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Ishq Shayari in Hindi

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Ishq Shayari

Ishq Shayari in Hindi-Capsule Shayari
Ishq Shayari in Hindi

इश्क शायरी

महोब्बत और नफरत सब मिल चुके हैं मुझे;
मैं अब तकरीबन मुकम्मल हो चोका हूँ!

इश्क शायरी

वो खुद पर गरूर करते है,
तो इसमें हैरत की कोई बात नहीं!
जिन्हें हम चाहते है,
वो आम हो ही नहीं सकते!

इश्क शायरी

कोई ठुकरा दे तू हंस के सह लेना;
मोहब्बत की ताबित में ज़बरदस्ती नहीं होती!

इश्क शायरी

ये वफ़ा तो उस वक्त की बात है ऐ फ़राज़;
जब मकान कच्चे और लोग सच्चे हुआ करते थे!

इश्क शायरी

कृष्ण ने राधा से पूछा: ऐसी एक जगह बताओ, जहाँ में नहीं हूँ?
राधा ने मुस्कुरा के कहा, `बस मेरे नसीब में`!

इश्क शायरी

अजीब खेल है ये मोहब्बत का;
किसी को हम न मिले, कोई हमें ना मिला!

इश्क शायरी

खींच लेती है मुझे उसकी मोहब्बत;
वरना मै बहुत बार मिला हूँ आखरी बार उससे!

इश्क शायरी

उसने देखा ही नहीं अपनी हथेली को कभी;
उसमे हलकी सी लकीर मेरी भी थी!

इश्क शायरी

तुम्हारे पास नहीं तो फिर किस के पास है?
वो टुटा हुआ दिल, आखिर गया कहाँ!

इश्क शायरी

ये डूबने वाले का ही होता हे कोई फन;
आँखों में किसी के भी समंदर नहीं होता!

इश्क शायरी

तुम मुझे मौका तो दो ऐतबार बनाने का;
थक जाओगे मेरी वफाओं के साथ चलते चलते!

इश्क शायरी

तमाम नींदें गिरवी हैं हमारी उसके पास;
जिससे ज़रा सी मुहब्बत की थी हमनें!

इश्क शायरी

बस इतना ही कहा था,
कि बरसो के प्यासे हैं हम;
उसने अपने होठों पे होंठ रख के,
हमे खामोश कर दिया!

इश्क शायरी

बेवाफायों की इस दुनियां में संभलकर चलना मेरे दोस्तों;
यहाँ बर्बाद करने के लिए, मुहब्बत का भी सहारा लेते हैं लोग!

इश्क शायरी

हमसे बदल गये वो निगाहें तो क्या हुआ
जिंदा हैं कितने लोग मोहब्बत किये बगैर!

इश्क शायरी

छुपा लूं तुझको अपनी बाँहों में इस तरह,
कि हवा भी गुजरने की इजाज़त मांगे;
मदहोश हो जाऊं तेरे प्यार में इस तरह,
कि होश भी आने की इजाज़त मांगे!

इश्क शायरी

छुपा लूं तुझको अपनी बाँहों में इस तरह,
कि हवा भी गुजरने की इजाज़त मांगे;
मदहोश हो जाऊं तेरे प्यार में इस तरह,
कि होश भी आने की इजाज़त मांगे!

इश्क शायरी

धोखा दिया था जब तूने मुझे,
जिंदगी से मैं नाराज था;
सोचा कि दिल से तुझे निकाल दूं,
मगर कंबख्त दिल भी तेरे पास था।

इश्क शायरी

कोई कहता है प्यार नशा बन जाता है!
कोई कहता है प्यार सज़ा बन जाता है!
पर प्यार करो अगर सच्चे दिल से,
तो वो प्यार ही जीने की वजह बन जाता है

इश्क शायरी

मेरे इश्क ने सीख ली है, अब वक़्त की तकसीम...
वो मुझे बहुत कम याद आता है;
सिर्फ इतना - दिल की हर एक धड़कन के साथ!

इश्क शायरी

बड़ी मुददत के बाद मिलने वाली थी कैद से आज़ादी;
पर किस्मत तो देखो, जब आज़ादी मिलने वाली थी;
तब तक पिंजरे से प्यार हो चुका था!

इश्क शायरी

हम रूठे तो किसके भरोसे, कौन आएगा हमें मनाने के लिए;
हो सकता है, तरस आ भी जाए आपको;
पर दिल कहाँ से लाये, आप से रूठ जाने के लिए!

इश्क शायरी

मेरे इश्क ने सीख ली है, अब वक़्त की तकसीम...
वो मुझे बहुत कम याद आता है;
सिर्फ इतना - दिल की हर एक धड़कन के साथ!

इश्क शायरी

हम रूठे तो किसके भरोसे, कौन आएगा हमें मनाने के लिए;
हो सकता है, तरस आ भी जाए आपको;
पर दिल कहाँ से लाये, आप से रूठ जाने के लिए!

इश्क शायरी

गम ने हसने न दिया, ज़माने ने रोने न दिया!
इस उलझन ने चैन से जीने न दिया!
थक के जब सितारों से पनाह ली!
नींद आई तो तेरी याद ने सोने न दिया!

इश्क शायरी

उगता हुआ सूरज दुआ दे आपको!
खिलता हुआ फूल खुशबू दे आपको!
हम तो कुछ देने के काबिल नहीं है!
देने वाला हज़ार खुशिया दे आपको!

इश्क शायरी

बेताब तमन्नाओ की कसक रहने दो!
मंजिल को पाने की कसक रहने दो!
आप चाहे रहो नज़रों से दूर!
पर मेरी आँखों में अपनी एक झलक रहने दो!

इश्क शायरी

वो वक़्त वो लम्हे कुछ अजीब होंगे!
दुनिया में हम खुश नसीब होंगे!
दूर से जब इतना याद करते है आपको!
क्या होगा जब आप हमारे करीब होंगे?

इश्क शायरी

आँखों में तेरी डूब जाने को दिल चाहता है!
इश्क में तेरे बर्बाद होने को दिल चाहता है!
कोई संभाले मुझे, बहक रहे है मेरे कदम!
वफ़ा में तेरी मर जाने को दिल चाहता है!

इश्क शायरी

इस कदर हम उनकी मुहब्बत में खो गए!
कि एक नज़र देखा और बस उन्हीं के हम हो गए!
आँख खुली तो अँधेरा था देखा एक सपना था!
आँख बंद की और उन्हीं सपनो में फिर सो गए!

इश्क शायरी

किसी के दिल में बसना कुछ बुरा तो नहीं !
किसी को दिल में बसाना कोई खता तो नहीं !
गुनाह हो यह ज़माने की नज़र में तो क्या !
ज़माने वाले कोई खुदा तो नहीं !

इश्क शायरी

किस्मत से अपनी सबको शिकायत क्यों है?
जो नहीं मिल सकता उसी से मुहब्बत क्यों है?
कितने खायें है धोखे इन राहों में!
फिर भी दिल को उसी का इंतजार क्यों है?

इश्क शायरी

कभी किसी से प्यार मत करना!
हो जाये तो इंकार मत करना!
चल सको तो चलना उस राह पर!
वरना किसी की ज़िन्दगी ख़राब मत करना!

इश्क शायरी

प्यार कमजोर दिल से किया नहीं जा सकता!
ज़हर दुश्मन से लिया नहीं जा सकता!
दिल में बसी है उल्फत जिस प्यार की!
उस के बिना जिया नहीं जा सकता!

इश्क शायरी

तुझे भूलकर भी न भूल पायेगें हम!
बस यही एक वादा निभा पायेगें हम!
मिटा देंगे खुद को भी जहाँ से लेकिन!
तेरा नाम दिल से न मिटा पायेगें हम!

इश्क शायरी

मुहब्बत का इम्तिहान आसान नहीं!
प्यार सिर्फ पाने का नाम नहीं!
मुद्दतें बीत जाती हैं किसी के इंतज़ार में!
ये सिर्फ पल-दो-पल का काम नहीं!

इश्क शायरी

जब कोई ख्याल दिल से टकराता है!
दिल न चाह कर भी, खामोश रह जाता है!
कोई सब कुछ कहकर, प्यार जताता है!
कोई कुछ न कहकर भी, सब बोल जाता है!

इश्क शायरी

दिल को था आपका बेसबरी से इंतजार!
पलके भी थी आपकी एक झलक को बेकरार!
आपके आने से आयी है कुछ ऐसी बहार!
कि दिल बस मांगे आपके लिये खुशियाँ बेशुमार!

इश्क शायरी

चहरे पर हंसी छा जाती है!
आँखों में सुरूर आ जाता है!
जब तुम मुझे अपना कहते हो,
अपने पर गुरुर आ जाता है!

इश्क शायरी

अगर तुम न होते तो ग़ज़ल कौन कहता!
तुम्हारे चहरे को कमल कौन कहता!
यह तो करिश्मा है मोहब्बत का!
वरना पत्थर को ताज महल कौन कहता!

इश्क शायरी

तुम्हारे नाम को होंठों पर सजाया है मैंने!
तुम्हारी रूह को अपने दिल में बसाया है मैंने!
दुनिया आपको ढूंढते ढूंढते हो जायेगी पागल!
दिल के ऐसे कोने में छुपाया है मैंने!

इश्क शायरी

मोहब्बत मुझे थी उसी से सनम!
यादों में उसकी यह दिल तड़पता रहा!
मौत भी मेरी चाहत को रोक न सकी!
कब्र में भी यह दिल धड़कता रहा!

इश्क शायरी

जब तक तुम्हें न देखूं!
दिल को करार नहीं आता!
अगर किसी गैर के साथ देखूं!
तो फिर सहा नहीं जाता!

इश्क शायरी

इश्क मुहब्बत तो सब करते हैं!
गम - ऐ - जुदाई से सब डरते हैं
हम तो न इश्क करते हैं न मुहब्बत!
हम तो बस आपकी एक मुस्कुराहट पाने के लिए तरसते हैं!

इश्क शायरी

माना की तुम जीते हो ज़माने के लिये!
एक बार जी के तो देखो हमारे लिये!
दिल की क्या औकात आपके सामने!
हम तो जान भी दे देंगे आपको पाने के लिये!

इश्क शायरी

उदास नहीं होना, क्योंकि मैं साथ हूँ!
सामने न सही पर आस-पास हूँ!
पल्को को बंद कर जब भी दिल में देखोगे!
मैं हर पल तुम्हारे साथ हूँ!

इश्क शायरी

मोहब्बत ऐसी थी कि उनको दिखाई न दी!
चोट दिल पर थी इसलिए दिखाई न गयी!
चाहते नहीं थे उनसे दूर होना पर!
दुरिया इतनी थी कि मिटाई न गयी!

इश्क शायरी

प्यार कमजोर दिल से किया नहीं जा सकता!
ज़हर दुश्मन से लिया नहीं जा सकता!
दिल में बसी है उल्फत जिस प्यार की!
उसके बिना जिया नहीं जा सकता!

इश्क शायरी

माना आज उन्हें हमारा कोई ख़याल नहीं;
जवाब देने को हम राज़ी है, पर कोई सवाल नहीं!
पूछो उनके दिल से क्या हम उनके यार नहीं;
क्या हमसे मिलने को वो बेकरार नहीं!

इश्क शायरी

रेत पर नाम कभी लिखते नहीं;
रेत पर नाम कभी टिकते नहीं;
लोग कहते है कि हम पत्थर दिल हैं;
लेकिन पत्थरों पर लिखे नाम कभी मिटते नहीं!

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