Yun To Sadmo Mein Bhi Hans Leta
यूं तो सदमों में भी हंस लेता था मैं, आज क्यूं बेवजह रोने लगे हैं हम, बरसों से हथेलियां खाली ही रहीं मेरी, फिर आज क्यूं लगा स…
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