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Ishq Shayari Part - Three

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Ishq Shayari Part - Three

Ishq Shayari in Hindi-https://www.capsuleshayari.com
Ishq Shayari in Hindi

इश्क शायरी

साथ अगर दोगे तो मुस्कुराएंगे ज़रूर;
प्यार अगर दिल से करोगे तो निभाएंगे ज़रूर;
कितने भी काँटे क्यों ना हों राहों में;
आवाज़ अगर दिल से दोगे तो आएंगे ज़रूर।

इश्क शायरी

क्यों तू अच्छा लगता है, वक़्त मिला तो सोचेंगे;
तुझ में क्या क्या देखा है, वक़्त मिला तो सोचेंगे;
सारा शहर शहंशाही का दावेदार तो है लेकिन;
क्यों तू हमारा अपना है, वक़्त मिला तो सोचेंगे।

इश्क शायरी

प्यार वो है जिसमे सच्चाई हो;
साथी की हर बात का एहसास हो;
उसकी हर अदा पर नाज़ हो;
दूर रह कर भी पास होने का एहसास हो।

इश्क शायरी

मेरे दिल ने जब भी कभी कोई दुआ माँगी है;
हर दुआ में बस तेरी ही वफ़ा माँगी है;
जिस प्यार को देख कर जलते हैं यह दुनिया वाले;
तेरी मोहब्बत करने की बस वो एक अदा माँगी है।

इश्क शायरी

ख्याल में आता है जब भी उसका चेहरा;
तो लबों पे अक्सर फरियाद आती है;
भूल जाता हूँ सारे ग़म और सितम उसके;
जब ही उसकी थोड़ी सी मोहब्बत याद आती है।

इश्क शायरी

कभी दोस्ती कहेंगे कभी बेरुख़ी कहेंगे;
जो मिलेगा कोई तुझसा उसे ज़िन्दगी कहेंगे;
तेरा देखना है जादू तेरी गुफ़्तगू है खुशबू;
जो तेरी तरह चमके उसे रोशनी कहेंगे।

इश्क शायरी

ये दिल भुलाता नहीं है मोहब्बतें उसकी;
पड़ी हुई थी मुझे कितनी आदतें उसकी;
ये मेरा सारा सफर उसकी खुशबू में कटा;
मुझे तो राह दिखाती थी चाहतें उसकी।

इश्क शायरी

दिल की हसरत मेरी ज़ुबान पे आने लगी;
तुमने देखा और ये ज़िन्दगी मुस्कुराने लगी;
ये इश्क़ के इन्तहा थी या दीवानगी मेरी;
हर सूरत में मुझे सूरत तेरी नज़र आने लगी।

इश्क शायरी

ऐ आशिक तू सोच तेरा क्या होगा;
क्योंकि हशर की परवाह मैं नहीं करता;
फनाह होना तो रिवायत है तेरी;
इश्क़ नाम है मेरा मैं नहीं मरता।

इश्क शायरी

रात होगी तो चाँद दुहाई देगा;
ख्वाबों में आपको वह चेहरा दिखाई देगा;
ये मोहब्बत है ज़रा सोच कर करना;
एक आंसू भी गिरा तो सुनाई देगा।

इश्क शायरी

इत्तेफ़ाक़ से ही सही मगर मुलाकात हो गयी;
ढूंढ रहे थे हम जिन्हें आखिर उन से बात हो गयी;
देखते ही उन को जाने कहाँ खो गए हम;
बस यूँ समझो दोस्तो वहीं से हमारे प्यार की शुरुआत हो गयी।

इश्क शायरी

तेरे बिना टूट कर बिखर जायेंगे;
तुम मिल गए तो गुलशन की तरह खिल जायेंगे;
तुम ना मिले तो जीते जी ही मर जायेंगे;
तुम्हें जो पा लिया तो मर कर भी जी जायेंगे।

इश्क शायरी

जाने कहाँ थे और और चले थे कहाँ से हम;
बेदार हो गए किसी ख्वाब-ए-गिराँ से हम;
ऐ नौ-बहार-ए-नाज़ तेरी निकहतों की खैर;
दामन झटक के निकले तेरे गुलसिताँ से हम।

इश्क शायरी

तुम को तो जान से प्यारा बना लिया;
दिल को सुकून आँख का तारा का बना लिया;
अब तुम साथ दो या ना दो तुम्हारी मर्ज़ी;
हम ने तो तुम्हें ज़िन्दगी का सहारा बना लिया।

इश्क शायरी

लफ़्ज़ों में कैसे तारीफ करूँ,
लफ़्ज़ों में आप कैसे समा पाओगे;
जब भी पूछेंगे कभी लोग आपके बारे में,
हमारी आँखों में देख कर वो सब जान जायेंगे।

इश्क शायरी

हम वो फूल हैं जो रोज़ रोज़ नहीं खिलते;
यह वो होंठ हैं जो कभी नहीं सिलते;
हम से बिछड़ोगे तो एहसास होगा तुम्हें;
हम वो दोस्त हैं जो रोज़ रोज़ नहीं मिलते।

इश्क शायरी

खुशबू की तरह मेरी हर साँस में;
प्यार अपना बसाने का वादा करो;
रंग जितने तुम्हारी मोहब्बत के हैं;
मेरे दिल में सजाने का वादा करो।

इश्क शायरी

तन्हाइयों में मुस्कुराना इश्क़ है;
एक बात को सब से छुपाना इश्क़ है;
यूँ तो नींद नहीं आती हमें रात भर;
मगर सोते-सोते जागना और जागते-जागते सोना ही इश्क़ है।

इश्क शायरी

कच्ची दीवार हूँ ठोकर ना लगाना मुझे;
अपनी नज़रों में बसा कर ना गिराना मुझे;
तुम को आँखों में तसावुर की तरह रखता हूँ;
दिल में धड़कन की तरह तुम भी बसाना मुझे।

इश्क शायरी

धोखा ना देना कि तुझपे ऐतबार बहुत है;
ये दिल तेरी चाहत का तलबगार बहुत है;
तेरी सूरत ना दिखे तो दिखाई कुछ नही देता;
हम क्या करें कि तुझसे हमें प्यार बहुत है।

इश्क शायरी

उनके दीदार के लिए दिल तड़पता है;
उनके इंतज़ार में दिल तरसता है;
क्या कहें इस कमबख्त दिल को अब;
अपना होकर भी जो किसी और के लिए धड़कता है।

इश्क शायरी

दिल की किताब में गुलाब उनका था;
रात की नींद में एक ख्वाब उनका था;
है कितना प्यार हमसे जब यह हमने पूछ लिया;
मर जायेंगे बिन तेरे यह जवाब उनका था।

इश्क शायरी

आँखों के सामने हर पल आपको पाया है;
अपने दिल में सिर्फ आपको ही बसाया है;
आपके बिना हम जियें भी तो कैसे;
भला जान के बिना भी कोई जी पाया है।

इश्क शायरी

मोहब्बत के लबोँ पर फिर वही तकरार बैठी है;
एक प्‍यारी सी मीठी सी कोई झनकार बैठी है;
तुझसे दूर रहकर के हमारा हाल है ऐसा;
मैँ तेरे बिन यहाँ तू मेरे बिन वहाँ बेकार बैठी है।

इश्क शायरी

निकला करो इधर से भी होकर कभी कभी;
आया करो हमारे भी घर पर कभी कभी;
माना कि रूठ जाना यूँ आदत है आप की;
लगते मगर हैं अच्छे आपके ये तेवर कभी कभी।

इश्क शायरी

आप को भूल जाऊं यह नामुमकिन सी बात है;
आप को न हो यकीन यह और बात है;
जब तक रहेगी साँस तब तक आप रहोगे याद;
टूट जाये यह साँस तो यह और बात है।

इश्क शायरी

कुछ सोचूं तो तेरा ख्याल आ जाता है;
कुछ बोलूं तो तेरा नाम आ जाता है;
कब तक छुपाऊँ दिल की बात;
उसकी हर अदा पर मुझे प्यार आ जाता है।

इश्क शायरी

मेरे दिल ने जब भी कभी कोई दुआ माँगी है;
तो हर दुआ में बस तेरी वफ़ा माँगी है;
जिस प्यार को देख कर दुनिया वाले जलते हैं;
तेरी मोहब्बत करने की बस वो एक अदा माँगी है।

इश्क शायरी

अजीब नशा है होशियार रहना चाहता हूँ;
मैं उस के ख़्वाब में बेदार रहना चाहता हूँ;
ये मौज-ए-ताज़ा मेरी तिश्नगी का वहम सही;
मैं इस सराब में सरशार रहना चाहता हूँ।

इश्क शायरी

तेरे मिलने की आस न होती;
तो ज़िंदगी आज यूँ उदास न होती;
मिल जाती कभी तस्वीर जो तेरी;
तो हमको आज तेरी तलाश न होती।

इश्क शायरी

कब उनके लबों से इज़हार होगा;
दिल के किसी कोने में हमारे लिए भी प्यार होगा;
गुज़र रही हैं अब तो यह रातें बस इसी सोच में;
कि शायद उनको भी हमारा इंतज़ार होगा।

इश्क शायरी

लाखों में इंतिख़ाब के क़ाबिल बना दिया;
जिस दिल को तुमने देख लिया दिल बना दिया;
पहले कहाँ ये नाज़ थे, ये इश्वा-ओ-अदा;
दिल को दुआएँ दो तुम्हें क़ातिल बना दिया।

इश्क शायरी

जज़्बात मचलते हैं जब तुमसे मिलता हूँ;
अरमान मचलते हैं जब तुमसे मिलता हूँ;
साथ हम दोनों का कोई बर्दाश्त नहीं करता;
जलती है देख कर दुनिया जब मैं तुमसे मिलता हूँ।

इश्क शायरी

करते हैं हम तुमसे मोहब्बत;
हमारी खता यह माफ़ करना;
है अगर बदनाम मोहब्बत हमारी;
तुम प्यार को बदनाम मत करना।

इश्क शायरी

आँखों की गहराई को समझ नहीं सकते;
होंठों से हम कुछ कह नहीं सकते;
कैसे बयाँ करें हम यह हाल-ए-दिल आपको;
कि तुम्हीं हो जिसके बगैर हम रह नहीं सकते।

इश्क शायरी

आपसे दूर भला हम कैसे रह पाते;
दिल से आपको कैसे भुला पाते;
काश कि आप इस दिल के अलावा आईने में भी रहते;
देखते जब आइना खुद को देखने को तो वहाँ भी आप ही नज़र आते।

इश्क शायरी

चाहतों ने किया मुझ पे ऐसा असर;
जहाँ देखूं मैं देखूं तुझे हमसफ़र;
मेरी खामोशियाँ भी जुबान बन गयी;
मेरी बेचैनियां इश्क़ की दास्तान बन गयी।

इश्क शायरी

आप को देख कर यह निगाह रुक जाएगी;
ख़ामोशी अब हर बात कह जाएगी;
पढ़ लो अब इन आँखों में अपनी मोहब्बत;
कसम से सारी कायनात इसे सुनने को थम जाएगी।

इश्क शायरी

ना मैं ख्याल में तेरे ना मैं गुमान में हूँ;
यकीन दिल को नहीं है कि इस जहान में हूँ;
खुदाया रखियेगा दुनिया में सरफ़राज़ मुझे;
मैं पहले इश्क़ के, पहले इम्तिहान में हूँ।

इश्क शायरी

रूठी हो अगर ज़िंदगी तो मना लेंगे हम;
मिले जो गम अगर वो भी सह लेंगे हम;
बस आप रहना हमेशा साथ हमारे तो;
निकलते हुए आँसुओं में भी मुस्कुरा लेंगे हम।

इश्क शायरी

यूँ नज़रों से आपने बात की और दिल चुरा ले गए;
हम तो समझे थे अजनबी आपको;
पर दे कर बस एक मुस्कुराहट अपनी;
आप तो हमें अपना बना गए।

इश्क शायरी

इश्क़ में हर लम्हा ख़ुशी का एहसास बन जाता है;
दीदार-ए-यार भी खुदा का दीदार बन जाता है;
जब होता है नशा मोहब्बत का;
तो अक्सर आईना भी ख्वाब बन जाता है।

इश्क शायरी

इत्तेफ़ाक़ से यह हादसा हुआ है;
चाहत से मेरा वास्ता हुआ है;
दूर रह कर बड़ा बेताब था दिल;
पास आ कर भी हाल बुरा हुआ है।

इश्क शायरी

मुझे भी अब नींद की तलब नहीं रही;
अब रातों को जागना अच्छा लगता है;
मुझे नहीं मालूम वो मेरी किस्मत में है या नहीं;
मगर उसे खुदा से माँगना अच्छा लगता है।

इश्क शायरी

कब तक वो मेरा होने से इंकार करेगा;
खुद टूट कर वो एक दिन मुझसे प्यार करेगा;
इश्क़ की आग में उसको इतना जला देंगे;
कि इज़हार वो मुझसे सर-ए-बाजार करेगा।

इश्क शायरी

कैसे कहूँ कि अपना बना लो मुझे;
बाहों में अपनी समा लो मुझे;
बिन तुम्हारे एक पल भी कटता नहीं;
आ कर एक बार मुझ से चुरा लो मुझे।

इश्क शायरी

दूरियों की ना परवाह कीजिये;
दिल जब भी पुकारे बुला लीजिये;
कहीं दूर नहीं हैं हम आपसे;
बस अपनी पलकों को आँखों से मिला लीजिये।

इश्क शायरी

सीने में दिल तो हर एक के होता है;
लेकिन हर एक दिल में प्यार नहीं होता;
प्यार करने के लिए तो दिल होता है;
दिल में छुपाने के लिए प्यार नहीं होता।

इश्क शायरी

अपने घर की खिड़की से मैं आसमान को देखूँगा;
जिस पर तेरा नाम लिखा है उस तारे को ढूँढूँगा;
तुम भी हर शब दिया जला कर पलकों की दहलीज़ पर रखना;
मैं भी रोज़ एक ख़्वाब तुम्हारे शहर की जानिब भेजूँगा।

इश्क शायरी

इश्क़ फिर वो रंग लाया है कि जी जाने है;
दिल का ये रंग बनाया है कि जी जाने है;
नाज़ उठाने में जफ़ाएं तो उठाई लेकिन;
लुत्फ़ भी ऐसा उठाया है कि जी जाने है।

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