रमजान मुबारक की न्यू शायरी | new shayari of ramadan mubarak
Ramadan is a holy month in the Islamic calendar, during which Muslims observe fasting, prayer, and spiritual reflection. It is considered one of the Five Pillars of Islam and is celebrated by Muslims all around the world.
Ramadan is believed to be the month in which the Quran, the holy book of Islam, was revealed to the Prophet Muhammad. According to Islamic tradition, the revelation of the Quran began during the month of Ramadan in the year 610 CE.
The celebration of Ramadan is rooted in the belief that it is a time of spiritual renewal and purification. During this month, Muslims are required to fast from dawn until dusk, abstaining from food, drink, smoking, and other physical needs. Fasting is seen as a way of purifying the soul and focusing the mind on spiritual matters.
Muslims also engage in additional prayers and devotional activities during Ramadan, such as reading the Quran and performing special nightly prayers called Taraweeh. Ramadan is also a time for giving to charity, performing good deeds, and strengthening ties with family and community.
The end of Ramadan is marked by the celebration of Eid al-Fitr, a festival that typically lasts three days and involves feasting, gift-giving, and community gatherings. Eid al-Fitr is a time of joy and thanksgiving, as Muslims express gratitude for the blessings of the month of Ramadan and renew their commitment to leading a righteous life.
Overall, Ramadan is a time for Muslims to deepen their spiritual practice and connect with their faith. It is a month of reflection, self-discipline, and community solidarity, and is an important part of the Islamic tradition.
पैगाम में सम्मान और प्यार भेजा है,
रमजान के इस पाक पर्व में,
हमने आपको प्यार भरा मुबारकबाद भेजा है। ,
संग ये अपने बरकत लाया है,
हमेशा खुश रहो तुम कुछ ऐसे,
जैसे तुमने खुदा को पाया है।
सभी अपने तुम्हारे साथ हों,
हम हमेशा मांगते हैं दुआ आपके लिए,
इस बार हमारी दुआ स्वीकार हो।
प्रकाश आसमान पर छाया है ,
खुशियां धरती पर बिखरी हैं,
ऐसा रमजान का महीना आया है।
प्यास नहीं लगती और इफ्तार गुजर जाता है,
अल्लाह की इबादत से मन नहीं भरता है,
और देखते-ही-देखते रमजान गुजर जाता है।
खुशियों का माहौल है सारे जहान में,
हर कोई अल्लाह की इबादत कर रहा है,
ऐसी बरकत छाई है रमजान में।
कभी न रहे कोई ख्वाहिश अधूरी,
परिवार में सभी के बीच प्यार बढ़े,
न आए कभी एक-दूसरे के बीच दूरी।
नमाज पढ़कर वक्त की बर्बादी नहीं होती,
यही तो समय होता है खुशियां बांटने का,
इस समय दिल में नफरत रखी नहीं जाती।
तुम रहो हमेशा आबाद,
कभी गम न आए तुम्हारे जीवन में,
ऐसी करता हूं खुदा से मैं फरियाद।
खुदा को हर लम्हा याद करते रहिए,
होगी हर मुराद पूरी इस समय,
बस दूसरों के लिए भी फरियाद करते रहिए।
उसकी इबादत को अपना काम बना लो,
दिल में सबके लिए प्यार जगा लो,
बुराई से चार कदम दूरी बना लो।
अल्लाह का नाम लेने से हर मुराद पूरी हो जाएगी,
पढ़ते रहिए नमाज हर दिन,
हर सांस में खुशियां रम जाएगी।
रमजान मुबारक हो,
कभी आपकी आंखें न रोए,
जीवन में इतनी खुशियां हो।
खुशियां मना,ओ रमजान की मुबारकबाद दो,
क्योंकि खुदा आपके घर आ गया है।
हमें आप पर बहुत गर्व है।
रमजान मुबारक हो!
उनके हिस्से का गम मेरे नाम कर देना,
उन्हें सुख समृद्धि से तोल देना,
मेरी तरफ से रमजान मुबारक कह देना।
हर कोई करे आपका सम्मान,
खुदा की भी बन जाएं आप जान,
हो इतनी बरकत इस रमजान।
इस साल फिर से रमजान की बेला आई है।
तू ही मेरी दुनिया-जहान है सबसे कहता हूं।
फूलों को खुशबू मुबारक हो,
परिंदों को आसमान मुबारक हो,
आपको रमजान का महीना मुबारक हो।
हर दम मन अल्लाह-अल्लाह कहता है,
रमजान एक ऐसा पावन महीना है,
खुदा हर किसी की दुआ कबूलता है।
हमने बुजुर्गों को सम्मान भेजा है,
किसी को भूले नहीं इस अवसर पर,
आपको भी रमजान मुबारक संदेश भेजा है।
हमेशा तुम अपनों के करीब रहो,
तुम्हारे सभी सपने पूरा हों,
इतनी ताकत मेरी दुआओं में हो।
तुम्हारा हर काम आसान हो,
जीवन में हरदम रोशनी आए तुम्हारी,
ऐसा ही तुम्हारा पूरा साल और रमजान हो।
तू खुदा का सबसे पाक इंसान कहलाए,
कुछ इस तरह का चमत्कार इस साल रमजान दिखाए।
जब तू अल्लाह के घर आएगा,
मन शांत हो जाएगा,
जब तू इफ्तार खाएगा ।
पहन लो नए कपड़े और हो जाओ तैयार,
रमजान की बहुत-बहुत मुबारकबाद यार।
पढ़ने को कुरान देता है,
गुनाहों की माफी के लिए,
रमजान का महीना देता है।
मुरझाई कलियां भी फिर से खिलती है,
वो खुदा भी तुझे अपना बना ले,
ऐसी मेरी जुबां से दुआ निकलती है।
अल्लाह-अल्लाह कहता रहता हूं,
तुम और तुम्हारा परिवार खुश रहे,
ये मैं अपने हर नमाज में कहता हूं।
तुम्हारे आंगन में फूल खिले,
अच्छी हो हर फसल तेरी,
खुदा से ऐसी बरकत मिले।
शिक्षक को अपने ज्ञान से होता है,
उतना ही लगाव हमें आपसे है,
आपके बिना पूरा हमारा रमजान नहीं होता है।
पुकार कर तो देखो अल्लाह खुद आएंगे,
उनकी निगाहें भक्तों पर रहती है हमेशा,
आकर वो आपके घर खाना भी खाएंगे।
तब सारा जग खुशियों से जगमगाया,
वह दिन बाद में रमजान कहलाया।
रमजान मुबारक हो!
रास्ते पर निकली है खुशियों की सवारी,
बैर मिटा दो इस रमजान सबसे,
बना लो उन्हें भी अपनी खुशियों की सवारी।
किसी को दुख न देना,
खुद को खुदा में खो देना,
घर वालों को मेरी तरफ से रमजान की बधाई देना।
जीवन में फिर खुशियां लाया है,
हमने इस रमजान की शायरी से,
आपको अपने घर बुलाया है।
हर दुआ कबूल हो जाए,
जो भी चाहो तुम,
वो तुम्हारे पास आ जाए।
खुशियों से जगमगाए जीवन तुम्हारा,
यही है खुदा से फरियाद हमारी,
पूरी हो हर आरजू तुम्हारी।
रमजान मुबारक हो!
कोई भी बातें फिजूल न हो,
जो भी मांगो तुम खुदा से,
वो सब कबूल हो।
पूरी हो हर ख्वाहिश तुम्हारी,
कभी अधूरा न हो कोई काम,
हर काम में हो खुदा की भागीदारी।
अपनों को हो तुम पर अभिमान,
हो इतनी तरक्की तुम्हारी,
कि सबको हो तुम्हारी पहचान।
आपका पूरा परिवार हमेशा मुस्कुराए।
रमजान मुबारक हो!
रमजान आया त्योहार मनाओ,
अपनों को खाने पर बुलाओ,
आप भी हमारे घर आओ।
खुशियां मना रहा जहान,
अब न बनो हमसे अनजान,
एक गलती माफ कर दो भाईजान।
हर तरफ प्रकाश छा गया है,
त्योहार की तैयारी कर लो,
रमजान का महीना आ गया है।
अल्लाह की रहमत हो तुम्हारे घर में,
जिसे पूरी दुनिया ढूंढती है,
उस खुदा का निवास हो तुम्हारे घर में।
कभी मुसीबत न आए, ऐसी जिंदगानी हो तुम्हारी।
रमजान मुबारक हो!
कभी भी खुदा तुमसे रूठेगा नहीं।
क्योंकि, तू अपनी हर बात में उसका जिक्र करता है,
तुझ जैसे खुदा को मानने वाले के लिए ही,
हर साल रमजान का महीना आता है।
जब तू खुदा को अपनाएगा,
हर रोडा तेरे पास आने से पहले,
राह पर ही थम जाएगा।
इस रमजान यार की झोली भर दे,
उसके राह में जितने भी कांटे हों,
उन सबको फूल बना दे।
पढ़ने को फिर वो कुरान देता है
बख्शेने पे आए जब उम्मत के गुनाहों को
तोहफ़े मैं गुनहगारों को रमज़ान देता है
इबादत से भरा हो रोज़ा तुम्हारा,
हर रोज़ा और नमाज़ कबूल हो तुम्हारी,
यही अल्लाह से है दुआ हमारी…
दुनिया के सारे ग़म तुम्हें जाए भूल
चारों तरफ फैलाओं खुशियों के गीत
इसी उम्मीद के साथ यार तुम्हे
मुबारक हो रमज़ान
ए मेरे मुल्क तुझको हो रमजान मुबारक।
सबको ढेरों खुशियां ना रहे कोई इच्छा
अधूरी आप सभी को रमज़ान मुबारक
रहमत से भर लो झोलियाँ
गुज़र रहा है माह-ए-रमज़ान है
रमज़ान मुबारक
भरा हो रोज़ा तुमारा, हर रोज़ा और नमाज़ हो
क़बूल तुम्हारी, ये अल्लाह से है दुआ हमरी।
रौशन सितारा दिखा आप की खैरियत की दुआ मांगी.
आप सभी को रमजान मुबारक हो
भरा हो रोज़ा तुमारा, हर रोज़ा और नमाज़ हो
क़बूल तुम्हारी, ये अल्लाह से है दुआ हमरी।
आओ आज सब खताओं की माफी मांग लें,
दर-इ-तौरबा खुला है इस महीने में
रमजान मुबारक
सबको मिले ढ़ेरों खुशियाँ, कोई ख्वाहिश न अधूरी हो.
रमजान मुबारक
रहमतों की बरकतों का महीना आया है
लूट लो नेकियाँ जितना लूट सकते हो
पूरे एक साल में ये ऑफर का महीना आया हैं
उतना ही खूबसूरत आपका हर एक पल हो,
जितनी भी खुशियां आपके पास आज हैं,
उससे भी ज्यादा वो आपके पास कल हों रमजान मुबारक
इबादत से भर जाए रोज़ा तुम्हारा
हर नमाज़ हो कबूल आपकी
बस यही दुआ है खुदा से हमारी
आप सभी को रमज़ान मुबारक
चाँद को चांदनी मुबारक
सितारों को बुलंदी मुबारक
और आप सब को हमारी तरफ से
रमज़ान मुबारक
हम से पहले विश न कर दे आपको इसलिए
सबसे पहले हैप्पी रमज़ान मुबारक कहते हैं
खुशी का दिन और हसी की हर शाम कहना
जब वो देखे बहार आकर तो उनको मेरी तरफ से
मुबारक हो रमज़ान कहना











