Yaad Shayari
Yaad Shayari
![]() |
| Yaad Shayari |
याद शायरी
ओस की बूंदे है, आंख में नमी है,
ना उपर आसमां है ना नीचे जमीन है
ये कैसा मोड है जिन्दगी का
जो लोग खास है उन्की की कमी हैं
याद शायरी
हंसी ने लबों पर थ्रिकराना छोड दिया
ख्बाबों ने सपनों में आना छोड दिया
नहीं आती अब तो हिचकीया भी शायद
आपने भी याद करना छोड’ दिया
याद शायरी
सोचा था इस कदर उनको भूल जाएँगे,
देखकर भी अनदेखा कर जाएँगे,
पर जब जब सामने आया उनका चेहरा,
सोचा एस बार देखले, अगली बार भूल जाएँगे
याद शायरी
सभी नगमे साज़ मैं गाये नहीं जाते
सभी लोग महफ़िल मैं बुलाये नहीं जाते
कुछ पास रह कर भी याद नहीं आते
कुछ दूर रह कर भी भुलाये नहीं जाते
याद शायरी
न वो आ सके न हम कभी जा सके!
न दर्द दिल का किसी को सुना सके!
बस बैठे है यादों में उनकी!
न उन्होंने याद किया और न हम उनको भुला सके!
याद शायरी
जीना चाहते हैं मगर ज़िन्दगी रास नहीं आती!
मरना चाहते हैं मगर मौत पास नहीं आती!
बहुत उदास हैं हम इस ज़िन्दगी से!
उनकी यादें भी तो तड़पाने से बाज़ नहीं आती!
याद शायरी
तेरी आँखों में हमे जाने क्या नज़र आया!
तेरी यादों का दिल पर सरुर है छाया!
अब हमने चाँद को देखना छोड़ दिया!
और तेरी तस्वीर को दिल में छुपा लिया!
याद शायरी
भुला ना पाओगी मेरा साथ तुम
चाहे जितना आउंगा याद तुम्हें ख्वाब-ओ-खयालों मे
उतना शायद बिछड के चाहत और वासिक़ होती है यकीन
ना आए तो कर के देख ये भी फितना
याद शायरी
कलम चलती है तो दिल की आवाज लिखता हूँ;
गम और जुदाई के अंदाज़-ए-बयां लिखता हूँ;
रुकते नहीं हैं मेरी आँखों से आंसू;
मैं जब भी उसकी याद में अल्फाज़ लिखता हूँ।
याद शायरी
मौसम को इशारों से बुला क्यों नहीं लेते रूठा है
अगर वो तो मना क्यों नहीं लेते तुम जाग रहे हो
मुझको अच्छा नहीं लगता चुपके से मेरी नींद चुरा क्यों नहीं लेते
दीवाना तुम्हारा कोई गैर नहीं
याद शायरी
इस दुनियाँ में सब कुछ बिकता है,
फिर जुदाई ही रिश्वत क्युँ नही लेती?
मरता नहीं है कोई किसी से जुदा होकर,
बस यादें ही हैं जो जीने नहीं देती..
याद शायरी
याद किसी को करना ये बात नहीं जताने की!
दिल पे चोट देना आदत है ज़माने की!
हम आपको बिल्कुल नहीं याद करते!
क्योकि याद किसी को करना निशानी है भूल जाने की!
याद शायरी
तुम करोगे याद एक दिन इस प्यार के ज़माने को,
चले जाएँगे जब हम कभी ना वापस आने को.
करेगा महफ़िल मे जब ज़िक्र हमारा कोई
तो तुम भी तन्हाई ढूंढोगे आँसू बहाने को
याद शायरी
दिल जब टूटता है तो आवाज नहीं आती!
हर किसी को मुहब्बत रास नहीं आती!
ये तो अपने-अपने नसीब की बात है!
कोई भूलता नहीं और किसी को याद भी नहीं आती!
याद शायरी
दिल तेरी याद में आहें भरता है!
मिलने को पल पल तड़पता है!
मेरा यह सपना टूट न जाये कहीं!
बस इसी बात से दिल डरता है!
याद शायरी
ये मत कहना कि तेरी याद से रिश्ता नहीं रखा;
मैं खुद तन्हा रहा मगर दिल को तन्हा नहीं रखा;
तुम्हारी चाहतों के फूल तो महफूज़ रखे हैं;
तुम्हारी नफरतों की पीड़ को ज़िंदा नहीं रखा!
याद शायरी
अगर यूँही ये दिल सताता रहेगा;
तो इक दिन मेरा जी ही जाता रहेगा;
मैं जाता हूँ दिल को तेरे पास छोड़े;
ये मेरी याद तुझको दिलाता रहेगा!
याद शायरी
तुम अगर याद रखोगे तो इनायत होगी;
वरना हमको कहां तुम से शिकायत होगी;
ये तो बेवफ़ा लोगों की दुनिया है;
तुम अगर भूल भी जाओ जो रिवायत होगी!
याद शायरी
सारी उम्र आंखो मे एक सपना याद रहा;
सदियाँ बीत गयी पर वो लम्हा याद रहा;
ना जाने क्या बात थी उनमे और हममे;
सारी महफ़िल भुल गये बस वह चेहरा याद रहा!
याद शायरी
यादों की किम्मत वो क्या जाने;
जो ख़ुद यादों को मिटा दिए करते हैं,
यादों का मतलब तो उनसे पूछो जो,
यादों के सहारे जिया करते हैं!
याद शायरी
‘मैं जहां रहूं, मैं कहीं भी हूं, तेरी याद साथ है।
किसी से कहूं, के नहीं कहूं, ये जो दिल की बात है।
कहने को साथ अपने, एक दुनिया चलती है।
पर झुक के इस दिल में, तन्हाई पलती है। तेरी याद साथ है, तेरी याद साथ है।
याद शायरी
आज तेरी याद हम सीने से लगा कर रोये
तन्हाई मैं तुझे हम पास बुला कर रोये
कई बार पुकारा इस दिल मैं तुम्हें
और हर बार तुम्हें ना पाकर हम रोये
याद शायरी
रात हुई जब शाम के बाद! तेरी याद आई हर बात के बाद! हमने खामोश रहकर भी देखा! तेरी आवाज़ आई हर सांस के बाद!


