Sher-O-Shayari in Hindi | शेरो शायरी का नया दौर
शेर ओ शायरी
रोज़ तारों की नुमा-इश् में खलल पड़ता है
चाँद पागल है अंधेरे में निकल पड़ता है
उनकी याद आई है सांसो ज़रा आहिस्ता चलो
धड़कनो से भी इबादत में खलल पड़ता है”
चाँद पागल है अंधेरे में निकल पड़ता है
उनकी याद आई है सांसो ज़रा आहिस्ता चलो
धड़कनो से भी इबादत में खलल पड़ता है”
शेर ओ शायरी
मैं अल्फ़ाज़ हूँ तेरा हर बात समझता हूँ,
मैं एहसास हूँ तेरे जज़्बात समझता हूँ,
कब पूछा मैने की क्यूँ डोर हो गयीं मुझसे,
मैं दिल रखता हूँ तेरे हालात समझता हूँ.
मैं एहसास हूँ तेरे जज़्बात समझता हूँ,
कब पूछा मैने की क्यूँ डोर हो गयीं मुझसे,
मैं दिल रखता हूँ तेरे हालात समझता हूँ.
शेर ओ शायरी
सुनो सुनो गौर से यह शेर है मेने सुनाया
सुनो सुनो गौर से यह शेर है मेने सुनाया
टीवी में दिखता है लेकिन कोई किसी को छु नही सकता .
सुनो सुनो गौर से यह शेर है मेने सुनाया
टीवी में दिखता है लेकिन कोई किसी को छु नही सकता .
शेर ओ शायरी
अगर किसी को चाहते हो तो उसके लिए आँसू ना बहाओ,
आईसी मुहब्बत मे रोने से क्या फ़ायदा,
खुश होके अपनी प्यार को निभाओ,
करलो तुम ये अपनी चाहत से वादा.
आईसी मुहब्बत मे रोने से क्या फ़ायदा,
खुश होके अपनी प्यार को निभाओ,
करलो तुम ये अपनी चाहत से वादा.
शेर ओ शायरी
कानो मे गुंजती है दिन रात यूँ तेरी सदा
सुन नही पता दुनिया से आती हुई कोई हवा
दिल के हर जज़्बात से गम आशना है इस कदर
दर्द ही देता है मुझको मुस्कुराने की दवा .
सुन नही पता दुनिया से आती हुई कोई हवा
दिल के हर जज़्बात से गम आशना है इस कदर
दर्द ही देता है मुझको मुस्कुराने की दवा .
शेर ओ शायरी
ज़िंदगी को खूबसूरती और ज़िंदादिली के साथ जीना है तो,
हर पल को महसूस कीजिये,
ईश्वर को दिल से धन्यवाद दीजिये कि,
उपहार मे दिया हुआ उनका ये पल,
आपके लिए एक अनमोल तोहफा है,
जो सिर्फ आपको मिला है |
हर पल को महसूस कीजिये,
ईश्वर को दिल से धन्यवाद दीजिये कि,
उपहार मे दिया हुआ उनका ये पल,
आपके लिए एक अनमोल तोहफा है,
जो सिर्फ आपको मिला है |
शेर ओ शायरी
फूलों के दामन मैं छुपे होते हैं काँटे,
मुस्कुराहट जाने कितनी साज़िशों को है छुपाए.
दोस्त बन कर दागा देता आया है यह ज़माना,
डोर बोहोत डोर अब हुमको है जाना.
मुस्कुराहट जाने कितनी साज़िशों को है छुपाए.
दोस्त बन कर दागा देता आया है यह ज़माना,
डोर बोहोत डोर अब हुमको है जाना.
शेर ओ शायरी
नसिबके के खेल भी अजीब होते हैं,
सच्चे दिल वालो को आँसू ही नसीब होते हैं.
कौन होना चाहता है आपनो से दूर,
पर अक्सर छूट जाते है जो करीब होते हैं.
सच्चे दिल वालो को आँसू ही नसीब होते हैं.
कौन होना चाहता है आपनो से दूर,
पर अक्सर छूट जाते है जो करीब होते हैं.
शेर ओ शायरी
खुदा आप क सारे गम रेत पर लिख दे ताकि हवा से ही मिट जाएँ,
और
खुशिया पत्थर पर लिख दे ताकि हवा तो क्या बारिश भी ना मिटा सके.
और
खुशिया पत्थर पर लिख दे ताकि हवा तो क्या बारिश भी ना मिटा सके.
शेर ओ शायरी
किस की मज़ाल कोई टोक ले.
किस की मज़ाल कोई रोक ले.
बेकूफ़ इश्क़ की हे यह दस्ता.
बेपरवाह इश्क़ के हे यह रास्ता.
किस की मज़ाल कोई रोक ले.
बेकूफ़ इश्क़ की हे यह दस्ता.
बेपरवाह इश्क़ के हे यह रास्ता.
शेर ओ शायरी
मेरी मानो तो धरती पे दो ही चीज़ें अपनी हैं
दिल का दर्द और आँसू, आख़िर मे रह जाएगा .
दिल का दर्द और आँसू, आख़िर मे रह जाएगा .
शेर ओ शायरी
अपनी तन्हाई की पलकें भिगो लू पहले,
फिर ग़ज़ल तुझ पे लिखूं, बैठ के रो लू पहले.
फिर ग़ज़ल तुझ पे लिखूं, बैठ के रो लू पहले.
शेर ओ शायरी
खूबसूरत क्या कह दिया उनको हमको छोड कर वो शीशे की हो गई, तराशा नहीं था तो पत्थर जैसी थी, तराश दिया तो खुदा हो गई.. …
शेर ओ शायरी
महफ़िल मैं कुछ तो सुनना पड़ता है,
गम छुपाकर मुस्कुराना पड़ता है,
कभी उनके हम भी थे दोस्त,
आज कल उन्हे याद दिलाना पड़ता है |
गम छुपाकर मुस्कुराना पड़ता है,
कभी उनके हम भी थे दोस्त,
आज कल उन्हे याद दिलाना पड़ता है |
शेर ओ शायरी
बिना गम के ख़ुशी का पता कैसे चलेगा; बिना रोंए हुए, हंसी का मज़ा कैसे मिलेगा; जो उसे करता हैं, उसे वही जानता है; अगर हम जान गए तो, उसे खुदा कौन कहेगा!
शेर ओ शायरी
जाने किन रास्तों पर मेरे सपने भटक गये
सदियों की तलाश मे लम्हे भटक गये
आये रक़ीब, मेरे दिलबर का ख़याल रखना
अपनी तन्हाई मे हम अब खुद मे भटक गये
सदियों की तलाश मे लम्हे भटक गये
आये रक़ीब, मेरे दिलबर का ख़याल रखना
अपनी तन्हाई मे हम अब खुद मे भटक गये
शेर ओ शायरी
करोगे याद एक दिन साथ बीते ज़माने को
चले जाएँगे जिस दिन हम कभी वापस ना आने को
करेगा महफ़िल में ज़िक्र हमारा कोई तो,
चले जाओगे तन्हाई में आँसू बहाने को.
चले जाएँगे जिस दिन हम कभी वापस ना आने को
करेगा महफ़िल में ज़िक्र हमारा कोई तो,
चले जाओगे तन्हाई में आँसू बहाने को.
शेर ओ शायरी
पसंद आई हे चाहत हज़ारो मे
उनकी, कुछ तो ज़रूर बात हे
निगाहू मे उनकी, दिल की गाहेराई
को वो कैसे महसूस करे, हमने तो
समाया हे हर पल यादो मे उनकी.
उनकी, कुछ तो ज़रूर बात हे
निगाहू मे उनकी, दिल की गाहेराई
को वो कैसे महसूस करे, हमने तो
समाया हे हर पल यादो मे उनकी.
शेर ओ शायरी
तुम मौसम मौसम लगते हो, जो पल पल रंग बदलते हो, तुम सावन सावन लगते हो, जो बरसो बाद बरसते हो,
शेर ओ शायरी
कुछ लोग भूल कर भी भुलाए नही जाते
ऐतबार इतना है की आज़माए नही जाते
हो जाते हैं दिल मे इस तरह शामिल की
उनके ख़याल दिल से मिटाए नही जाते..
ऐतबार इतना है की आज़माए नही जाते
हो जाते हैं दिल मे इस तरह शामिल की
उनके ख़याल दिल से मिटाए नही जाते..
शेर ओ शायरी
कोई तीर जेसा, जिगर के पार हुआ
हैं, जाने क्यू दिल इतना,
बेक़रार हुआ हैं कभी देखा
नही मैने तुझे, फिर भी क्यू ए
अजनबी एस कदर तुमसे प्यार हुआ ह.
हैं, जाने क्यू दिल इतना,
बेक़रार हुआ हैं कभी देखा
नही मैने तुझे, फिर भी क्यू ए
अजनबी एस कदर तुमसे प्यार हुआ ह.
शेर ओ शायरी
बड़ी आसानी से दिल लगाए जाते हैं
पर बड़ी मुश्किल से वादे निभाए जाते हैं
ले जाती है मोहब्बत उन राहो पर
जहा दिए नही दिल जलाए जाते हैं
पर बड़ी मुश्किल से वादे निभाए जाते हैं
ले जाती है मोहब्बत उन राहो पर
जहा दिए नही दिल जलाए जाते हैं
शेर ओ शायरी
कों कहता है मोहबत की ज़ुबान
होती है, होंटो क बिना खुले
ही हक़ीकत बया होती ह इश्क़ वो
खुदाई हैं मेरे दोस्त जो लफ़जो
से नही आँखो से बया होती है.
होती है, होंटो क बिना खुले
ही हक़ीकत बया होती ह इश्क़ वो
खुदाई हैं मेरे दोस्त जो लफ़जो
से नही आँखो से बया होती है.
शेर ओ शायरी
प्यार बारिश की बूंधो की तरह है,
जिसे छुने की ख्वाइश में,
हथेलिया तो गीली हो जाती हैं,
पर हाथ हमेशा खाली ही रहती हैं .
जिसे छुने की ख्वाइश में,
हथेलिया तो गीली हो जाती हैं,
पर हाथ हमेशा खाली ही रहती हैं .
शेर ओ शायरी
तेरे होंठों पे जो काँप रहा है,
वो नाम मेरा ही तो है.
धड़कन में जो तेरी गूँज रहा है,
वो नाम मेरा ही तो है.
वो नाम मेरा ही तो है.
धड़कन में जो तेरी गूँज रहा है,
वो नाम मेरा ही तो है.
शेर ओ शायरी
दीवाना हू तेरा इनकार नही,
कैसे कह डू के प्यार नही,
कुछ शरारत तो तेरी नज़रों मैं भी थी,
मैं अकेला ही गुनाहगार नही.
कैसे कह डू के प्यार नही,
कुछ शरारत तो तेरी नज़रों मैं भी थी,
मैं अकेला ही गुनाहगार नही.
शेर ओ शायरी
सुनके जिसको पलके तेरी झुक जाती है,
वो नाम मेरा ही तो है.
दिल पे तेरे जो नाम लिखा है,
वो नाम मेरा ही तो है.
वो नाम मेरा ही तो है.
दिल पे तेरे जो नाम लिखा है,
वो नाम मेरा ही तो है.
शेर ओ शायरी
किस्मत के हाथो वो ह मजबूर होते हे
जो हक़ीक़त से बहुत दूर होते हे
अक्सर सज़ा मिलती है उनको
जो हर तरफ से बेकसूर होते ह..!!
जो हक़ीक़त से बहुत दूर होते हे
अक्सर सज़ा मिलती है उनको
जो हर तरफ से बेकसूर होते ह..!!
शेर ओ शायरी
यह तेरा इंतेहा है जिस से तुझे गुज़रना है
देखना यह है ज़ोर-ए-बर्दाश्त कितना है
होगा सुर्ख-रू तेरा इंतेज़ार, सबर बन कर
क्योकी खोने के बाद ही कुछ मिलता है.
देखना यह है ज़ोर-ए-बर्दाश्त कितना है
होगा सुर्ख-रू तेरा इंतेज़ार, सबर बन कर
क्योकी खोने के बाद ही कुछ मिलता है.
शेर ओ शायरी
ज़िंदगी की इन वीरान राहो मैं,
आपने यू तन्हा छोड़ दिया,
जिस वक़्त थी सबसे ज़्यादा ज़रूरत हमे आपकी,
उसी पल आपने हमसे सारा रिश्ता तोड़ लिया.
आपने यू तन्हा छोड़ दिया,
जिस वक़्त थी सबसे ज़्यादा ज़रूरत हमे आपकी,
उसी पल आपने हमसे सारा रिश्ता तोड़ लिया.
शेर ओ शायरी
हो गयी शाम किसी के इंतेजार में,
ढल गयी रात उसी के इंतेजार में,
फिर होगा सवेरा उसी के इंतेजार में,
इंतेजार की आदत पड गयी है इंतेजार में?
ढल गयी रात उसी के इंतेजार में,
फिर होगा सवेरा उसी के इंतेजार में,
इंतेजार की आदत पड गयी है इंतेजार में?
शेर ओ शायरी
इस दुनिया से उम्मीद-ए-वफ़ा मत रखना,
लूट जाओगे दरवाज़ा खुला मत रखना,
खुआिश है अगर”ज़न्नत”मे जाने की तो अपने
“मा-बाप”को अपने से कभी जुड़ा मत रखना….!
लूट जाओगे दरवाज़ा खुला मत रखना,
खुआिश है अगर”ज़न्नत”मे जाने की तो अपने
“मा-बाप”को अपने से कभी जुड़ा मत रखना….!
शेर ओ शायरी
अनजान एक साथी का इस दिल को इंतेजर है,
प्यासा हैं ये आँखें और दिल बेकरार है,
उनके साथ मिल जाए तो हर राह आसान हो जाएगी,
शायद इसी अनोखे एहसास का नाम प्यार है…
प्यासा हैं ये आँखें और दिल बेकरार है,
उनके साथ मिल जाए तो हर राह आसान हो जाएगी,
शायद इसी अनोखे एहसास का नाम प्यार है…
शेर ओ शायरी
किसी को अपना बनाने मे देर लगती है,
किया हुआ वादा निभाने मे देर लगती है,
प्यार तो पल भर मे हो जाता है,
पर उन्हे भूलने मे सारी उमर भी कम पड जाती हैं…
किया हुआ वादा निभाने मे देर लगती है,
प्यार तो पल भर मे हो जाता है,
पर उन्हे भूलने मे सारी उमर भी कम पड जाती हैं…
शेर ओ शायरी
काग़ज़ की कश्ती थी नदी का किनारा था
खेलने की मस्ती थी दिल यह आवारा था
कहाँ आ गये इस समझदारी की दलदल में
वो नादान बचपन भी कितना प्यारा था!!
खेलने की मस्ती थी दिल यह आवारा था
कहाँ आ गये इस समझदारी की दलदल में
वो नादान बचपन भी कितना प्यारा था!!
शेर ओ शायरी
बीते हुए कल क किससे याद रखते ही
टूटे हुए दिल क हिस्से पास रखते ही
मुझे शायर से शराबी बनाने वाले
हम तेरे टूटे जाम के सिशे भी साथ रखते हे
टूटे हुए दिल क हिस्से पास रखते ही
मुझे शायर से शराबी बनाने वाले
हम तेरे टूटे जाम के सिशे भी साथ रखते हे
शेर ओ शायरी
भीगी आँखों से मुस्कराने में मज़ा और है,
हसते हँसते पलके भीगने में मज़ा और है,
बात कहके तो कोई भी समझलेता है,
पर खामोशी कोई समझे तो मज़ा और है
हसते हँसते पलके भीगने में मज़ा और है,
बात कहके तो कोई भी समझलेता है,
पर खामोशी कोई समझे तो मज़ा और है
शेर ओ शायरी
डोर से दिखाते है रास्ता सभी साथ कोई चलता नही
जलता है दिल जब जलाते है दुनिया वेल,
अपनी मर्ज़ी से तो कोई जलता नही.
जलता है दिल जब जलाते है दुनिया वेल,
अपनी मर्ज़ी से तो कोई जलता नही.
शेर ओ शायरी
जवाब तेरी शायरी का….
देंगे हम शायरी में….
नाम तेरा लिख बैठे हैं….
अपने दिल की डाइयरी में….
देंगे हम शायरी में….
नाम तेरा लिख बैठे हैं….
अपने दिल की डाइयरी में….
शेर ओ शायरी
कितनी बेवकूफ़ियाँ की इसका अहसास अब होता है
गुज़रे लम्हो से मिलते है तो हसी आती है..
हमने ना चाहा था के ज़िंदगी हो कुछ आयसी
एक गम से निकलते है तो दूजी चली आती है..
गुज़रे लम्हो से मिलते है तो हसी आती है..
हमने ना चाहा था के ज़िंदगी हो कुछ आयसी
एक गम से निकलते है तो दूजी चली आती है..
शेर ओ शायरी
सपनो की दुनिया अजीब लगती है,
झूठी ही सही पर हर खुशी नसीब तो होती है,
बेशक आते है सपने कुछ पल के लिए ,
पर इन पलो मे “जन्नत” कितनी करीब होती है .
झूठी ही सही पर हर खुशी नसीब तो होती है,
बेशक आते है सपने कुछ पल के लिए ,
पर इन पलो मे “जन्नत” कितनी करीब होती है .
शेर ओ शायरी
काटे नही कटते हैं लम्हे इंतेज़ार के
नज़रें जमा के बैठे हैं रास्ते पे यार के
दिल ने कहा देखें जो जलवे हुस्न-ए-यार के
लाया है कौन इनको, फलक से उतार के
नज़रें जमा के बैठे हैं रास्ते पे यार के
दिल ने कहा देखें जो जलवे हुस्न-ए-यार के
लाया है कौन इनको, फलक से उतार के
शेर ओ शायरी
शायर तो हम है शायरी बना देंगे
आपको शायरी मे क़ैद कर लेंगे
कभी सूनाओ हम अपनी आवाज़
आपकी आवाज़ को हम गज़ल बना देंगे…
आपको शायरी मे क़ैद कर लेंगे
कभी सूनाओ हम अपनी आवाज़
आपकी आवाज़ को हम गज़ल बना देंगे…
शेर ओ शायरी
मौत पर भी है यक़ीन, उन पर भी एतबार है,
देखते है पहले कोण आता है, दोनो का इंतेज़ार है…..
देखते है पहले कोण आता है, दोनो का इंतेज़ार है…..
शेर ओ शायरी
कोई राज़ ऐसे होते हैं जो दिखाए नही जाते
कोई किससे ऐसे होते हैं जो सुनाए नही जाते
कोई दिल ऐसे होते हैं जो तोड़े नही जाते
और कुछ आप जैसे दोस्त ऐसे होते हैं जो छोड़ो नही जाते.
कोई किससे ऐसे होते हैं जो सुनाए नही जाते
कोई दिल ऐसे होते हैं जो तोड़े नही जाते
और कुछ आप जैसे दोस्त ऐसे होते हैं जो छोड़ो नही जाते.
शेर ओ शायरी
तम्मना से नही तन्हाई से डरते हैं
प्यार से नही रुसवाई से डरते हैं
मिलने की तो बहुत चाहत है मगर
मिलने के बाद जुदाई से डरते हैं .
प्यार से नही रुसवाई से डरते हैं
मिलने की तो बहुत चाहत है मगर
मिलने के बाद जुदाई से डरते हैं .
शेर ओ शायरी
आँखो की गहराई को समज़ नही सकते,
होंटो से कुछ कह नही सकते,
कैसे बया करे हम आपको यह दिल का हाल की,
तुम्ही हो जिसके बागैर हम रह नही सकते .
होंटो से कुछ कह नही सकते,
कैसे बया करे हम आपको यह दिल का हाल की,
तुम्ही हो जिसके बागैर हम रह नही सकते .
शेर ओ शायरी
जाम से इतनी नफ़रत ना करो के
कभी पीना पढ़े तो पिई ना सको,
किसी से इतनी मोहब्बत ना करो क
कभी तन्हा जीना पढ़े तो जी ना सको…
कभी पीना पढ़े तो पिई ना सको,
किसी से इतनी मोहब्बत ना करो क
कभी तन्हा जीना पढ़े तो जी ना सको…
शेर ओ शायरी
तेरी उलफत को कभी नाकाम ना होने देंगे
तेरी दोस्ती को कभी बदनाम ना होने देंगे
मेरी ज़िंदगी मैं सूरज निकले ना निकले
तेरी ज़िंदगी मैं कभी शाम ना होने देंगे…
तेरी दोस्ती को कभी बदनाम ना होने देंगे
मेरी ज़िंदगी मैं सूरज निकले ना निकले
तेरी ज़िंदगी मैं कभी शाम ना होने देंगे…
शेर ओ शायरी
हमे जीने नही देती है ये गुज़री हुई यादें
हमसे भूली नही जाती है ये बीती हुई बातें
अब कैसे कहें हम तुमसे ये दोस्त तेरी बातें
हमे हर पल याद दिलाता है तेरी हर छोटी छोटी बातें.
हमसे भूली नही जाती है ये बीती हुई बातें
अब कैसे कहें हम तुमसे ये दोस्त तेरी बातें
हमे हर पल याद दिलाता है तेरी हर छोटी छोटी बातें.
शेर ओ शायरी
अर्ज़ किया है
कुछ दोस्त ऐसे होते है जो जाने के बाद भी नही आते
कुछ दोस्त ऐसे होते है जो जाने के बाद भी नही आते
मगर…
कुछ दोस्त ऐसे होते है जिसे दिल से याद करो
तो वो वापस ज़रूर आ जाते है .
कुछ दोस्त ऐसे होते है जो जाने के बाद भी नही आते
कुछ दोस्त ऐसे होते है जो जाने के बाद भी नही आते
मगर…
कुछ दोस्त ऐसे होते है जिसे दिल से याद करो
तो वो वापस ज़रूर आ जाते है .
शेर ओ शायरी
दुआ के लिए जब हाथ उठाए गा
खाली हाथ ना लौट कर आए गा
होती है हर दुआ दरबार-ए-रहमत में
लेकिन तू उसको समज ना पाए गा.
खाली हाथ ना लौट कर आए गा
होती है हर दुआ दरबार-ए-रहमत में
लेकिन तू उसको समज ना पाए गा.
शेर ओ शायरी
कुछ यूँ हुवा हाल
दिल्लगी मे चोट खाकर..,
वफ़एँ फ़ितरत मे रह गयी ओर
मोहब्बत से वास्ता . रहा..!
दिल्लगी मे चोट खाकर..,
वफ़एँ फ़ितरत मे रह गयी ओर
मोहब्बत से वास्ता . रहा..!
शेर ओ शायरी
किसी के दिल में बसना बुरा तो नही
किसी को दिल में बसाना ख़ाता तो नही
हैं ये ज़माने की नज़र मे बुरा तो किये हुआ
ज़माने वेल भी इंसान है खुदा तो नही..
किसी को दिल में बसाना ख़ाता तो नही
हैं ये ज़माने की नज़र मे बुरा तो किये हुआ
ज़माने वेल भी इंसान है खुदा तो नही..
शेर ओ शायरी
मेरी दुआ है मोहब्बत मुझे वो हासिल हो,
उसे जो खुद से निकालून तो पास कुछ ना रहे.
उसे जो खुद से निकालून तो पास कुछ ना रहे.
शेर ओ शायरी
एक रात रब ने मेरे दिल से पूछा,
तू दोस्ती मे इतना क्यो खोया है,
तब दिल बोला दोस्तो ने ही दी है सारी खुशिया,
वरना प्यार करके तो दिल हमेशा रोया है.
तू दोस्ती मे इतना क्यो खोया है,
तब दिल बोला दोस्तो ने ही दी है सारी खुशिया,
वरना प्यार करके तो दिल हमेशा रोया है.
शेर ओ शायरी
इस धरती पर कुबसूरती के अलावा क्या है,
कोई बता दो हमे ,
इस नाचीज़ के दिल मे आप के अलावा क्या है,
कोई दिखा दो हमे.
कोई बता दो हमे ,
इस नाचीज़ के दिल मे आप के अलावा क्या है,
कोई दिखा दो हमे.
शेर ओ शायरी
ये आरज़ू थी की ऐसा भी कुछ हुआ होता,
मेरी कमी ने तुझे भी रुला दिया होता,
मैं लौट आता तेरे पास एक लम्हे मे,
तेरे लाबोअँ ने मेरा नाम तो लिया होता..!
मेरी कमी ने तुझे भी रुला दिया होता,
मैं लौट आता तेरे पास एक लम्हे मे,
तेरे लाबोअँ ने मेरा नाम तो लिया होता..!
शेर ओ शायरी
मेरे हालत ने कर दिया था मुझे खामोश
मेरे हालत ने कर दिया था मुझे खामोश
ए दोस्त…
हम ज़रा चुप क्या हुए तुमने तो याद करना ही छोड़ दिया.
मेरे हालत ने कर दिया था मुझे खामोश
ए दोस्त…
हम ज़रा चुप क्या हुए तुमने तो याद करना ही छोड़ दिया.
शेर ओ शायरी
दोस्तो के लिए ये दोस्ती की सौगात होगी,
नये लोग होंगे नयी बात होगी,
हम हर हाल मे मुस्कुराते रहेंगे,
अगर तुम्हारी दोस्ती हुमारे साथ होगी.
नये लोग होंगे नयी बात होगी,
हम हर हाल मे मुस्कुराते रहेंगे,
अगर तुम्हारी दोस्ती हुमारे साथ होगी.
शेर ओ शायरी
प्यार की आँच से तो पत्थर भी पिघल जाता है,
सच्चे दिल से साथ दे तो नसीब भी बदल जाता है,
प्यार की राहों पर मिल जाए सच्चा हमसफ़र,
तो कितना भी गिरा हुआ इंसान भी संभाल जाता है…
सच्चे दिल से साथ दे तो नसीब भी बदल जाता है,
प्यार की राहों पर मिल जाए सच्चा हमसफ़र,
तो कितना भी गिरा हुआ इंसान भी संभाल जाता है…
शेर ओ शायरी
आए दिल क़िस्सी की याद में रोना फीज़ूल है
ये आँसू बड़े अनमोल हैं इन्हे खोना फीज़ूल है
रोयो तो उनके लिए
जो तुम पर निसार हैं
उनके लिए क्या रोना जिनके आशिक़ हज़र हैं
ये आँसू बड़े अनमोल हैं इन्हे खोना फीज़ूल है
रोयो तो उनके लिए
जो तुम पर निसार हैं
उनके लिए क्या रोना जिनके आशिक़ हज़र हैं
शेर ओ शायरी
जी लेने दो कुछ पल उसके गम के साए मे यारों..
वो फिर याद आए है शायद, दिल उदास सा लग रहा है..
वो फिर याद आए है शायद, दिल उदास सा लग रहा है..
शेर ओ शायरी
ढूनडता था के कौन मेरा साथ निभाएगा साए की तरह,
सोचता हू के कौन मेरे जज़्बातों को समझेगा यहा,
पर जब ख़याल आया उनका जिन्होने हमे कभी अकेला नही च्चोड़ा,
तो लगा इन तन्हैइिओं से आच्छा साथी मुझे मिलेगा कहा!!!
सोचता हू के कौन मेरे जज़्बातों को समझेगा यहा,
पर जब ख़याल आया उनका जिन्होने हमे कभी अकेला नही च्चोड़ा,
तो लगा इन तन्हैइिओं से आच्छा साथी मुझे मिलेगा कहा!!!
शेर ओ शायरी
हो गयी शाम किसी के इंतेजार में,
ढल गयी रात उसी के इंतेजार में,
फिर होगा सवेरा उसी के इंतेजार में,
इंतेजार की आदत पद गयी है इंतेजार में…
ढल गयी रात उसी के इंतेजार में,
फिर होगा सवेरा उसी के इंतेजार में,
इंतेजार की आदत पद गयी है इंतेजार में…
शेर ओ शायरी
उसका वादा भी अजीब था …कि जिन्दगी भर साथ निभायेंगे
मैंने भी ये नहीं पुछा की मोहब्बत के साथ….. या यादों के साथ…..!!!
मैंने भी ये नहीं पुछा की मोहब्बत के साथ….. या यादों के साथ…..!!!
शेर ओ शायरी
हर इंसान का दिल बुरा नही होता
हर एक इंसान बेवफा नही होता..,
बुझ जाते है दिए कभी तेल की कमी से..
हर बार कुसूर हवा का नही होता..!!
हर एक इंसान बेवफा नही होता..,
बुझ जाते है दिए कभी तेल की कमी से..
हर बार कुसूर हवा का नही होता..!!
शेर ओ शायरी
क्या हुआ जो उसने रचा ली मेहन्दी,
हॅम भी अब तो सेहरा सजाएँगे.
मुझे पता था वो अपने नसीब मैं नही है,
अब उसकी चोटती बाहें को फसाएँगे.
हॅम भी अब तो सेहरा सजाएँगे.
मुझे पता था वो अपने नसीब मैं नही है,
अब उसकी चोटती बाहें को फसाएँगे.
शेर ओ शायरी
खुदा तूने हुस्न को जीना सिखाया
इश्क़ को दिखाया मौत का ठिकाना
इश्क़ को दिखाया मौत का ठिकाना
शेर ओ शायरी
तेरी उलफत को कभी नाकाम ना होने देंगे
तेरी दोस्ती को कभी बदनाम ना होने देंगे
मेरी ज़िंदगी मैं सूरज निकले ना निकले
तेरी ज़िंदगी मैं कभी शाम ना होने देंगे…
तेरी दोस्ती को कभी बदनाम ना होने देंगे
मेरी ज़िंदगी मैं सूरज निकले ना निकले
तेरी ज़िंदगी मैं कभी शाम ना होने देंगे…
शेर ओ शायरी
शायरी करने के लिए क्या चाहिए
ना कोई मुशायरा ना ही कोई महफ़िल चाहिए
शेर को सुन कर जो दर्द महसूस कर सके
सिर्फ़ एक ऐसा दिल चाहिए
ना कोई मुशायरा ना ही कोई महफ़िल चाहिए
शेर को सुन कर जो दर्द महसूस कर सके
सिर्फ़ एक ऐसा दिल चाहिए
शेर ओ शायरी
ये दिल भुलाता नही है मोहब्बताईं उसकी,
पड़ी हुई थी मुझे कितनी आदताईं उसकी.
पड़ी हुई थी मुझे कितनी आदताईं उसकी.
शेर ओ शायरी
तेरा ख़याल मुझे बार बार आता है !
इसी ख़याल से दिल को क़रार आता है !!
इसी ख़याल से दिल को क़रार आता है !!
शेर ओ शायरी
पसंद आई हे चाहत हज़ारो मे
उनकी, कुछ तो ज़रूर बात हे
निगाहू मे उनकी, दिल की गाहेराई
को वो कैसे महसूस करे, हमने तो
समाया हे हर पल यादो मे उनकी.
उनकी, कुछ तो ज़रूर बात हे
निगाहू मे उनकी, दिल की गाहेराई
को वो कैसे महसूस करे, हमने तो
समाया हे हर पल यादो मे उनकी.
शेर ओ शायरी
सुनो सुनो गौर से यह शेर है मेने सुनाया
सुनो सुनो गौर से यह शेर है मेने सुनाया
टीवी में दिखता है लेकिन कोई किसी को छु नही सकता .
सुनो सुनो गौर से यह शेर है मेने सुनाया
टीवी में दिखता है लेकिन कोई किसी को छु नही सकता .
शेर ओ शायरी
कुछ लोग भूल कर भी भुलाए नही जाते
ऐतबार इतना है की आज़माए नही जाते
हो जाते हैं दिल मे इस तरह शामिल की
उनके ख़याल दिल से मिटाए नही जाते..
ऐतबार इतना है की आज़माए नही जाते
हो जाते हैं दिल मे इस तरह शामिल की
उनके ख़याल दिल से मिटाए नही जाते..
शेर ओ शायरी
हर इंसान का दिल बुरा नही होता
हर एक इंसान बेवफा नही होता..,
बुझ जाते है दिए कभी तेल की कमी से..
हर बार कुसूर हवा का नही होता..!!
हर एक इंसान बेवफा नही होता..,
बुझ जाते है दिए कभी तेल की कमी से..
हर बार कुसूर हवा का नही होता..!!
शेर ओ शायरी
किस की मज़ाल कोई टोक ले.
किस की मज़ाल कोई रोक ले.
बेकूफ़ इश्क़ की हे यह दस्ता.
बेपरवाह इश्क़ के हे यह रास्ता.
किस की मज़ाल कोई रोक ले.
बेकूफ़ इश्क़ की हे यह दस्ता.
बेपरवाह इश्क़ के हे यह रास्ता.
शेर ओ शायरी
जिसने लूटा है वही रोता है, मेरे हाल पर,
आप ही कहिए ये रोना क्या अदाकारी नहीं
आप ही कहिए ये रोना क्या अदाकारी नहीं
शेर ओ शायरी
दिल के दरवाज़े पे दस्तक हो रही हे..
आज फिर एक याद सता रही हे..
दिल की गहरयों मे झाँक के देख..
परदेस मे आज फिर तेरी याद आ रही हे..
आज फिर एक याद सता रही हे..
दिल की गहरयों मे झाँक के देख..
परदेस मे आज फिर तेरी याद आ रही हे..
शेर ओ शायरी
मोहब्बत में मैने क्या कुछ नही लूटा दिया,
उनको पसंद थी रोशनी और हमने खुद को जला दिया…
उनको पसंद थी रोशनी और हमने खुद को जला दिया…
शेर ओ शायरी
वो कातिल रातें जब हम,
तारों की बातें करते थे.
पतझड़ के सूने मौसम मे,
बहारों की बातें करते थे.
तारों की बातें करते थे.
पतझड़ के सूने मौसम मे,
बहारों की बातें करते थे.
शेर ओ शायरी
वो कातिल रातें जब हम,
तारों की बातें करते थे.
पतझड़ के सूने मौसम मे,
बहारों की बातें करते थे.
तारों की बातें करते थे.
पतझड़ के सूने मौसम मे,
बहारों की बातें करते थे.
शेर ओ शायरी
कभी तन्हाई, कभी तड़प, कभी बेबसी तो कभी इंतज़ार..
ये मर्ज़ भी क्या खूब है जिसे इश्क़ कहते है..!
ये मर्ज़ भी क्या खूब है जिसे इश्क़ कहते है..!
शेर ओ शायरी
जीते थे कभी किसी के मोहब्बत के बिना
तुमने जो मोहब्बत सिखलाई तो मुस्कुराना आ गया
नही मिलने की कोई उमीद एस दिल को
की अब दिल को तेरे बिना भी रहना आ गया
तुमने जो मोहब्बत सिखलाई तो मुस्कुराना आ गया
नही मिलने की कोई उमीद एस दिल को
की अब दिल को तेरे बिना भी रहना आ गया
शेर ओ शायरी
कभी तन्हाई, कभी तड़प, कभी बेबसी तो कभी इंतज़ार..
ये मर्ज़ भी क्या खूब है जिसे इश्क़ कहते है..!
ये मर्ज़ भी क्या खूब है जिसे इश्क़ कहते है..!

