Ishq Shayari Part - Two
Ishq Shayari Part - Two
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| Ishq Shayari in Hindi |
इश्क शायरी
इश्क के रिश्ते कितने अजीब होते है?
दूर रहकर भी कितने करीब होते है;
मेरी बर्बादी का गम न करो;
ये तो अपने अपने नसीब होते हैं!
इश्क शायरी
कोई अच्छा लगे तो उनसे प्यार मत करना;
उनके लिए अपनी नींदे बेकार मत करना;
दो दिन तो आएँगे खुशी से मिलने;
तीसरे दिन कहेंगे इंतज़ार मत करना!
इश्क शायरी
कभी हँसता है प्यार, कभी रुलाता है प्यार;
हर पल की याद दिलाता है यह प्यार;
चाहो या न चाहो पर आपके होने का एहसास दिलाता है ये प्यार;
वेलेंटाइन डे की शुभकामनाए!
इश्क शायरी
दिल की धड़कन और मेरी सदा है वो;
मेरी पहली और आखिरी वफ़ा है वो;
चाहा है उसे चाहत से बड़ कर;
मेरी चाहत और चाहत की इंतिहा है वो!
इश्क शायरी
उनके आने के इंतज़ार में हमनें;
सारे रास्ते दिएँ से जलाकर रोशन कर दिए!
उन्होंने सोचा कि मिलने का वादा तो रात का था;
वो सुबह समझ कर वापस चल दिए।
इश्क शायरी
मेरी मोहब्बत है वो कोई मज़बूरी तो नही;
वो मुझे चाहे या मिल जाये, जरूरी तो नही;
ये कुछ कम है कि बसा है मेरी साँसों में वो;
सामने हो मेरी आँखों के जरूरी तो नही!
इश्क शायरी
खफा न होना हमसे, अगर तेरा नाम जुबां पर आ जाये;
इंकार हुआ तो सह लेंगे और अगर दुनिया हंसी, तो कह देंगे;
कि मोहब्बत कोई चीज़ नहीं, जो खैरात में मिल जाये;
चमचमाता कोई जुगनू नहीं, जो हर रात में मिल जाये;
इश्क शायरी
ना आना लेकर उसे मेरे जनाजे में;
मेरी मोहब्बत की तौहीन होगी;
मैं चार लोगो के कंधे पर हूंगा;
और मेरी जान पैदल होगी!
इश्क शायरी
कोई छुपाता है, कोई बताता है;
कोई रुलाता है, तो कोई हंसाता है;
प्यार तो हर किसी को ही किसी न किसी से हो जाता है;
फर्क तो इतना है कि कोई अजमाता है और कोई निभाता है!
इश्क शायरी
रात होगी तो चाँद दुहाई देगा;
ख्वाबों में आपको वह चेहरा दिखाई देगा;
ये मोहब्बत है, ज़रा सोचकर करना;
एक आंसू भी गिरा तो सुनाई देगा!
इश्क शायरी
इश्क का जिसको ख्वाब आ जाता है;
समझो उसका वक़्त खराब आ जाता है;
महबूब आये या न आये;
पर तारे गिनने का तो हिसाब आ ही जाता है!
इश्क शायरी
दो दिलो की मोहब्बत से जलते हैं लोग;
तरह-तरह की बातें तो करते हैं लोग;
जब चाँद और सूरज का होता है खुलकर मिलन;
तो उसे भी "सूर्य ग्रहण" तक कहते हैं लोग!
इश्क शायरी
उनके आने के इंतज़ार में हमनें;
सारे रास्ते दिएँ से जलाकर रोशन कर दिए!
उन्होंने सोचा कि मिलने का वादा तो रात का था;
वो सुबह समझ कर वापस चल दिए।
इश्क शायरी
मेरी मोहब्बत है वो कोई मज़बूरी तो नही;
वो मुझे चाहे या मिल जाये, जरूरी तो नही;
ये कुछ कम है कि बसा है मेरी साँसों में वो;
सामने हो मेरी आँखों के जरूरी तो नही!
इश्क शायरी
खफा न होना हमसे, अगर तेरा नाम जुबां पर आ जाये;
इंकार हुआ तो सह लेंगे और अगर दुनिया हंसी, तो कह देंगे;
कि मोहब्बत कोई चीज़ नहीं, जो खैरात में मिल जाये;
चमचमाता कोई जुगनू नहीं, जो हर रात में मिल जाये;
इश्क शायरी
ना आना लेकर उसे मेरे जनाजे में;
मेरी मोहब्बत की तौहीन होगी;
मैं चार लोगो के कंधे पर हूंगा;
और मेरी जान पैदल होगी!
इश्क शायरी
कोई छुपाता है, कोई बताता है;
कोई रुलाता है, तो कोई हंसाता है;
प्यार तो हर किसी को ही किसी न किसी से हो जाता है;
फर्क तो इतना है कि कोई अजमाता है और कोई निभाता है!
इश्क शायरी
रात होगी तो चाँद दुहाई देगा;
ख्वाबों में आपको वह चेहरा दिखाई देगा;
ये मोहब्बत है, ज़रा सोचकर करना;
एक आंसू भी गिरा तो सुनाई देगा!
इश्क शायरी
इश्क का जिसको ख्वाब आ जाता है;
समझो उसका वक़्त खराब आ जाता है;
महबूब आये या न आये;
पर तारे गिनने का तो हिसाब आ ही जाता है!
इश्क शायरी
दो दिलो की मोहब्बत से जलते हैं लोग;
तरह-तरह की बातें तो करते हैं लोग;
जब चाँद और सूरज का होता है खुलकर मिलन;
तो उसे भी "सूर्य ग्रहण" तक कहते हैं लोग!
इश्क शायरी
एक जनाजा और एक बारात टकरा गए;
उनको देखने वाले भी चकरा गए;
ऊपर से आवाज आई-ये कैसी विदाई है;
महबूब की डोली देखने साजन कि अर्थी भी आई है।
इश्क शायरी
लोग कहते हैं पिये बैठा हूँ मैं;
खुद को मदहोश किये बैठा हूँ मैं;
जान बाकी है वो भी ले लीजिये;
दिल तो पहले ही दिये बैठा हूँ मैं।
इश्क शायरी
ना जाने वो कौन तेरा हबीब होगा;
तेरे हाथों में जिसका नसीब होगा;
कोई तुम्हें चाहे ये कोई बड़ी बात नहीं;
लेकिन तुम जिसको चाहो, वो खुश नसीब होगा!
इश्क शायरी
आँखों में आंसुओं की लकीर बन गई;
जैसी चाहिए थी वैसी तकदीर बन गई;
हमने तो सिर्फ रेत में उंगलियाँ घुमाई थी;
गौर से देखा तो आपकी तस्वीर बन गई!
इश्क शायरी
जो दिल से करीब हो उसे रुसवा नहीं कहते;
यूं अपनी मोहब्बत का तमाशा नहीं करते;
खामोश रहेंगे तो घुटन और बढ़ेगी;
इसलिए अपनों से कोई बात छुपाया नहीं करते!
इश्क शायरी
वफ़ा का लाज हम वफा से निभायेगें;
चाहत के दीप हम आँखों से जलाएंगे;
कभी जो गुजरना हो तुम्हें दूसरे रास्तों से;
हम फूल बनकर तेरी राहों में बिखर जायेंगे!
इश्क शायरी
सब कुछ है मेरे पास पर दिल की दवा नहीं;
दूर वो मुझसे हैं पर मैं खफा नहीं;
मालूम है अब भी वो प्यार करते हैं मुझसे;
वो थोड़ा सा जिद्दी है, मगर बेवफा नहीं!
इश्क शायरी
तुम्हारी दुनिया से जाने के बाद;
हम तुम्हें हर एक तारे में नज़र आया करेंगे;
तुम हर पल कोई दुआ माँग लेना;
और हम हर पल टूट जाया करेंगे।
इश्क शायरी
जब भी उनकी गली से गुज़रता हूँ;
मेरी आंखें एक दस्तक दे देती हैं;
दुःख ये नहीं, वो दरवाजा बंद कर देते हैं;
खुशी ये है, वो मुझे अब भी पहचान लेते हैं!
इश्क शायरी
कोई चाँद से मोहब्बत करता है;
कोई सूरज से मोहब्बत करता है;
हम उनसे मोहब्बत करते हैं;
जो हमसे मोहब्बत करते हैं।
इश्क शायरी
चुपके से आकर इस दिल में उतर जाते हो;
सांसों में मेरी खुशबु बन के बिखर जाते हो;
कुछ यूँ चला है तेरे 'इश्क' का जादू;
सोते-जागते तुम ही तुम नज़र आते हो।
इश्क शायरी
वफा के बदले बेवफाई ना दिया करो;
मेरी उम्मीद ठुकरा कर इंकार ना किया करो;
तेरी मोहब्बत में हम सब कुछ खो बैठे;
जान चली जायेगी इम्तिहान ना लिया करो।
इश्क शायरी
खुशबू ने फूल को एक अहसास बनाया;
फूल ने बाग को कुछ खास बनाया;
चाहत ने मोहब्बत को एक प्यास बनाया;
और इस मोहब्बत ने एक और देवदास बनाया।
इश्क शायरी
आँखों में आंसुओं की लकीर बन गई;
जैसी चाहिए थी वैसी तकदीर बन गई;
हमने तो सिर्फ रेत में उंगलियाँ घुमाई थी;
गौर से देखा तो आपकी तस्वीर बन गई।
इश्क शायरी
दिल की किताब में गुलाब उनका था;
रात की नींदों में ख्वाब उनका था;
कितना प्यार करते हो जब हमने पूछा;
मर जायेंगे तुम्हारे बिना यह जवाब उनका था।
इश्क शायरी
दिल में प्यार का आगाज हुआ करता है;
बातें करने का अंदाज हुआ करता है;
जब तक दिल को ठोकर नहीं लगती;
सबको अपने प्यार पर नाज हुआ करता है!
इश्क शायरी
कब तक रहोगे आखिर यूं दूर हमसे;
मिलना पड़ेगा आखिर एक दिन जरूर हमसे;
दामन बचाने वाले ये बेरुखी है कैसी?
कह दो अगर हुआ है कोई कसूर हमसे!
इश्क शायरी
बहते अश्कों की ज़ुबान नहीं होती;
लफ़्ज़ों में मोहब्बत बयां नही होती;
मिले जो प्यार तो कदर करना;
किस्मत हर कीसी पर मेहरबां नहीं होती।
इश्क शायरी
ज़िन्दगी सिर्फ मोहब्बत नहीं कुछ और भी है;
ज़ुल्फ़-ओ-रुखसार की जन्नत नहीं कुछ और भी है;
भूख और प्यास की मारी हुई इस दुनिया में;
इश्क ही इक हकीकत नहीं कुछ और भी है!
इश्क शायरी
तक़दीर के आईने में मेरी तस्वीर खो गई;
आज हमेशा के लिए मेरी रूह सो गई;
मोहब्बत करके क्या पाया मैंने;
वो कल मेरी थी आज किसी और की हो गई!
इश्क शायरी
किसी के दिल में बसना कुछ बुरा तो नही;
किसी को दिल में बसाना कोई खता तो नही;
गुनाह हो यह ज़माने की नजर में तो क्या;
यह ज़माने वाले कोई खुदा तो नही!
इश्क शायरी
ये दिल न जाने क्या कर बैठा;
मुझसे बिना पूछे ही फैसला कर बैठा;
इस ज़मीन पर टूटा सितारा भी नहीं गिरता;
और ये पागल चाँद से मोहब्बत कर बैठा।
इश्क शायरी
हर बार दिल से ये पैगाम आए;
ज़ुबाँ खोलूं तो तेरा ही नाम आए;
तुम ही क्यूँ भाए दिल को क्या मालूम;
जब नज़रों के सामने हसीन तमाम आए|
इश्क शायरी
कुछ सोचूं तो तेरा ख्याल आ जाता है;
कुछ बोलूं तो तेरा नाम आ जाता है;
कब तलक बयाँ करूँ दिल की बात;
हर सांस में अब तेरा एहसास आ जाता है।
इश्क शायरी
कुछ चेहरे भुलाए नहीं जाते;
कुछ नाम दिल से मिटाए नहीं जाते;
मुलाक़ात हो न हो, अय मेरे यार;
प्यार के चिराग कभी बुझाए नहीं जाते।
इश्क शायरी
दुख मे खुशी की वजह बनती है मोहब्बत;
दर्द मे यादों की वजह बनती है मोहब्बत;
जब कुछ भी अच्छा नहीं लगता दुनिया में;
तब जीने की वजह बनती है मोहब्बत।
इश्क शायरी
दिल से तेरी निगाह जिगर तक उतर गई;
दोनों को इक अदा में रजामंद कर गई;
शक हो गया है सीना, ख़ुशी लज्जते-फ़िराक;
तकलीफे-पर्दादारी-ए-ज़ख्म-जिगर गई!
इश्क शायरी
किसी का क्या जो क़दमों पर जबीं-ए-बंदगी रख दी;
हमारी चीज़ थी हमने जहां जानी वहां रख दी;
जो दिल माँगा तो वो बोले ठहरो याद करने दो;
ज़रा सी चीज़ थी हमने जाने कहाँ रख दी!
इश्क शायरी
हर खामोशी का मतलब इंकार नहीं होता;
हर नाकामयाबी का मतलब हार नहीं होता;
तो क्या हुआ अगर हम तुम्हें न पा सके;
सिर्फ पाने का मतलब प्यार नहीं होता!
इश्क शायरी
जब से तूने मुझे दीवाना बना रखा है;
संग हर शख्स ने हाथों में उठा रखा है;
उसके दिल पर भी कड़ी इश्क में गुजरी होगी;
नाम जिसने भी मोहब्बत का सज़ा रखा है!


