप्रभात शायरी
इस ताज़ी हवा में फूलों की महक हो; पहली किरण में चिड़ियों की चहक हो; जब भी खोलो आप अपनी पलकें; उन पलकों में बस खुशियों की झलक हो। गुड मॉर्निंग!
सुप्रभात शायरी
सुबह का हर पल ज़िंदगी दे आपको; दिन का हर लम्हा खुशी दे आपको; जहाँ ग़म की हवा छू कर भी न गुज़रे; ख़ुदा वो जन्नत सी ज़मीन दे आपको। सुप्रभात
सुप्रभात शायरी
सुबह होते ही जब दुनिया आबाद होती है; आँख खुलते ही आपकी याद आती है; खुशियों के फूल हो आपके आँचल में; ये मेरे होंठों पर पहली फ़रियाद होती है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
लबों पर मुस्कान, आँखों में ख़ुशी; गम का कहीं नाम ना हो; हर दिन लाए आपके लिए इतनी ख़ुशियाँ; जिसके ढलने की कोई शाम ना हो। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
मौसम की बहार अच्छी हो; फूलों की कलियाँ अच्छी हों; हमारे ये रिश्ते सच्चे हों; ऐ रब तेरे से बस एक दुआ है; कि मेरे यार की हर सुबह अच्छी हो। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
जब दिन की शुरुआत हो; एक दिलरुबा मेरे साथ हो; उसके हाथों में मेरा हाथ हो; और पूरा दिन प्यार भरी मुलाकात हो। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
गुलशन में भंवरों का फेरा हो गया; पूरब में सूरज का डेरा हो गया; मुस्कान के साथ आँखें खोल प्यारे; एक बार फिर से सवेरा हो गया। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
आपका मुस्कुराना हर रोज़ हो; कभी चेहरा कमल तो कभी रोज हो; 100 पल ख़ुशी, 1000 पल मौज हो; बस ऐसा ही आपका दिन हर रोज़ हो। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
नए दिन की नई सुबह का नया नया अंदाज़; सारे दिन की झोली में कुछ छुपे हुए हैं राज़; तुझको मुझ को हर किसी को मिलना है कुछ आज; तो आओ यारो ख़ुशी ख़ुशी कर लें दिन का आगाज़। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सूरज की पहली किरण ख़ुशी दे आपको; दूसरी किरण हंसी दे आपको; तीसरी किरण तंदरुस्ती और कामयाबी; बस अब ज्यादा नहीं, वरना गर्मी लगेगी आपको। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
ना मंदिर ना भगवान; ना पूजा ना स्नान; दिन होते ही हमारा सबसे पहला काम; एक प्यारा सा संदेश अपने दोस्तों के नाम। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
प्यारी सी मीठी सी नींद के बाद; रात के कुछ लम्हो के बाद; सुबह के नए सुनहरे सपनों के साथ; दुनियाँ में कुछ अपनों के साथ; आपको प्यारी सी सुप्रभात। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
खिलखिलाती सुबह, ताज़गी से भरा सवेरा है; फूलों और बहारों ने आपके लिए रंग बिखेरा है; सुबह कह रही है जाग जाओ; आपकी मुस्कराहट के बिना सब अधूरा है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
बहारों का समय होता है आपके आने से; फूल खिलते हैं आपकी आहट से; ज्यादा मत सोईए जनाब; क्योंकि हर सुबह होती है आपके मुस्कुराने से। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सूरज तुम उनको मेरा पैगाम देना; ख़ुशी का दिन और हँसी की शाम देना; जब वो देखे तुझे बाहर आ कर; तो उनको मेरा सलाम देना! सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
फूलों की वादियों में हो बसेरा आपका; सितारों के आँगन में हो सवेरा आपका; दुआ है एक दोस्त की दोस्त के लिए; हमसे भी खूबसूरत हो नसीब आपका। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
प्यारी सी मीठी सी निंदिया के बाद; रात के कुछ सपनों के बाद; सुबह की कुछ उम्मीदों के साथ; आपको प्यार भरी सुप्रभात! सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
फूलों ने अमृत का जाम भेजा है; सूरज ने गगन से सलाम भेजा है; मुबारक हो आपको नयी सुबह; तहे-दिल से हमने यह पैगाम भेजा है।
सुप्रभात शायरी
मौसम की बहार अच्छी हो; फूलों की कलियां कच्ची हो; हमारी यह दोस्ती सच्ची हो; बस एक ही दुआ है मेरे दोस्त की हर सुबह अच्छी हो। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सुबह का मौसम जैसे जन्नत का एहसास; आँखों में नींद और चाय की तलाश; जागने की मज़बूरी थोड़ा और सोने की आस; पर आपका दिन शुभ हो हमारी सुप्रभात के साथ। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
रात ने चादर समेट ली है; सूरज ने किरने बिखेर दी हैं; चलो उठो और धन्यवाद करो अपने भगवान का; जिसने हमें यह प्यारी सी सुबह दी है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सुबह के फ़ूल खिल गए; पंछी अपने सफ़र पे उड़ गए; सूरज आते ही तारे छुप गए; क्या आप भी मीठी नींद से उठ गए। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
खिलते फूल जैसे लबों पर हंसी हो; ना कोई गम हो ना कोई बेबसी हो; सलामत रहे ज़िंदगी का यह सफ़र; जहाँ आप रहो वहाँ बस ख़ुशी ही ख़ुशी हो! सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
बड़े अरमां से बनवाया है, इसे रौशनी से सजाया है; बहुत दूर से मंगवाया है; ज़रा खिड़की खोल के देखो; आपको सुप्रभात कहने सूरज आया है! सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सुबह-सुबह सूरज का साथ हो; परिंदों की आवाज़ हो; हाथ में चाय और यादों में आप हो; उस खुशनुमा सुबह की क्या बात हो! सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
फ़िज़ा बनकर आपके करीब आये हैं; एक प्यारी सुबह आपके लिए लाए हैं; नई उम्मीदों के साथ जीवन की नई शुरुआत कीजिए; हज़ारों दुआ अपने संग लाए हैं। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
उठ कर देखिए सुबह का नज़ारा; हवा भी है ठंडी, मौसम भी है प्यारा; सो गया चाँद, और छुप गया हर एक सितारा; क़बूल हो आपको सलाम-ए-सुबह हमारा! सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
फूलों की वादियों में हो बसेरा आपका; सितारों के आँगन में हो सवेरा आपका; दुआ है एक दोस्त की दोस्त के लिए; सबसे खूबसूरत हो सवेरा आपका! सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
रात पे सवेरा छा गया; सूरज रौशनी के साथ आ गया; यह माहौल सुबह का सब को भा गया; और आप ने आँख खोली तो सन्देश हमारा आ गया। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सुबह के फूल खिल गए; पंछी अपने सफ़र पे उड़ गए; सूरज के आते ही तारे छुप गए; क्या आप भी मीठी नींद से उठ गए! सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
लो आज हम ने आप को पहले याद किया; इस खूबसूरत सुबह को आप के नाम किया; अच्छा गुज़रे यह दिन आप का; दिल से हमने यह पैगाम दिया। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
प्यारी सी सुबह में प्यारे से पंछी; प्यारे से किनारे, प्यारी सी ओंस की बूँदें; प्यारी सी ठंडी हवाएँ; एक प्यारे से दोस्त को प्यारा सा दिन दे जाए। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
नूर से आज चाँद भी शरमाया है; आप की दोस्ती ने ऐसा गजब ढाया है; ख़ुदा से क्या मांगू आपको; ख़ुदा ने भी खुद आप जैसा दोस्त मंगाया है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
आँखें खोलो सुबह हो गई; सारी दुनियाँ खूब सो चुकी; अब और ना कोई बात करो; मेरे सुप्रभात संदेश के साथ अपने दिन की शुरुआत करो! सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
खुदा करे हर मंज़िल हो कायम आपकी; हर सूरत हो गुलाम आपकी; हम तो यही दुआ करते हैं, सुनहरी हो सुबह और रौशन हो शाम आपकी! सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
वादियों से सूरज निकल आया है; फ़िज़ायों में नया रंग छाया है; अब तो मुस्कुरा दो मेरे दोस्त; क्योंकि आपको सुप्रभात कहने के लिए मेरा संदेश आया है! सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
बादल के साथ बरसात फ्री; सूरज के साथ रौशनी फ्री; चाँद के साथ तारे फ्री; और इस संदेश के साथ सुप्रभात फ्री! सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
हर सुबह आपको सलाम दे; हर फूल आपको मुस्कान दे; हम दुआ करते हैं कि, ख़ुदा आपको नए सवेरे के साथ क़ामयाबी का नया आसमान दे। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
पैगाम है ये दिल से दिल तक; आसमां के तारों से समंदर के साहिल तक; हम तो साथ हैं ख़ुशी से ग़म तक; बस आप खुश रहें सुबह से शाम तक! सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
प्यारे से दोस्त को सलाम हमारा; आप कैसे हैं, सवाल हमारा; याद करते रहेंगे यह वादा हमारा; फ़िलहाल कबूल कीजिए सुप्रभात हमारा! सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सूरज की पहली किरण, दिन का पहला पहर; पंछियों की पहली चहचहाट, धूप का पहला रंग; हवा की ठंडी सनसनाहट, सुबह का पहला खुमार। हमारी तरफ से आप सब को सुप्रभात! सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
ख़ुशी का हर पल हो तुम्हारे लिए; बहारों का गुलिस्तां हो तुम्हारे लिए; कामयाबी की मंज़िल हो तुम्हारे लिए; बस एक पल तुम्हारा हो हमारे लिए! सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
लोग कहते हैं कि सुबह-सुबह अच्छे लोगों को याद करने से दिन अच्छा गुज़रता है। इसलिए मैंने सोचा कि आपको अपनी याद दिल दूँ। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
जा चूका है अँधेरा; रौशनी ने दिया है पहरा; आपका और मेरा रिश्ता है गहरा; मेरी तरफ से आपको हैप्पी सवेरा! सुप्रभात
सुप्रभात शायरी
रहना तो चाहते थे साथ उनके; पर इस ज़माने ने रहने ना दिया; कभी वक़्त की ख़ामोशी में खामोश रहे; तो कभी उनकी खामोशी ने कुछ कहने ना दिया। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
आप तो मंज़िल को मुश्किल समझते हैं; हम आपको मंज़िल समझते हैं; बड़ा फर्क है आपके और हमारे नज़रिए में; आप हमें सपना और हम आप को अपना समझते हैं! सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
चाहे आप सिर पीटो; चाहे गुस्सा करो चाहे आप बिस्तर पे कूदो; या मोबाइल उठा के फ़ेंक दो; हम तो इतने बजे ही गुड मॉर्निंग कहेंगे! सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
उदास ना होना क्योंकि मैं साथ हूँ; सामने ना सही पर आस-पास हूँ; पलकों को बंद करो जब भी देखोगे; मैं हर पल तुम्हारे साथ-साथ हूँ। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सुबह-सुबह सूरज का साथ हो; गुन-गुनाते पंछी की आवाज़ हो; हाथ में कॉफ़ी और यादों में कोई ख़ास हो; उस सुबह की पहली याद आप हो! सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
फूलों की तरह हंसते रहो, तो हम खुश हैं; दिल खोलकर जीते रहो, तो हम खुश हैं; यह नहीं कहते कि रोज मिलो; बस हर दिन याद कर लिया करो, तो हम खुश हैं। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
एक नई सी सुबह चुरा के लाए हैं; दिल में एक नया एहसास भरने आए हैं; नींद की ख़ामोशी में जो लिपटे हुए हैं; उन्हें प्यार से जगाने आए हैं! सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
ताज़ी हवा में फूलों की महक हो; पहली किरण में चिड़ियों की चहक हो; जब भी खोलो तुम अपनी पलकों को; उन पलकों में बस ख़ुशियों की झलक हो! सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सूरज की किरण रौशनी लाती है; उठते ही आपकी याद आती है; हम तो जाग गए आपकी यादों की दस्तक से; अब देखना है आपको हमारी याद कब आती है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सुबह सुबह ज़िन्दगी की शुरुआत होती है; किसी अपने से बात हो तो खास होती है; हंस के प्यार से अपनों को सुप्रभात बोलो तो; खुशियाँ अपने आप साथ होती हैं! सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सोया रहने दे मेरे दोस्त को यूँ नींद के ठंडे आग़ोश में; कहीं वो उठ ना जाए ऐ सूरज ज़रा ठहर के निकलना। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
फूल बिना खुशबू बेकार है; चाँद बिना चाँदनी बेकार है; प्यार बिना ज़िंदगी बेकार है; और मेरे सुप्रभात संदेश के बिना आपका दिन बेकार है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
प्यारी-प्यारी सुबह है, बूँदों की बरसात है; हवा भी थोड़ी ठंडी है, मौसम भी अनुकूल है; प्यारी-प्यारी सुबह है, बस कहना सुप्रभात है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
आज सुबह सूरज बिलकुल आप जैसा निकला; बिलकुल वही खूबसूरती; वही नूर, वही गुरूर, वही सरूर; और वही आपकी तरह हमसे दूर। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सुबह का मौसम और आपकी याद; हलकी सी ठंडक और चाय की प्यास; यारों की यारी और यारी की मिठास; शुरू कीजिए अपना दिन मेरी सुप्रभात के साथ। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
ना सर्दी ना जुकाम; ना नमस्ते ना सलाम; सुबह होते ही हमारा सबसे पहला काम; एक प्यारा सा संदेश आपके नाम। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
नई सी सुबह नया सा सवेरा; सूरज की किरणों में हवाओं का बसेरा; खुले आसमान में सूरज का चेहरा; मुबारक हो आपको ये हसीन सवेरा। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सुबह में कोई मेरा संदेश आए तो; यूँ ना समझना मैने आपको परेशान किया; इसका मतलब है आप वो ख़ास हैं; जिसे मैंने अपनी आँखें खुलते ही याद किया! सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सुप्रभात का उजाला सदा आपके साथ हो; हर दिन का एक-एक पल आप के लिए कुछ ख़ास हो; दुआ हमेशा निकलती है दिल से आपके लिए; ढेर खुशियों का खज़ाना आपके पास हो। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
तुम जिसे चाहो अपना अंदाज़ दे देना; हक़ इतना सा मुझे आज दे देना; नज़रें दुनियां की जब तुम्हें तन्हा छोड़ दें; बस उस मोड़ पर मुझे एक आवाज़ दे देना।
सुप्रभात शायरी
सुबह-सुबह की पहली सुनहरी किरण; मेरे ऊपर आई और कान में धीरे से कहा; कि चलो अब जल्दी से उठ जाओ; दोस्तों को तंग करने का टाइम हो गया है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
दिल में चाहत का होना जरूरी है; वरना याद तो रोज दुश्मन भी किया करते हैं। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
एक और प्यारी सी सुबह हो गई; ज़िंदगी की खुशनुमा फ़िज़ा हो गई; मुबारक हो आपको आज का दिन; जिसमें शामिल आपकी दुआ हो गई। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
जा चूका है अँधेरा; रौशनी ने दे दिया है पहरा; आपका और मेरा रिश्ता है गहरा; मेरी तरफ से आपको शुभ सवेरा।
सुप्रभात शायरी
ज़िंदगी किसी के लिए नहीं रूकती, बस जीने की वजह बदल जाती है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
ये भी एक दुआ है खुदा से; किसी का दिल ना दुखे मेरी वजह से; ऐ खुदा कर दे कुछ ऐसी इनायत मुझ पर, कि खुशियाँ ही खुशियाँ मिलें सबको मेरी वजह से। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
नई उम्मीदों से सुबह की बात करते हैं; हाथ से हाथ मिलाने की बात करते हैं; आशाओं तम्मनाओं का नाम ही है जीना; कुछ ऐसे ही जीने की बात करते हैं। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सुबह के फूल खिल गए; पंछी अपने सफ़र पर उड़ गए; सूरज आते ही तारे छुप गए; लगता है आप भी अपनी मीठी नींद से उठ गए। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
अज़ीज़ भी वो हैं, नसीब भी वो हैं; दुनिया की भीड़ में करीब भी वो हैं; उनके आशीर्वाद से हैं चलती ज़िंदगी; खुदा भी वो हैं और तकदीर भी वो हैं। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
इस प्यारी सी सुबह में, प्यारे से मौसम में; प्यारी सी कोयल की आवाज, प्यारी सी हवाओं में; सबसे प्यारे इंसान और सबसे प्यारे दोस्त को प्यारी सी सुप्रभात। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सुबह-सुबह जब कोई पैगाम आता है; दिल कहता है कोई तुझे भी याद करता है; पढ़ के मैसेज चेहरा गुलाब की तरह खिल जाता है; यही होता है जब कोई अपना आपको दिल से याद करता है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
जिन्हें ख्वाब देखना अच्छा लगता है, उन्हें रात छोटी लगती है; और जिन्हें ख्वाब पूरे करना अच्छा लगता है, उन्हें दिन छोटा लगता है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सजती रहे खुशियों की महफ़िल; लेकिन हर ख़ुशी सुहानी रहे; आप जिंदगी में इतने खुश रहें; कि हर ख़ुशी आपकी दीवानी रहे। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सुहानी सुबह में सूरज का साथ हो; गुन-गुनाते पंछियों की आवाज हो; हाथ में चाय का प्याला हो; और मन में एक दूसरे की याद हो; ऐसी ही हमारी और तुम्हारी सुप्रभात हो। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
रात गुजरी फिर महकती सुबह आई; दिल धड़का फिर तुम्हारी याद आई; आँखों ने महसूस किया उस हवा को; जो तुम्हें छू कर हमारे पास आई। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
जब भी आप दिल से मुस्कुरायोगे; मुस्कुराहट में मेरी सूरत पाओगे; हम ना छोड़ेंगे साथ कभी आपका; जिस तरफ देखोगे, हम को ही पाओगे। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
इस क़दर दूर होकर दूरियां बढ़ाया नहीं करते; चाहने वालों को इस क़दर तड़पाया नहीं करते; सुबह उठते ही जो सोचे सिर्फ नाम आपका; उनको बे-वजह यूँ सताया नहीं करते। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
अच्छे लोगों की सबसे बड़ी खूबी यह होती है कि उन्हें याद रखना नहीं पड़ता, वो याद रह जाते हैं। आपका दिन मंगलमय हो! सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
मौसम की बहार अच्छी हो; फूलों की कलियाँ कच्ची हों; हमारे ये रिश्ते सच्चे हों; ऐ रब तेरे से बस एक दुआ है; कि मेरे यार की हर सुबह अच्छी हो। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
उजाला काफी हो चुका है; उस शमा को बुझा दो; एक हसीं सुबह राह देख रही है आपकी; बस पलकों को हलके से उठा दो। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
ये राहें ले ही जाएंगी मंज़िल तक, हौंसला रख; कभी सुना है कि अँधेरे ने सवेरा होने न दिया हो। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
फूलों की वादी में हो बसेरा आपका; सितारों के आँगन में हो घर आपका; दुआ है एक दोस्त की यही कि; सारे जहां से खूबसूरत हो सवेरा आपका। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सुबह-सुबह एक पैगाम देना है; आपको सुबह का पहला सलाम देना है; गुज़रे सारा दिन आपका ख़ुशी में; आपकी सुबह को खूबसूरत सा नाम देना है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
जैसे नींद आती है सपने लेकर…काश! वैसे ही आज की सुबह आए, आपके लिए बहुत सारी खुशियाँ लेकर। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सेवा करने की शिक्षा सूर्य से लेनी चाहिए; जो हमेशा नित्य प्रतिदिन संसार को रौशन करने के लिए प्रकट हो जाता है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
नई सुबह इतनी सुहानी हो जाए; आपके दुखों की सारी बातें पुरानी हो जाएं; दे जाए इतनी खुशियां ये दिन आपको; कि ख़ुशी भी आपकी मुस्कुराहट की दीवानी हो जाएं। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
हर सुबह तेरी मुस्कुराती रहे; हर शाम तेरी गुनगुनाती रहे; मेरी दुआ हैं की तू जिस भी मिलें; हर मिलने वाले को तेरी याद सताती रहे। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सुबह शाम तेरी चाहत करूँ; तुझसे ना कभी कोई शिकायत करूँ; तेरे हसीं लबों पे यूं ही मुस्कान बरक़रार रहे सदा; मुझमे समाये रहो मेरी धड़कन बनकर; चाहकर भी तुझको खुद से जुदा ना करूँ। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
रात की तन्हाई में तो हर कोई याद कर लेता है ए दोस्त; सुबह उठते ही जो याद आये दोस्ती उसे कहते हैं। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
हर सुबह की धूप कुछ याद दिलाती है; हर फूल की खुशबू एक जादू जगाती है; तुम मानो न मानो पैर यह सच है मेरे यार; सुबह होते ही तुम्हारी याद आ जाती है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सुबह की हलकी रौशनी, परिंदो के सुरीले गीत, हवा के मधेयम झोंके, रंग बिरंगे फूलों की दीद। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सूरज निकल रहा है पूरब से; दिन शुरू हुआ आपकी याद से; कहना चाहते हैं हम आपको दिल से; हर दिन हो जाये अच्छा आपकी प्यारी सी मुस्कान से। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
नयी-नयी सुबह, नया-नया सवेरा; सूरज की किरणों में हवाओं का बसेरा; खुले आसमान में सूरज का सवेरा; मुबारक़ हो आपको ये हसीं सवेरा।
सुप्रभात शायरी
हर फूल आपको अरमान दे; हर सुबह आपको सलाम दे; अगर आपका एक आँसू भी निकले, तो खुदा आपको उससे दोगुनी मुस्कान दे। सुप्रभात।
सुप्रभात शायरी
बहार आती है आपके गुन गुनाने से; फूल खिलते हैं आपके मुस्कुराने से; अब जाग भी जाओ, मेरे प्यारे दोस्त; क्योंकि हर सुबह होती है आपके चह-चहाने से। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
ताज़ी हवा में फूलों की महक हो; पहली किरण में चिड़ियों की चहक हो; जब भी खोलो आप अपनी पलकें, उन पलकों में बस खुशियों की झलक हो। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सूरज तू उनको मेरा पैगाम देना; ख़ुशी का दिन और हंसी की सुबह देना; जब वो देखें तुझे बाहर आकर; तो उनको मेरा सुप्रभात कहना।
सुप्रभात शायरी
हर सुबह निकल पड़ता है जो खुद की तलाश में; वो खोई हुई सी एक पहचान हूँ मैं; ना आँखों में ख्वाब है ना दिल में तमन्ना कोई; अपनी बनाई हुई राहों से ही अनजान हूँ मैं। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
जो वादा किया है तो निभायेंगे; सूरज की किरण बनकर तेरी चौखट पर आयेंगे; हम हैं तो किस बात का ये ग़म; तेरी हर सुबह को फूलों से सजायेंगे। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
ये खूबसूरत फ़िज़ाओं में फूलों की खुशबु हो; सुबह की किरण में पंछियों की आवाज़ हो; कभी भी खोलो अपनी ये निगाहें; उन निगाहों में सिर्फ खुशियों की झलक हो। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सुबह का उजाला हर आपके साथ हो; हर दिन का एक-एक पल आपके लिए कुछ खास हो; दुआ हर पल निकलती है सच्चे दिल से; ढेरों खुशियों का खज़ाना आपके पास हो। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
आसमान में सूरज निकल आया है; फ़िज़ाओं में एक नया रंग छाया है; ज़रा मुस्कुरा दो, न यूँ खामोश रहो; आपकी मुस्कान को देखने ही तो, यह हसीन सवेरा आया है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सुबह होते ही जब दुनिया आबाद होती है; आँख खुलते ही आपकी याद आती है; खुशियों के फूल हों आपके आँचल में; मेरे होंठों पे यही पहली फरियाद होती है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
तुम्हारी पसंद हमारी चाहत बन जाये; तुम्हारी मुस्कुराहट दिल की राहत बन जाये; खुदा खुशियों से इतना खुश कर दे आपको; कि आपको खुश देखना हमारी आदत बन जाये। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
ऐसे ख़ुशियों से तेरा नाता गहरा हो; तू जहाँ रखे कदम तो रौशन चार-चुफेरा हो; तू सोये तो मन-पसंद सपने देखे; जब आँख खुले तो सब कुछ तेरा हो। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
जैसे सूरज के बिना सुबह नहीं होती; चाँद के बिना रात नहीं होती; बादल के बिना बरसात नहीं होती; वैसे ही आपकी याद के बिना दिन की शुरुआत नहीं होती। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सुबह होते ही जब दुनिया आबाद होती है; आँख खुलते ही आपकी याद होती है; खुशियों के फूल हों आपके आँचल में; ये मेरे होंठों पे पहली फरियाद होती है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
कायनात के सारे रंग; रंगों के सारे फूल; फूलों की सारी खुशबू; खुशबू की सारी ख़ुशी; ख़ुशी के हर लम्हें; और इन लम्हों से भरपूर ज़िंदगी की दुआ सिर्फ आप के नाम। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सुबह होते ही जब दुनिया आबाद होती है; आँख खुलते ही आपकी याद होती है; खुशियों के फूल हों आपके आँचल में; मेरे होठों पे यही पहली फ़रियाद होती है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सुना है किसी को सुप्रभात कहो तो उसकी सुबह अच्छी होती है; पर हमने तो यह महसूस किया है कि ‘सुप्रभात’ आपको कहें तो दिन हमारा अच्छा होता है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सुबह-सुबह सूरज का साथ हो; गुनगुनाते परिंदो की आवाज़ हो; हाथ में चाय का कप और यादों में कोई खास हो; दुआ है ये हमारी कि उस ख़ूबसूरत सुबह की पहली याद आप हों। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
रात गुजारी फिर महकती सुबह आई; दिल धड़का फिर तुम्हारी याद आई; आँखों ने महसूस किया उस हवा को; जो तुम्हें छू कर हमारे पास आई। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
नैनो के काजल से; महकती बहार से; इस गुल-ए-गुलज़ार से; दिल के हर तार से; बड़े ही प्यार से; कहते हैं आपको ‘सुप्रभात’।
सुप्रभात शायरी
सुबह सुबह ज़िन्दगी की शुरुआत होती है; किसी अपने से बात हो तो हर सुबह खास होती हैं; हंस के प्यार से अपनों को सुप्रभात बोल दो; फिर तो ख़ुशी अपने आप साथ होती है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
रात गुजारी फिर महकती सुबह आई; दिल धड़का फिर तुम्हारी याद आई; आँखों ने महसूस किया उस हवा को; जो तुम्हें छू कर हमारे पास आई। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सुबह-सुबह आपको सताना अच्छा लगता है; प्यारी नींद से जगाना हमें अच्छा लगता है; जब याद किसी की आती हैं हमें; तो उसे अपनी याद दिलाना भी अच्छा लगता है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
ये सुबह जितनी खूबसूरत है, उतना ही खूबसूरत आपका हर एक पल हो; जितनी भी खुशियाँ आपके पास आज हैं, उससे भी ज्यादा कल हों। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
रात की मीठी सी नींद के बाद; रात के कुछ सुनहरे लम्हों के बाद; सुबह के कुछ हसीन सपनों के साथ; ज़िंदगी में कुछ प्यारे अपनों के साथ; आप को हमारी ओर से सुप्रभात।
सुप्रभात शायरी
कभी खुशी की आशा, कभी गम की निराशा; कभी खुशियों की धूप, कभी हक़ीक़त की छाया; कुछ खोकर कुछ पाने की आशा; शायद यही है ज़िंदगी की सही परिभाषा। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
उगता हुआ सूरज दुआ दे आपको; खिलता हुआ फूल खुशबू दे आपको; हम तो कुछ भी देने के काबिल नहीं; देनेवाला हज़ार खुशियां दे आपको। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
जी भर के चाहूँ अगर तुझे गवारा हो; बेताब मेरी नज़रें और सामने चेहरा तुम्हारा हो; उठ कर सुबह जब खोलूं आँखें; तो आँखों के सामने हसींन ये नज़ारा हो। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सुकून हो तुम्हारे दिल में इस तरह; फूलों में होती है खुश्बू जिस तरह; खुदा तेरी ज़िंदगी में इतनी खुशियां; धरती पे होती है बारिश जिस तरह। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
हो आपकी ज़िन्दगी में खुशियों का मेला; कभी न आये कोई भी झमेला; सदा सुखी रहे आपका बसेरा; मुबारक हो आपको यह नया सवेरा। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
हर फूल मुबारक़ हो तुम को; हर बहार मुबारक़ हो तुम को; शायद कल हम रहें या न रहें; पर दुआ है कि हर दिन मुबारक़ हो तुम को। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
इतना इंतज़ार तो अपनी धड़कनों का नहीं; जितना आपकी आँखों का करते हैं; इतना इंतज़ार तो अपनी साँसों का नहीं; जितना आपसे मुलाक़ात का करते हैं। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
मत मुस्कुराओ इतना कि फूलों को खबर लग जाये; हम करें आपकी तारीफ और आपको नजर लग जाये; खुदा करे खुशियों से भरी हो आपकी जिंदगी; करते हैं ये दुआ कि इसको किसी की नज़र न लग जाये। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
कभी ये धड़कन आपसे जो भी कहे; फिर साँसों को भी उसकी ख़बर न हो; बहुत गहरा है ये रिश्ता हमारा; करते हैं दुआ कि किसी की नज़र न लगे। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
ऐ सुबह तुम जब भी आना; सब के लिए बस खुशियाँ लाना; हर चेहरे पर हँसी सजाना; हर आँगन में फूल खिलाना। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
बिन बादल बरसात नहीं होती; सूरज डूबे बिना रात नहीं होती; क्या करें अब कुछ ऐसे हालात हैं; आपको याद किये बिना दिन की शुरुआत नहीं होती। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
दुआ यही है हर पल मुस्कुराओ तुम; कदम जहाँ रखो वहाँ खुशियां पाओ तुम; कोई दर्द न आ पाये पास तुम्हारे; चाहो तुम जिसको वो सदा साथ हो तुम्हारे। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सूरज आता है नयी उम्मीदों की किरणें लेकर; हर नया दिन आता है नयी कामयाबियाँ लेकर; आपका हर दिन आये आपके लिए ढेर सारी खुशियां लेकर। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
ना मंदिर ना भगवान, ना पूजा ना स्नान; सुबह होते ही हमारा सबसे पहला काम; एक प्यारा सा पैगाम अपने दोस्त के नाम। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सुबह-सुबह हो खुशियों का मेला; न लोगों की परवाह न दुनिया का झमेला; पंछियों का संगीत और मौसम अलबेला; मुबारक हो आपको यह नया सवेरा। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
खुशियों से ऐसे नाता तेरा गहरा हो; तू रखे जहाँ कदम वही पे सवेरा हो; नींद में देखे तू मनपसंद सपने; जब आँख खुली तो सब कुछ तेरा हो। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सुबह-सुबह सूरज का साथ हो; गुनगुनाते परिंदों की आवाज़ हो; लबों पे दुआ-फरियाद हो; और दुआ में भी आपका नाम हो। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
मेरी हर एक साँस मे तेरी खुश्बू बस जाती है; हर साँस से पहले तेरी खुशबू आती है; सो कर उठता हूँ जब हर सुबह; तो दुआ से पहले तेरी याद आती है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
आँखों में ख़ुशी, लबों पर हँसी, ग़म का कहीं नाम न हो; हर सुबह लाये आपके लिए इतनी खुशियाँ जिसकी कभी शाम न हो। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
नयी सुबह का नया-नया नज़ारा; ठंडी हवा लेकर आई है पैग़ाम हमारा; खुशियों से भरा हो आज का यह दिन तुम्हारा। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
हर सुबह कुछ ख़ास हो; आँखों में थोड़ी आस हो; सपने जो देखे रात में; हो जायें सच ऐसा खुशनुमा एहसास हो। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सुबह-सुबह आपको एक पैगाम देना है; आपको सुबह का पहला सलाम देना है; गुज़रे सारा दिन खुशियों में आपका; आपकी सुबह को खूबसूरत सा नाम देना है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सुबह की ताज़ी हवाओं के साथ; सूरज की रौशनी, भीनी-भीनी खुश्बू के साथ; मुबारक़ हो आपको एक नए और कामयाब दिन की शुरआत। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
आँखें खोलिए सुबह हो चुकी है; सारी दुनिया अब सो के उठ चुकी है; अब और न यूँ देर कीजिये; हमारे सुप्रभात के साथ दिन की शुरुआत कीजिये। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
रात ने चादर समेत ली है; सूरज ने किरणें बिखेर दी हैं; चलो उठो और शुक्रिया करो उस भगवान का; जिसने हमे यह प्यारी सी सुबह दी है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सुबह-सुबह ही लग गया है खुशियों का मेला; ना रहे कोई ग़म ना आये कोई झमेला; मधुर संगीत पंछियों का, है मौसम अलबेला; मुबारक हो आपको यह नया सवेरा। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
नयी सी सुबह नया सा सवेरा; सूरज की किरणों में हवाओं का बसेरा; खुले आसमान में सूरज का चेहरा; मुबारक हो आपको यह हसीन सवेरा। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
नये दिन की नयी सुबह का नया अंदाज़; सारे दिन की झोली में कुछ छुपे हुए हैं राज़; तुझको, मुझको हर किसी को मिलना है कुछ आज; तो आओ यारो ख़ुशी-ख़ुशी करें इस दिन का आग़ाज़। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
हर सुबह आपको सलाम दे; हर फूल आपको मुस्कान दे; करते हैं यह दुआ हम खुदा से; खुदा आपको नए सवेरे के साथ कामयाबी का आसमान दे। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सूरज निकल रहा है पूरब से; दिन शुरू हुआ आपकी याद से; कहना चाहते हैं हम आपको दिल से; आपका दिन अच्छा जाये हमारे सुप्रभात से। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
दुआ करते हैं कि हर सुबह सुहानी हो जाये; आपके दुखों की सारी बात पुरानी हो जाये; मिलें आपको खुशियां हर दिन इतनी; कि खुशियां भी आपकी दीवानी हो जायें। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
वो अज़ीज़ भी हैं, वो नसीब भी हैं; दुनिया की इस भीड़ में दिल के करीब भी हैं; जिनके साथ से चलती है यह ज़िंदगी हमारी; वो खुदा भी हैं और हमारी तकदीर भी हैं। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
आई है सुबह की नयी किरण रौशनी लेकर; जैसे नए जोश की एक नयी किरण लेकर; विश्वास की है ये लौ सदा दिल में जलाये रखना; रुकना ना कभी मुश्किल को देख कदम सदा बढ़ाते रखना। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
इस मीठी सी प्यारी नींद के बाद; नींद में देखे उन मीठे सपनो के बाद; आया है यह सवेरा बड़ी दूर से; कहने को आपको प्यार से सुप्रभात। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सूरज आता है नयी उम्मीदों की किरणें लेकर; हर नया दिन आता है नयी कामयाबियां लेकर; आपका हर दिन आये आपके लिए ढेर सारी खुशियाँ लेकर। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
हर पल में प्यार है, हर लम्हे में ख़ुशी है; खो दो यादें हैं जी लो तो ज़िंदगी है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सुबह-सुबह ज़िंदगी की शुरुआत होती है; किसी अपने से बात ख़ास होती है; हँस के प्यार से याद अपनों को करो; तो खुशियाँ अपने आप साथ होती हैं। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
हर इनायत हर ख़ुशी आपकी हो; महक उठे वो महफ़िल जिसमे हँसी आपकी हो; कोई भी लम्हा आप उदास न हों; खुदा करे जन्नत जैसी ज़िंदगी आपकी हो। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
फ़िज़ा बनकर आपके करीब आये हैं; एक प्यारी सी सुबह आपके लिए लाये हैं; नयी उम्मीदों के साथ जीवन की शुरुआत कीजिये; हज़ारों दुआएं अपने साथ लाये हैं। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
फूलों की खुशबु से, बाग़ों की बहार से; इस गुल-ए-गुलज़ार से, दिल के हर तार से; बड़े ही प्यार से कहते हैं आपको सुप्रभात। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सुबह का उजाला सदा आपके साथ हो; हर दिन का एक-एक पल आपके लिए ख़ास हो; दुआ हमेशा निकलती है दिल से आपके लिए; सारी खुशियों का खज़ाना आपके पास हो। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
हँसना और हँसाना कोशिश है मेरी; हर कोई खुश रहे यह चाहत है मेरी; भले ही कोई मुझे याद करे या ना करे; हर अपने को याद करना आदत है मेरी। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
तम्मनाओ से भरी हो आपकी ज़िंदगी; ख्वाहिशो से भरा हो आपका हर पल; दामन भी छोटा लगने लगे आपको; इतनी खुशियां दे आने वाला हर पल। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
एक दुआ माँगते हैं हम अपने खुदा से; चाहते हैं आपकी खुशियाँ पूरे ईमान से; सब हसरतें हो पूरी आपकी; आप सदा यूँ ही मुस्कुराएं दिल-ओ-जान से। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
भीगे मौसम की खुशबु इन हवाओं में हो; आप की यादों का एहसास इन फ़िज़ाओं में हो; यूँ ही सदा रहे आपके चेहरे पे मुस्कुराहट; खुदा करे ऐसा असर हमारी दुआओं का हो। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
खिलखिलाती सुबह, ताज़गी से भरा सवेरा है; फूलों और बहारों ने आपके लिए यह रंग बिखेरा है; कह रही है सुबह आपसे कि जाग जाओ जल्दी; क्योंकि बिन आपकी मुस्कुराहट के यह सब अधूरा है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
ज़िंदगी कितनी खूबसूरत है? यह देखने के लिए हमे ज्यादा दूर जाने की ज़रुरत नहीं है। जहाँ हम अपनी आँखें खोल लें, वहीं हम इसे देख सकते हैं। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सुबह-सुबह जब भी आपका मैसेज आये तो; यूँ ना समझना मैंने आपको परेशान किया; इसका मतलब है आप वो ख़ास हैं; जिसे मैंने अपनी आँख खुलते ही याद किया। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सूरज के बिना सुबह नहीं होती; चाँद के बिना रात नहीं होती; बादल के बिना बरसात नहीं होती; आपकी याद के बिना दिन की शुरुआत नहीं होती। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सूरज की पहली किरण ख़ुशी दे आपको; दूसरी किरण हँसी दे आपको; तीसरी तंदरुस्ती और कामयाबी; बस अब ज्यादा नहीं वरना गर्मी लगेगी आपको। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सिर्फ आसमान छू लेना ही कामयाबी नहीं है, असली कामयाबी तो वो है कि आसमान भी छू लो और पाँव भी ज़मीन पर हों। सुप्रभात
सुप्रभात शायरी
नयी सुबह का नया नज़ारा; ठंडी हवा ले कर आई पैगाम हमारा; यही दुआ है अब भगवान से हमारी कि; खुशियों से भरा रहे हमेशा जीवन तुम्हारा। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
कौन जाने कब मौत का पैगाम आ जाये; ज़िंदगी की आखिरी शाम आ जाये; रहते हैं हम सदा इसी इंतज़ार में; कि शायद कभी आपका भी सलाम आ जाये। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
जीवन में छोटी-छोटी चीज़ों का आनंद लीजिये, क्योंकि एक दिन जब आप पीछे मुड़ कर देखेंगे तो यह छोटी-छोटी चीज़ें भी आपको बड़ी लगेंगी। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
ज़िंदगी जीने का मकसद ख़ास होना चाहिए; और अपने आप में हमेशा विश्वास होना चाहिए; जीवन में खुशियों की कमी नहीं है दोस्तो; बस खुशियों को मनाने का अंदाज़ होना चाहिए। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
ज़िंदगी हसीन है इससे प्यार करो; हर रात की नयी सुबह का इंतज़ार करो; वो पल भी आएगा जिसका आपको इंतज़ार है; बस अपने रब पर भरोसा और वक़्त पर ऐतबार करो। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
मेरी दुआओं में शामिल है आप इस तरह; फूलों में होती है खुशबू जिस तरह; खुदा आपकी ज़िंदगी में इतनी खुशियां दे; धरती पे होती है बरसात जिस तरह। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सजती रहे खुशियों की महफ़िल; हर महफ़िल ख़ुशी से सुहानी बनी रहे; आप ज़िंदगी में इतने खुश रहें कि; ख़ुशी भी आपकी दीवानी बनी रहे। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
मोहब्बत के फूल तेरे नाम करते हैं; तेरी मुस्कुराहटों को सलाम करते हैं; बन जाये तेरी ज़िंदगी खुशियों का घर; ये दुआ हम तुम्हारे लिए सुबह-शाम करते हैं। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
किसी के पैग़ाम को ज़रा प्यार से पढ़ा कीजिये; किसी की चाहत का कुछ तो एहसास किया कीजिये; कोई दिल से कर रहा है याद आपको; और आप कहते हैं कि परेशान मत किया कीजिये। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
कदम-कदम पे सुनहरे फूल खिलें; ना हो कभी काँटों का सामना; ज़िंदगी आपकी यूँ ही खुशियों से भरी रहे; करते हैं हम हरदम यही कामना। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
रात ढली, चाँद थका, समय ने ली अँगड़ाई है; प्रकृति के हर कण में जीवन भरने, अब स्वर्णिम किरणे आई हैं। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
क्या बतायें कि क्या होता है आपके आने से; बहार भी आ जाती है आपके आने से; फूल भी खिल जाते हैं आपकी आहट से; हर सुबह होती है आपके ही मुस्कुराने से। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
एक नयी सी सुबह चुरा के लाये हैं; दिल में एक नया एहसास भरने आये हैं; नींद की ख़ामोशी में जो लिपटे हुए हैं; उन्हें प्यार से जगाने आये हैं। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
ख़्वाबों की दुनिया से अब लौट आओ; हो गयी है सुबह अब जाग भी जाओ; चाँद-तारों को अब कह दो अलविदा; और प्यारी सी सुबह को करो सजदा। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
आप का हर लम्हा गुलाब हो जाये; आप का हर पल शादाब हो जाये; जिन पर बरसती हैं खुदा की रहमतें; आप का भी नाम उन में शुमार हो जाये। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
ऐसा खुशियों से तेरा नाता गहरा हो; तू कदम जहाँ रखे वहाँ सवेरा हो; तू सोये तो सपने सुहाने देखे; जब आँख खोले तो सब कुछ तेरा हो। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
रात गुज़री फिर महकती सुबह आई; दिल धड़का फिर आपकी याद आई; आँखों ने महसूस किया उस हवा को; जो आपको छू कर हमारे पास आई। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
खुदा से क्या मांगू तेरे वास्ते; सदा खुशियों से भरे रहें तेरे हर रास्ते; हँसी तेरी चेहरे पे रहे इस तरह; खुशबु फूल के साथ रहती है जिस तरह। सुप्रभात
सुप्रभात शायरी
इन ताज़ी हवाओं में फूलों की महक हो; पहली किरण में चिड़ियों की चहक हो; जब भी खोलो आप अपनी आँखें; इन पलकों में बस ख़ुशियों की झलक हो। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
आपकी आँखों को जगा दिया हमने; सुबह का फ़र्ज़ अपना निभा दिया हमने; मत सोचना कि बस यूँ ही तंग किया हमने; उठकर सुबह भगवान से भी पहले आपको याद किया हमने। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
यह भी एक दुआ है खुदा से, किसी का दिल न दुखे हमारी वजह से; ऐ खुदा कर दे कुछ ऐसी इनायत हम पे; कि खुशियां ही मिलें सबको हमारी वजह से। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
चाहते तो हैं कि हर रोज़ सुबह आपको अनमोल खज़ाना भेजूं; पर मेरे दामन में दुआओं के सिवा कुछ भी नहीं। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
इस प्यारी सी सुबह में, प्यारे से मौसम में, ठंडी ठंडी हवाओं के साथ, तुम्हें मिलें जीवन की सारी खुशियां, इसी दुआ के साथ कहते हैं आपको हम सुप्रभात। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
ऐ सुबह तू जब भी आना, सब के लिए तू खुशियां लाना; हर चेहरे पर हँसी सजाना, हर आँगन में फूल खिलाना। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
लबों पे मुस्कान, आँखों में ख़ुशी ग़म का कहीं नाम ना हो; हर दिन लाये आप के लिए इतनी खुशियाँ, जिसके ढलने की कोई शाम न हो। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
हर नयी सुबह का नया नया नज़ारा; ठंडी सी हवा लेकर आई है पैगाम हमारा; जागो, उठो, हो जाओ तैयार; मिलने को खुशियाँ तुमसे कब से कर रही हैं इंतज़ार। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
ऐ सुरज मेरे अपनो को यह पैगाम देना; खुशियों का दिन हँसी की शाम देना; जब कोई पढे प्यार से मेरे इस पैगाम को; तो उन को चेहरे पर प्यारी सी मुस्कान देना। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
जब वादा किया है तो निभाएंगे; सूरज किरण बन कर छत पर आएंगे; हम हैं तो जुदाई का ग़म कैसा; तेरी हर सुबह को फूलों से सजाएंगे। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
तमन्नाओ से भरी हो ज़िंदगी; ख्वाहिशों से भरा हो हर पल; दामन भी छोटा लगने लगे; इतनी खुशियां दे आपको आने वाला पल। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
हर सुबह तेरी ज़िंदगी में नयी रौशनी हो; ग़मों का कहीं नाम न हो हर जगह ख़ुशी ही ख़ुशी हो; अगर आ जाये कभी कोई मुसीबत; तुझसे मिलने से पहले वो मेरे रु-ब-रु हो। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
मिला है सब कुछ तो फरियाद क्या करें; दिल हो परेशान तो जज़्बात क्या करें; तुम सोचते होंगे कि आज याद नहीं किया; कभी भूले ही नहीं तो याद क्या करें। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
हर पल आपको खुशियों की सौगात मिले; नयी सुबह में नयी उमीदों का आग़ाज़ मिले; मुश्किलों का न करना पड़े सामना कभी; मंज़िल तक पहुँचने के लिए ऐसा रास्ता मिले। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
हंसी आपकी कोई चुरा ना पाये; आपको कभी कोई रुला ना पाये; खुशियों का दीप ऐसे जले ज़िंदगी में; कि कोई तूफ़ान भी उसे बुझा ना पाये। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
भोर प्रभात के होते ही सृष्टि सारी निखर गयी; रात के सारी घेराबन्धी, एक पल में ही बिखर गयी; चढ़ कर आया जब सूरज ऊपर गगन में; फ़ैल गयी यह रौशनी सारे चमन में। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
इस नयी सुबह का यह नया सवेरा; सूरज की किरणों संग है हवाओं का बसेरा; आसमान में है खिला सूरज का चेहरा; मुबारक हो आपको हसीन यह सवेरा। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सुबह होते ही जब दुनिया आबाद होती है; आँख खुलते ही तस्वीर आपकी सामने होती है; खुशियों के फूल हों आपके आँचल में; मेरे होठों पे बस यही पहली फरियाद होती है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
हमारे ख्वाब और हमारी उमीदें, हमारे नाखूनों और बालों जैसी होनी चाहिए। जितना भी काटो हमेशा बढ़ते रहते हैं। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
उठ के देखिये सुबह का नज़ारा; हवा भी है ठंडी और मौसम भी हैं प्यारा; सो गया है चाँद और छुप गया हर एक सितारा; कबूल हो आप को, सुबह का सलाम हमारा। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
एक प्यारा सा पैगाम आया है एक प्यारे से इंसान के लिए; एक अच्छे दोस्त की तरफ से एक अच्छे कारण के लिए; एक अच्छे से समय पर उनको याद दिलाने के लिए; कि हो गयी है सुबह, अब उठ जाओ सब खड़े हैं आपके दीदार के लिए। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
ये सुबह जितनी खूबसूरत है, उतना ही खूबसूरत आपका हर एक पल हो; जितनी भी खुशियाँ आपके पास आज हैं, उससे भी ज्यादा वो आपके पास कल हों। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
इन ताज़ी हवाओं में फूलों की महक हो; पहली किरण में पंछियों की चहक हो; जब भी खोलो आप अपनी पलकें; उन पलकों में बस खुशियों की झलक हो। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
ख़्वाबों के जहाँ से अब लौट आओ; हुई है सुबह अब जाग जाओ; चाँद-तारों को अब कह कर अलविदा; इस नए दिन की खुशियों में खो जाओ। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सुबह का मौसम जैसे जन्नत का एहसास; आँखों में नींद और चाय की तलाश; जागने की मज़बूरी, थोड़ा और सोने की आस; पर आपका दिन शुभ हो हमारी सुप्रभात के साथ। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
प्यारी सी मीठी सी नींद के बाद; रात के कुछ हसीन लम्हों के बाद; सुबह की नयी सुनहरी किरणों के साथ; दुनिया में कुछ अपनों के साथ; आपको प्यारा सा सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
ज़िंदगी एक पल है जिसमे न आज है न कल है; जी लो इसको इस तरह कि जो भी आपसे मिले वो यही कहे; बस यही मेरी ज़िंदगी का हसीन पल है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
रहे सलामत ज़िंदगी उनकी, जो मेरी ख़ुशी की फरियाद करते हैं; ऐ खुदा उनकी ज़िंदगी खुशियों से भर दे, जो मुझे याद करने के लिए अपना एक पल बर्बाद करते हैं। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
ये सुबह जितनी खूबसूरत है उतना ही खूबसूरत आपका हर पल हो; जितनी भी खुशियां आज आप के पास हैं, उससे भी अधिक कल हो। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
इस नयी सुबह का यह नया सवेरा; सूरज की किरणों संग है हवाओं का बसेरा; आसमान में है खिला सूरज का चेहरा; मुबारक हो आपको हसीन यह सवेरा। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
हर फूल मुबारक हो तुमको; हर बहार मुबारक हो तुमको; शायद कल हम रहे न रहें; पर हर दिन मुबारक हो तुमको। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
इस नयी सुबह का यह नया नज़ारा; लेकर आई यह ठंडी हवा पैगाम हमारा; उठो नींद से तैयार हो जाओ; खुशियों से भरा है दिन यह तुम्हारा। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
बीत गयी तारों वाली सुनहरी रात; याद आई फिर वही प्यारी सी बात; खुशियों से हो हर पल आपकी मुलाक़ात; इसलिए मुस्कुराते हुए करो अपने दिन की शुरुआत। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
ज़िंदगी कितनी खूबसूरत है यह देखने के लिए हमें ज्यादा दूर जाने की ज़रूरत नहीं है, जहाँ हम अपनी आंखें खोल लें, वहीँ हम इसे देख सकते हैं। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
आपकी नयी सुबह इतनी सुहानी हो जाये; दुखों की सारी बातें आपकी पुरानी हो जायें; दे जाये इतनी खुशियां यह नया दिन; कि ख़ुशी भी आपकी दीवानी हो जाये। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
रिश्ते खून के नहीं होते, रिश्ते एहसास के होते हैं; अगर एहसास हो तो अजनबी भी अपने होते हैं; और अगर एहसास ना हो तो अपने भी अजनबी हो जाते हैं। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सफ़र का लुत्फ़ लेना है तो सामान कम रखिये; जिंदगी का लुत्फ लेना है तो दिल में अरमान कम रखिये! सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
रात गुज़री फिर महकती सुबह है आई; दिल धड़का फिर आपकी याद है आई; आँखों ने महसूस किया है उस हवा को; जो आपको छू कर है हमारे पास आई। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सुबह का मौसम जैसे जन्नत का एहसास; आँखों में नींद और चाय की तलाश; जागने की मज़बूरी थोड़ा और सोने की आस; पर आपका दिन शुभ हो हमारी सुप्रभात के साथ। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
देखो तो ख्वाब है ज़िन्दगी; पढ़ो तो किताब है ज़िन्दगी; सुनो तो ज्ञान है ज़िन्दगी; पर हमें लगता है कि हँसते रहो तो आसान है ज़िन्दगी। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
ख़ुदा से क्या मांगू तेरे वास्ते; सदा ख़ुशियाँ हो तेरे रास्ते; हँसी तेरे चेहरे पे रहे इस तरह; खुश्बू फूलों का साथ निभाती है जिस तरह। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सुबह सुबह ज़िन्दगी की शुरुआत होती है; किसी अपने से हो जाये बात तो वो ख़ास होती है; हँस कर प्यार से अपनों को सुप्रभात बोलो तो; खुशियां अपने आप हमारे साथ होती हैं। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सुबह सुबह एक पैगाम देना है; आपकी सुबह को पहला सलाम देना है; गुज़रे सारे दिन आपके खुशियों में; आपकी सुबह को एक खूबसूरत नाम देना है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
जैसे हर सुबह हमारे जीवन का एक नया आरम्भ होता है वैसे ही चलो हम अपने बीते दिनों के सभी ग़म भुला कर आओ एक नयी शुरुआत करें। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
ऐ सुबह तुम जब भी आना; सब के लिए बस खुशियां लाना; हर चेहरे पर हँसी सजाना; हर आँगन में फूल खिलाना। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
ये सुबह जितनी खूबसूरत है; उतना ही खूबसूरत आपका हर पल हो; जितनी भी खुशियाँ आज आपके पास हैं; उससे भी अधिक आने वाले कल हो। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
पानी की बूँदें फूलों को भिगा रही हैं; ठंडी हवायें एक ताज़गी का एहसास दिला रही हैं; हो जाएं आप भी इनमे शामिल; आकर एक प्यारी सी सुबह आपको जगा रही है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
कल का दिन किसने देखा है, आज का दिन भी खोये क्यों; जिन घड़ियों में हँस सकते हैं, उन घड़ियों में फिर रोये क्यों। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
किसी को चाहो तो इस अंदाज़ से चाहो, कि वो तुम्हे मिले या ना मिले, मगर उसे जब भी प्यार मिले तो तुम याद आओ। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
बन कर गुलाब मुस्कुराना ऐ ज़िंदगी; इसी तरह अपने ग़म भुलाना ऐ ज़िंदगी; जीत की ख़ुशी हुई तो क्या हुआ; हार कर भी खुशियाँ बाँटना ऐ ज़िंदगी। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
पंछियों के मधुर संगीत के साथ; प्यारे से एक एहसास के साथ; एक सच्चे विश्वास के साथ; करो अपने दिन की शुरुआत एक प्यारी सी मुस्कान के साथ। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
रात आती है सितारे लेकर; नींद आती है सपने लेकर; बस यही दुआ है कि आपकी हर सुबह आये; बहुत सारी खुशियाँ लेकर। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
फूलों की सुगंध केवल वायु की दिशा में फैलती है लेकिन एक व्यक्ति की अच्छाई हर दिशा में फैलती है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
हँसी आपकी कोई चुरा ना पाये; आपको कभी कोई रुला ना पाये; खुशियों का दीप ऐसे जले ज़िंदगी में; कि कोई तूफ़ान भी उसे बुझा ना पाये। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सूरज निकलने का वक़्त हो गया; फूल खिलने का वक़्त हो गया; मीठी नींद से जागो मेरे दोस्त; सपने हक़ीकत में लाने का वक़्त हो गया। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सुबह की हर धूप कुछ याद दिलाती है; हर महकती खुशबू एक जादू जगाती है; कितनी भी व्यस्त क्यों ना हो यह ज़िन्दगी; सुबह सुबह अपनों की याद आ ही जाती है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
बीत गयी तारों वाली हसीन रात; याद आ गयी फिर वही प्यारी सी एक बात; ख़ुशी से हर दिन आपकी मुलाक़ात होती रहे; हर सुबह खुशियों से आपकी मुलाक़ात होती रहे। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
रहे सलामत ज़िन्दगी उनकी, जो मेरी ख़ुशी की फरियाद करते हैं; ऐ खुदा उनकी ज़िन्दगी खुशियों से भर दे; जो मुझे याद करने में अपना एक पल बर्बाद करते हैं। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
जिंदगी में पीछे देखोगे तो “अनुभव” मिलेगा; जिंदगी में आगे देखोगे तो “आशा” मिलेगी; दांए-बांए देखोगे तो “सत्य” मिलेगा; लेकिन अगर भीतर देखोगे तो “परमात्मा” मिलेगा, “आत्मविश्वास” मिलेगा। हमेशा खुश रहिए ताकि दूसरे भी आपसे खुश हो जाएँ। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
आशाएं ऐसी हों जो मंज़िल तक ले जाएं; मंज़िल ऐसी हो जो जीवन जीना सिखा दे; जीवन ऐसा हो जो रिश्तों की कदर करे; और रिश्ते ऐसे हों जो याद करने को मज़बूर कर दें। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
हर दिन अपनी ज़िन्दगी को एक नया ख्वाब तो दो; चाहे पूरा ना हो पर आवाज़ तो दो; एक दिन पूरे हो जायेंगे सारे ख्वाब तुम्हारे; सिर्फ कोशिश करके एक शुरुआत तो दो। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
ख़ुशी से दिल को आबाद करना; ग़म को दिल से आज़ाद करना; बस इतनी गुज़ारिश है आपसे कि; हो सके तो कभी हमें भी याद जरुर करना। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
आपकी ज़िंदगी में कभी गम ना हो; आपकी आँखें कभी आंसुओं से नम ना हो; मिले आपको ज़िंदगी में सारी खुशियाँ; भले ही उस ख़ुशी में हम ना हो। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
खिलखिलाती सुबह, ताज़गी से भरा सवेरा है; फूलों और बहारों ने आपके लिए रंग बिखेरा है; सुबह कह रही है जाग जाओ अब नींद से; आपकी मुस्कुराहट के बिना तो सब अधूरा है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
नफरतों से भरी इस दुनिया में कोई है जो मेरी खुशियों की फ़िक्र करता है, भगवान उनकी हर तमन्ना पूरी करे, जो अपनी प्रार्थना में भी मेरा ज़िक्र करता है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
रहे सलामत ज़िंदगी उनकी, जो मेरी ख़ुशी की फरियाद करते हैं; ऐ खुदा उनकी ज़िंदगी खुशियों से भर दे, जो मुझे याद करने के लिए अपना एक पल बर्बाद करते हैं। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
ना मंदिर ना भगवान, ना पूजा ना स्नान, सुबह होते ही सबसे पहला काम, अपने सभी प्यार मित्रों को कहना सुप्रभात सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
जिस दिन आपने अपनी ज़िन्दगी को खुल कर जी लिया, वही दिन आपका है। बाकी सब तो सिर्फ कैलेंडर की तारीखें हैं। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
हर राह हो जाये आसान, हर राह पे हों खुशियाँ; हर दिन हो खूबसूरत आपका ऐसा ही पूरा जीवन हो। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
कोई समझे ना समझे हम को बेशक मगर आप तो समझते हैं; अपना बनाते हैं मेरे हर गम को तभी तो हम संभलते हैं; खुदा हर एक ख़ुशी दे आपको हर एक गम हमको नसीब हो; बस यही दिल में सोचकर हर एक दुआ करते हैं। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
खुद से क्या मांगू तेरे वास्ते; सदा ख़ुशियाँ ही हों तेरे रास्ते; हँसी तेरे चेहरे पे रहे इस तरह; खुशबू फूल का साथ निभाती है जिस तरह। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सुप्रभात ऐ सुरज मेरे अपनो को यह पैगाम देना; खुशियों का दिन हँसी की शाम देना; जब कोई पढे प्यार से मेरे इस पैगाम को; तो उन को चेहरे पर प्यारी सी मुस्कान देना। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
ज़िन्दगी एक पल है जिसमे ना आज है ना कल है; जी लो इसको इस तरह कि जो भी आपसे मिले वो यही कहे; बस यही मेरी ज़िंदगी का हसीन पल है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
जितनी खूबसूरत ये सुबह है; उतना ही खूबसूरत आपका हर पल हो; जितनी भी खुशियाँ आज आपके पास हैं; उससे भी अधिक आने वाले कल हो। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
हर सुबह तेरी दुनिया में रौशनी कर दे; रब तेरे ग़म को तेरी ख़ुशी कर दे; जब भी टूटने लगें तेरी साँसें; खुदा तुझमे शामिल मेरी ज़िन्दगी कर दे। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
हर फूल आपको एक नया अरमान दे; सूरज की हर किरण आपको सलाम दे; निकले कभी जो एक आँसू भी आपका, तो खुदा आपको उससे दोगुनी मुस्कान दे। सुप्रभात।
सुप्रभात शायरी
मीठे बोल बोलिए क्योंकि अल्फाजों में जान होती है, इन्हीं से आरती, अरदास और अजान होती है, ये दिल के समंदर के वो मोती हैं, जिनसे इंसान की पहचान होती है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
क्या मांगू मैं खुदा से तेरे वास्ते; सदा ख़ुशियाँ ही रहे तेरे रास्ते; हँसी तेरे चेहरे पे रहे इस तरह; खुश्बू फूलों का साथ निभाती है जिस तरह। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सुबह-सुबह आपको एक पैगाम देना है; आपको सुबह का पहला सलाम देना है; गुज़रे सारा दिन आपका ख़ुशी में; आपकी सुबह को खूबसूरत सा नाम देना है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
इंसान को कभी भी अपने आप पर ग़रूर नहीं करना चाहिये कयोकि… भगवान ने मेरे जैसे कितनों को मिट्टी से बना कर मिट्टी में मिला दिया। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
जैसे रात आती है सितारे लेकर; और नींद आती है सपने लेकर; करते हैं दुआ हम कि आपकी हर सुबह आये; बहुत सारी खुशियाँ लेकर। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
हँसी आपकी कोई चुरा ना पाये; कभी कोई आपको रुला ना पाये; खुशियों के ऐसे दीप जले ज़िंदगी में; कि कोई तूफ़ान भी उसे बुझा ना पाये। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
हर सुबह की धूप कुछ याद दिलाती है; हर महकती खुशबू एक जादू जगाती है; ज़िन्दगी कितनी भी व्यस्त क्यों ना हो; निगाहों पर सुबह सुबह अपनों की याद आ ही जाती है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
ऐ सुबह तुम जब भी आना सब के लिए सतगुरु की रेहमत लाना। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
प्यारी सी मधुर निंदिया के बाद; रात के कुछ सपनों के साथ; सुबह की कुछ उम्मीदों के साथ; आपको प्यार भरा सुप्रभात।
सुप्रभात शायरी
ईश्वर वह नहीं देता जो आपको अच्छा लगता है, ईश्वर वह देता है जो आपके लिए अच्छा होता है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
जो जैसा है उसे वैसे ही अपना लो, रिश्ते निभाने आसान हो जायेंगे। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
हे प्रभु! दोनों हाथ जोड़ कर आपसे विनती है कि उन्हें खुश रखना जो मुझे याद करते हैं।
सुप्रभात शायरी
हर दिन अपनी ज़िन्दगी को एक नया ख्वाब दो; चाहे पूरा ना हो पर आवाज़ तो दो; एक पूरे हो जायेंगे सारे ख्वाब तुम्हारे; सिर्फ एक शुरुआत तो दो। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
भूल होना ‘प्रकृति’ है; मान लेना ‘संस्कृति’ है; सुधार लेना ‘प्रगति’ है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
वक़्त और समझ किस्मत वालों को ही मिलता है। क्योंकि वक़्त हो तो समझ नहीं आती और समझ आती है तो वक़्त नहीं होता। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सारा जहाँ उसी का है जो मुस्कुराना जानता है; रौशनी भी उसी की है जो शमा जलाना जानता है; हर जगह मंदिर मस्जिद और गुरूद्वारे हैं लेकिन; ईश्वर तो उसी का है जो सर झुकाना जानता है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
इतिहास कहता है कि कल सुख था, विज्ञान कहता है कि कल सुख होगा, लेकिन धर्म कहता है कि अगर मन सच्चा और दिल अच्छा है तो हर रोज़ सुख होगा। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सुबह सुबह ज़िन्दगी की शुरुआत होती है; किसी अपने से बात हो तो खास होती है; हँस के प्यार से अपनों को सुप्रभात बोलो तो; खुशियाँ अपने आप साथ होती हैं। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सुबह की हर धूप कुछ याद दिलाती है; हर महकती खुशबू एक जादू जगाती है; कितनी भी व्यस्त क्यों ना हो यह ज़िन्दगी; सुबह सुबह अपनों की याद आ ही जाती है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
वक़्त और समझ किस्मत वालों को ही मिलता है। क्योंकि वक़्त हो तो समझ नहीं आती और समझ आती है तो वक़्त नहीं होता। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सुबह सुबह हो खुशियों का मेला; ना हो लोगों की परवाह, ना हो दुनिया का झमेला; पंछियो का हो मधुर संगीत, और मौसम हो अलबेला; मुबारक हो आपको ये ख़ूबसूरत सवेरा। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सुबह का उजाला सदा आपके साथ हो; हर दिन का एक एक पल हमेशा आपके साथ हो; दुआ हमेशा निकलती है दिल से आपके लिए; हज़ारों खुशियों का खज़ाना आपके पास हो। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
जैसे हर सुबह हमारे जीवन का एक नया आरम्भ होता है वैसे ही चलो हम अपने बीते दिनों के सभी ग़म भुला कर आओ एक नयी शुरुआत करें। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
ख़ुशी एक ऐसा एहसास है, जिसकी हर किसी को तलाश है; ग़म एक ऐसा अनुभव है, जो सबके पास है; मगर ज़िन्दगी तो वही जीता है, जिसको खुद पर विश्वास है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
ये खूबसूरत फ़िज़ाओं में फूलों की खुशबू हो; सुबह की किरण में पंछियों की आवाज़ हो; जब भी खोलो अपनी ये निगाहें; उन निगाहों में सिर्फ खुशियों की झलक हो। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
ज़िन्दगी की हर सुबह कुछ शर्तें लेकर आती है और ज़िन्दगी की हर शाम कुछ तज़ुर्बे देकर जाती है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
खिलखिलाती सुबह, ताज़गी से भरा सवेरा है; सुबह की बहारों ने आपके लिए रंग बिखेरा है; सुबह कह रही है जाग जाओ अब नींद से; आपकी मुस्कुराहट के बिना तो सब अधूरा है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
मंजिल मिले ना मिले ये तो मुकद्दर की बात है; हम कोशिश भी ना करें ये तो गलत बात है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
बढ़ते कदमो को ना रुकने दे ऐ मुसाफिर; चाहे रास्ता हो कठिन और मंज़िल हो दूर; चाहे ना मिले रास्ते में कोई हमसफ़र; फिर भी झुकना नहीं और पा लेना लक्ष्य को करके बाधाएं सारी दूर। सुप्रभात !
सुप्रभात शायरी
जो परमात्मा को दिल देते हैं, परमात्मा उन्हें दिल से देते हैं। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
हर घर में ख़ुशी की फुहार हो, हर आँगन में सुबह शाम मस्ती की बहार हो, खुशियों की नदियाँ बहती रहें सब के दिलों में, ऐसे ही सदा हँसता और मुस्कुराता हर परिवार हो। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
जो उड़ते हैं अहम के आसमानों में; ज़मीन पर आने में वक़्त नहीं लगता; हर तरह का वक़्त आता है ज़िंदगी में; वक़्त के गुज़रने में वक़्त नहीं लगता। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
ॐ में ही आस्था; ॐ में ही विश्वास; ॐ में ही शक्ति; ॐ में ही सारा संसार; ॐ से होती है अच्छे दिन की शुरुआत। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
मुबारक हो आपको खुदा की दी यह जिंदगी; खुशियों से भरी रहे आपकी यह जिंदगी; गम का साया कभी आप पर ना आये; दुआ है यह हमारी आप सदा यूँ ही मुस्कुराएं। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
जीवन में “परेशानिया” चाहे जितनी हों, “चिंता” करने से और ज्यादा होती हैं, “खामोश” होने से बिलकुल “कम”, “सब्र” करने से “खत्म” हो जाती हैं, तथा परमात्मा का “शुक्र” करने से “खुशियो” मे बदल जाती हैं। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
अच्छे के साथ अच्छे रहो लेकिन बुरे के साथ बुरे नहीं बनो। क्योंकि पानी से गंदगी साफ कर सकते हैं, गंदगी से गंदगी नही। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
जो परमात्मा को दिल देते हैं, परमात्मा उन्हें दिल से देते हैं। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
ना किसी के आभाव में जियो, ना किसी के प्रभाव में जियो, ज़िन्दगी आपकी है बस अपने मस्त स्वभाव में जियो। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
विक्लप बहुत हैं बिखरने के लिए, संकल्प एक ही काफी है संवरने के लिए। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
हर दिन अच्छा नहीं हो सकता लेकिन हर दिन में कुछ अच्छा ज़रूर होता है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
ऐ सूरज मेरे अपनों को यह पैगाम देना; खुशियों का दिन हँसी की शाम देना; जब कोई पढे प्यार से मेरे इस पैगाम को; तो उन को चेहरे पर प्यारी सी मुस्कान देना। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
ये दुनिया ठीक वैसी है जैसी हम इसे देखना पसंद करते हैं। यहाँ पर किसी को गुलाबों में काँटे नजर आते हैं तो किसी को काँटों में गुलाब। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
गलती कबूल करने और गुनाह छोड़ने में कभी देर ना करें क्योंकि सफर जितना लम्बा होगा वापसी उतनी मुश्किल होगी। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
जीत की आदत अच्छी होती है मगर कुछ रिश्तों में हार जाना ही बेहतर होता है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
लम्हों की एक किताब है ज़िन्दगी, साँसों और ख्यालों का हिसाब है ज़िन्दगी, कुछ ज़रूरतें पूरी, कुछ ख्वाहिशें अधूरी, बस इन्ही सवालों का जवाब है ज़िन्दगी। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
एक सुबह ऐसी भी हो, जहाँ आँखे जिंदा रहने के लिये नहीं, पर जिंदगी जीने के लिए खुलें। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
भगवान आपको ढेर सारा प्याज़ और खूब सारी खुशियाँ दे। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सुबह का मौसम जैसे जन्नत का एहसास, आँखों में नींद और चाय की तलाश, जागने की मज़बूरी, थोड़ा और सोने की आस, पर आपका दिन शुभ हो हमारी सुप्रभात के साथ। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
रिश्तों की बगिया में एक रिश्ता नीम के पेड़ जैसा भी रखना; जो सीख भले ही कड़वी देता हो पर तकलीफ में मरहम भी बनता है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सुबह सुबह की खूबसूरत किरणें कहने लगी मुझे, जल्दी से बाहर तो देखो मौसम कितना प्यारा है; मैंने भी कह दिया, थोड़ी देर रुक जाओ, पहले उसको मैसेज तो कर लूँ जो मुझे जान से प्यारा है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
अपनी जुबान से किसी की बुराई मत करो, क्योंकि बुराईयाँ तुममें भी हैं और ज़ुबान दूसरों के पास भी है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
हर जलते दीपक तले अँधेरा होता है, हर रात के पीछे एक सवेरा होता है, लोग डर जाते हैं मुसीबत को देख कर, मगर हर मुसीबत के पीछे सच का सवेरा होता है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
यदि सपने सच नहीं हो तो रास्ते बदलो सिद्धान्त नहीं; क्योंकि पेड़ हमेशा पत्तियाँ बदलते हैं, जड़ें नहीं। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
आप का हर लम्हा गुलाब हो जाये, आप का हर पल शादाब हो जाये, जिन पर बरसती हैं खुदा की रहमतें, आपका भी नाम उनमें शुमार हो जाये। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सुबह की हर धूप कुछ याद दिलाती है; हर महकती खुशबू एक जादू जगाती है; कितनी भी व्यस्त क्यों ना हो यह ज़िन्दगी; सुबह सुबह अपनों की याद आ ही जाती है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सुबह सुबह ज़िन्दगी की शुरुआत होती है; किसी अपने से बात हो तो खास होती है; हँस के प्यार से अपनों को सुप्रभात बोलो तो; खुशियाँ अपने आप साथ होती हैं। आप का दिन शुभ हो!
सुप्रभात शायरी
नया दिन नयी सुबह करिये नयी शुरुआत, जागो उठो खोलो पलकें हो गया प्रभात! आपका दिन मंगलमय हो!
सुप्रभात शायरी
खूबसूरत तस्वीरें नैगेटिव से तैयार होती हैं वो भी अँधेरे में, इसलिए जब भी आपके जीवन में अन्धकार नज़र आये तो समझ लीजिये कि ईश्वर आपके भविष्य की सुंदर सी तस्वीर का निर्माण कर रहा है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
कागज अपनी किस्मत से उड़ता है, लेकिन पतंग अपनी काबिलियत से। इसलिए किस्मत साथ दे या न दे, काबिलियत जरुर साथ देती है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
हर सूर्यास्त हमारे जीवन से एक दिन कम कर देता है, लेकिन हर सूर्योदय हमें आशा भरा एक और दिन दे देता है। इसलिए सदैव हर सुबह बेहतर की उम्मीद करें। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
नन्हीं कली खिल चुकी है, बगिया में तितली गुनगुना रही है, तू आँख खोल तुझे सुबह जगा रही है, ख्वाबों की वो गलियाँ सोने जा रही हैं कह दे अब चंदा को अलविदा, सुबह तेरे लिए खुशियों का मल्हार गा रही है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
कोयल की कुहू कुहू में हैं जो मिठास, नदिया के जल में भी है खनकती आवाज, ऐसा ही सुरीला होगा आपका आज, दिल से कहते हैं आपको सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
स्वभाव रखना है तो उस दीपक की तरह रखो जो बादशाह के महल में भी उतनी रोशनी देता है जितनी किसी गरीब की झोपड़ी में। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सुबह का मौसम और सतगुरु की याद, हलकी सी ठडंक और सिमरन की प्यास, संगत की सेवा और नाम की मिठास, शुरू कीजिए अपना दिन प्रभु के साथ। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
प्रसन्न व्यक्ति वह है जो निरंतर स्वयं का मूल्यांकन एवं सुधार करता है। जबकि दुःखी व्यक्ति वह है जो दूसरों का मूल्यांकन करता है। सुपरभात!
सुप्रभात शायरी
रात गुज़री फिर महकती सुबह आई, दिल धड़का फिर आपकी याद आई, आँखों ने महसूस किया उस हवा को, जो आपको छूकर हमारे पास आई। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
चाँद तारे छुप गए मिट गया अंधकार, धूप सुनहरी देखकर जाग गया संसार, दिन आपका गुजरे अच्छा करते है दुआ हज़ार, भेज रहे हैं खिली धूप के साथ सुबह का नमस्कार। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सूरज की पहली किरण आपको हँसी दे, उड़ते पंछी आपको मधुर वाणी दे, ताज़ी हवा की ख़ुशबू आपको शांति दे, इसी तरह आपका दिन मंगलमय रहे। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
कलियाँ खिल उठी एक प्यारे से एहसास के साथ, एक नया विश्वास दिन की शुरुआत एक मीठी सी मुस्कान के साथ, आपको बोलना है मंगलमय हो आपका हर दिन, मंगल हो ये सुप्रभात। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
यदि हम उंचा उठना चाहते है तो, अपने अंदर के अहंकार को निकालकर, स्वयं को हल्का करना पडेगा… क्योंकि ऊँचा वही उठता है जो हल्का होता है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
ना किसी के आभाव में जियो, ना किसी के प्रभाव में जियो; ज़िन्दगी आपकी है बस अपने मस्त स्वभाव में जियो। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
‘श्रद्धा’ ज्ञान देती है, ‘नम्रता’ मान देती है, और ‘योग्यता’ स्थान देती है। और तीनों मिल जाएं तो व्यक्ति को हर जगह ‘सम्मान’ देती हैं। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
पग-पग सुनहरे फूल खिलें, कभी ना हो काँटों का सामना; ज़िन्दगी आप की खुशियों से भरी रहे, बस यही है हमारी मोनकामना। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
काली अँधेरी रात के बाद सुबह है आई; उठकर देखो सुबह का नज़ारा, सूर्य की रौशनी से सारी दुनिया है जगमगाई; क्या हुआ अगर कल गम में बीता, आज की सुबह नयी उमीदें है ले कर आई। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
ज़िंदगी की हर सुबह कुछ शर्तें लेकर आती है और ज़िंदगी की हर शाम कुछ तज़ुर्बे देकर जाती है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
कल का दिन किसने देखा है, तो आज का दिन भी खोये क्यों; जिन घडि़यों में हँस सकते हैं, उन घड़ियों में रोये क्यों। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
जिन्हें ख्वाब देखना अच्छा लगता है उन्हें रात छोटी लगती है; और जिन्हें ख्वाब पूरे करना अच्छा लगता है उन्हें दिन छोटा लगता है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
ऐ सूरज मेरे अपनों को यह पैगाम देना; खुशियों का दिन हँसी की शाम देना; जब कोई पढे प्यार से मेरे इस पैगाम को; तो उन को चेहरे पर प्यारी सी मुस्कान देना। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
जब तुम पैदा हुए थे तो तुम रोए थे जबकि पूरी दुनिया ने जश्न मनाया था। अपना जीवन ऐसे जियो कि तुम्हारी मौत पर पूरी दुनिया रोए और तुम जश्न मनाओ। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
समस्याएं इतनी ताक़तवर नहीं हो सकती जितना हम इन्हें मान लेते हैं। ऐसा कभी नहीं हुआ कि अंधेरों ने सुबह ही ना होने दी हो। चाहे कितनी भी गहरी काली रात हो उसके बाद सुबह होनी ही है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
माला की तारीफ़ तो सब करते हैं, क्योंकि मोती सबको दिखाई देते हैं लेकिन तारीफ़ के काबिल तो धागा है जिसने सब को जोड़ रखा है। इसलिए केवल मोती ही ना बनें वो धागा भी बनें जो सब को जोड़े। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
एक छोटा शब्द है… पढ़ें तो ‘सेकंड’ लगेगा सोचें तो ‘मिनट’ लगेगा समझें तो ‘दिन’ लगेगा और साबित करने में पूरी ज़िन्दगी लग जाती है। वो है ‘विश्वास’। इसलिए कभी इसे टूटने मत दीजिये। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सुबह की प्यारी रौनक तो देखो, इन आँखों में बसी उनकी तस्वीर तो देखो, हम ने आपको प्यारा सा सन्देश भेजा है सुप्रभात का, एक बार उठ कर इसे प्यार से तो देखो। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
बेझिझक मुस्कुराएँ जो भी गम है, ज़िन्दगी में टेंशन किसको कम हैं, अच्छा या बुरा तो केवल भ्रम है, ज़िन्दगी का नाम ही कभी ख़ुशी कभी गम है। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
सफलता भी फीकी लगती है यदि कोई बधाई देने वाला नहीं हो और विफलता भी सुंदर लगती है जब आपके साथ कोई अपना खड़ा हो। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
दो पल की ज़िन्दगी है इसे जीने के सिर्फ दो असूल बना लो, रहो तो फूलों की तरह और बिखरो तो खुशबू की तरह। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
स्वर्ग का सपना छोड़ दो, नरक का डर छोड़ दो, कौन जाने क्या पाप, क्या पुण्य, बस किसी का दिल न दुखे अपने स्वार्थ के लिए, बाक़ी सब कुदरत पर छोड़ दो। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
ज़िन्दगी तब बेहतर होती है जब हम खुश होते हैं, लेकिन यकीन करो ज़िन्दगी तब बेहतरीन हो जाती है जब हमारी वजह से सब खुश होते हैं। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
दौलत छोड़ी दुनिया छोड़ी सारा खज़ाना छोड़ दिया; सतगुरु के प्यार में दीवानों ने राज घराना छोड़ दिया; दरवाज़े पे जब लिखा हमने नाम हमारे सतगुरु का; मुसीबत ने दरवाज़े पे आना छोड़ दिया। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
देर मैंने ही लगाई पहचानने में ऐ भगवान, वरना तुमने जो दिया उसका तो कोई हिसाब ही नहीं; जैसे जैसे मैं सिर को झुकाता चला गया, वैसे वैसे तू मुझे उठाता चला गया। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
भाग्य से जितना अधिक उम्मीद करेंगे वह उतना ही निराश करेगा। कर्म में विश्वास रखें, आपको अपनी अपेक्षाओं से सदैव अधिक मिलेगा। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
शुरुआत करने के लिए महान होने की ज़रुरत नहीं, पर महान होने के लिए शुरुआत करनी पड़ती है। उठो.और जोश के साथ इस नए दिन की नयी शुरुआत करो। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
हर नयी सुबह का नया नया नज़ारा; ठंडी हवा लेकर आयी है पैगाम हमारा; कि खुशियों से भरा रहे आज का दिन तुम्हारा। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
गुलशन में भँवरों का फेरा हो गया, पूरब में सूरज का डेरा हो गया, खिलती मुस्कान के साथ खोलो आँखें, देखो एक बार फिर से नया सवेरा हो गया। सुप्रभात!
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अच्छे के साथ अच्छे रहो लेकिन बुरे के साथ बुरे नहीं बनो क्योंकि पानी से गंदगी साफ कर सकते हैं, गंदगी से गंदगी नही। सुप्रभात!
गुड मॉर्निंग शायरी फोटो
साईकिल और जिंदगी तभी बेहतर चल सकती है जब साईकिल में चेन हो और जिंदगी में चैन हो। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
उनके कर्जदार और वफादार रहिये जो आपके लिए अपना वक्त देते हैं! क्योंकि अंजाम की ख़बर तो कर्ण को भी थी पर बात दोस्ती निभाने की थी। सुप्रभात!
सुप्रभात संदेश हिंदी
मीठी मुस्कान, तीखा गुस्सा और नमकीन आँसू, इन तीनों के स्वाद से बनी है ज़िंदगी इसे मज़े से जियें। सुप्रभात!
सुप्रभात फोटो
कुछ नेकियाँ ऐसी भी होनी चाहिए, जिनका खुदा के सिवा कोई गवाह ना हो। सुप्रभात!
सुप्रभात शायरी
ध्यान का अर्थ है भीतर से मुस्कुराना और सेवा का अर्थ है इस मुस्कुराहट को औरों तक पँहुचाना। सुप्रभात!
सुप्रभात सुविचार फोटो
सच्चे और शुभचिंतक लोग हमारे जीवन में सितारों की तरह होते हैं… वो चमकते तो सदैव ही रहते है परंतु दिखाई तभी देते हैं जब अंधकार छा जाता है। सुप्रभात!
सुप्रभात संदेश
उदासियों की वजह तो बहुत है जिंदगी में; पर बेवजह खुश रहने का मज़ा ही कुछ और है। इसलिए हमेशा खुश रहो। सुप्रभात!
गुड मॉर्निंग शायरी
खिलते फूल जैसे लबों पर हंसी हो; ना कोई गम हो ना कोई बेबसी हो; सलामत रहे ज़िंदगी का यह सफ़र; जहाँ आप रहो वहाँ बस ख़ुशी ही ख़ुशी हो। सुप्रभात!
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तब तक कमाओ जब तक महंगी चीज़ सस्ती ना लगने लगे; चाहे वो सम्मान हो या सामान। सुप्रभात!
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सकारात्मक सोच आपके जीवन को सही दिशा देती है। सही सोचें, सही समझें, सही दिशा मे बढें। सुप्रभात!

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