bhagwan ki bhakti shayari
साधू बने तो मोहमाया छूटे,वैरागी बने तो छूटे तन,हरि तेरे से सच्चा प्रेम हो जाए तोतभी छूटे सारे मोह माया के बंधन।।
कृष्ण की मुरली के जैसाप्रेम रूपी संगीत बनेबिरह लिखो तो राधा जैसीऔर सुदामा जैसा मित्र बने..!
जंगल में रहो या बस्ती मेंलहरों में रहो या कश्ती मेंमहंगी में रहो या सस्ती मेंपर रहो भगवान की भक्ति में।।
ईश्वर के नाम का दिया कभी अल्प नही होताजो टूट जाए वो दृढ संकल्प नही होताहार को जीत से दूर ही रखनाक्योकि जीत का कोई विकल्प नही होता।।
अकाल मृत्यु वो मरे जो करता काम यमराज कासाक्षात् काल भी क्या करे जो भक्त हो महाकाल ।।
श्याम तेरा सिर पे हाथ होने सेमेरे सारे काज साकार होते हैजहाँ भी देखता हु मेरे श्याममुझे तो बस तेरे ही दर्शन होते है।।
साधू बने तो मोहमाया छूटे,वैरागी बने तो छूटे तन,हरि तुझसे से हो जाए सच्चा प्रेम तोछूटे सारे मोह माया के बंधन।।
शिव की ज्योति से नूर मिलता है.भोले के भक्तों को सुकून मिलता हैजो भी आता है शंकर के द्वारसभी को फल जरुर मिलता है।।
जंगल में रहो या बस्ती मेंलहरों में रहो या कश्ती मेंमहंगी में रहो या सस्ती मेंपर रहो भगवान की भक्ति में।।
नियत अच्छी हो तो भक्ति भी सच्ची होती है।भगवान हर ह्रदय में है, घरों में रखने की जरूरत नहीं होती है।।
शिव की ज्योति से प्रकाश बढ़ता हैजो भी जाता है भोले के द्वारकुछ ना कुछ उसको जरुर मिलता ह।।
सारा जहा है जिसकी शरण मेंनमन है उस शिव के चरण मेंबने उस शिव के चरणों की धूलआओं मिलकर हम चढाए श्रद्धाफूल।।
ईश्वर के नाम का दिया कभी अल्प नही होताजो टूट जाए वो दृढ संकल्प नही होताहार को जीत से दूर ही रखनाक्योकि जीत का कोई विकल्प नही होता।।
अकाल मृत्यु वो मरे जो करता काम यमराज कासाक्षात् काल भी क्या करे जो भक्त हो महाकाल का।।
श्याम तेरा सिर पे हाथ होने सेमेरे सारे काज साकार होते हैजहाँ भी देखता हु मेरे श्याममुझे तो बस तेरे ही दर्शन होते है।।
साधू बने तो मोहमाया छूटे,वैरागी बने तो छूटे तन,हरि तुझसे से हो जाए सच्चा प्रेम तोछूटे सारे मोह माया के बंधन।।
शिव की ज्योति से नूर मिलता है.भोले के भक्तों को सुकून मिलता हैजो भी आता है शंकर के द्वारसभी को फल जरुर मिलता है।।
भक्तों की भगवान परीक्षा बहुत लेता है,पर उनका साथ नही छोड़ता हैनास्तिकों को भगवान देता तो बहुत हैपर साथ नही देता है।।
जीवन रुपी जहाज के है हम खिवैयाअगर तूफ़ान में डूबने लगे आपकी नैयादोस्त डरना मत,,,बेड़ा पार लगाएगा कृष्ण कन्हया।।
सुना है तूने लाखों कीकिस्मत बनाई हैदेख तो लोमेरी अर्जी कहा छुपाई है।।
कैसे कह दू की मेरीहर पुकार बेकार हो गईमै जब भी रोयामेरे श्याम को खबर हो गई।।
इस दुनिया के कानून से शिकायत मत करनाअपनी नजरों को कभी शर्मिंदा न करनाईश्वर सब कुछ देगा आपकोंवक्त से पूर्व पुकार मत करना।।
मुझे आप मिल गये ईश्वरसहारा हो तो ऐसा होजिधर देखू उधर तूम होनजारा हो तो ऐसा हो।।
देवो के देव, महादेव आपसे हैं विनती,मेरी भी हो, आपके ख़ास भगतो में गिनती।।
बैरागी बने तो जग छूटे,सन्यासी बने तो छूटे तन,कान्हा (कृष्ण) से प्रेम हो जायेतो छूटे आत्मा के सब बन्धन।।
अकेले ही पूरी दुनिया में चिता की भस्म से नहाते हैं,जो है सबके प्यारे वो कालों के काल महाकाल कहलाते हैं।।
कर्मभूमि पर फल के लिए,श्रम तो सभी को करना ही पड़ता है,भगवान सिर्फ लकीरें देता है,रंग तो हमें ही भरना पड़ता है।।
जीवन रुपी नाँव के है हम खिवैया,अगर तूफ़ान में डूबने लगे आपकी नैया,कभी डरना मत बेड़ा पार करेंगे कृष्ण कन्हैया।राधे-राधे!।
संगीत सुनकर ज्ञान नहीं मिलता,मंदिर जाकर भगवान नहीं मिलता,पत्थर तो इसलिए पूजते हैं लोग,क्योंकि विश्वास के लायक इंसान नहीं मिलता।।
ॐ में ही आस्था है, ॐ में ही विश्वास है,ॐ में ही शक्ति है, ॐ में ही संसार,ॐ से होती है अच्छे दिन की शुरूआत।।
इस पृथ्वी और जहाँ को,रचने वाले को भ्रामाजी,कहते है और जो मेरी,पीड़ाओं को हर ले उसे,बजरंगबली कहते है।।
मेरा विशवास सब तोड़,सकते है ये दुनिया भी और,मेरे अपने भी,लकिन भगवान्,राम के दूत पर किया भरोसा,कभी नहीं टूटेगा।।
प्रभु बजरंगबलि बोलते है,भक्त को छोड़ राम की आराधना,कर फिर देख सारे फैसले तेरे ,पक्ष के होंगे।।
इस दुनिया में मेरा कोई,क्या ही बिगाड़ लेगा जब,मेरे सर पर मेरी माँ और,स्वयं हनुमानजी का हाथ है।।
महान बजरंगबली की,तारीफ़ करू ही क्या,इस के जैसा बलवान,न कभी हुआ है न कभी होगा।।
प्रेम को समझने के लिएमीरा सा होना पड़ेगा,कभी अश्क छुपाने पड़ेंगेतो कभी जहर पीना पड़ेगा।।
नजर कृष्ण की हो तोसारी दुनिया में प्रेम है,नजर मीरा की हो तोसारी दुनिया ही कृष्ण है।।
जब तुम राधा होना चुनती होतो प्रेम चुनती हो तुम,किन्तु जब तुम मीरा होना चुनती होतो प्रेम तुम्हें चुनता है।।
मोहब्बत की भी देखो कैसी अजब सी कहानी है,ज़हर पिया था मीरा ने पर दुनिया राधा की दिवानी है।।
जिस दिन प्रेम समझ जाओगे,तुम भी ‘मीरा’ गई हो जाओगे,तन्हा जग से लड़ जाओगेज़हर का प्याला पी जाओगे।।
सागर की बाहों में गिरतीमीठी नदियाँ मिटी अधीरा,जहर पिलाये फिर से कान्हाफिर मर कर जी जाए मीरा।।
प्यार तो प्यार है इसमें क्या पूरा क्या आधा,दोनों की चाहत बेमिसाल है चाहे मीरा हो या राधा।।
फिर से ये रात सुहानी हुई है,फिर कोई राधा दीवानी हुई है,फिर से पिया है विष ‘मीरा’ ने हँसकरफिर कोई और कृष्ण की रानी हुई है।।
मीराबाई की भक्ति पर शायरीवो ‘कान्हा’ है, उसे सबका होना है,मैं मीरा हूँ, मुझे बस उसी का होना है।।
छुपाते है लोग मोहब्बत को बदनामी की तरह,वो इश्क़ ही क्या जो नाचे ना बाँध घुँघरू मीरा की तरह।।
मोहब्बत माँ से सीखो और सब्र पिता सेप्रेम राधा से सीखो और इन्तजार मीरा से।।
अंजाम की खबर तो मीरा को भी थी,बात सिर्फ मोहब्बत निभाने की थी।।
जहर का स्वाद महादेव से ही पूछो,मीरा से पूछोगे तो अमृत ही कहेगी।।
लड़कर सारी दुनिया सेजब प्रीत के रंग में रंगती है,होकर आराध्य में विलीनतब कोई मीरा बनती है।।
जो मीरा को जान ना पायेगा,वो कान्हा को कैसे पायेगा।।
सारा जहा है जिसकी चरण मेंनमन है उस शिव के चरण मेंबने उस शिव के चरणों की धूलआओं मिलकर हम चढाए श्रद्धाफूल।।
ईश्वर के नाम दिया कभी अल्प नही होताजो टूट जाए वो दृढ संकल्प नही होताहार को जीत से दूर ही रखनाक्योकि जीत का कोई विकल्प नही होता।।
अकाल मौत वो मरे जो काम करे यमराज कासाक्षात् काल भी क्या करे जो भक्त हो महाकाल का।।
ॐ में आस्था है ॐ में ही विशवास हैॐ में ही शक्ति है ॐ में भी भक्ति हैॐ से ही शुरुआत होती है अच्छे दिन की ||
श्याम तेरा सिर पे हाथ होने सेमेरे सारे काज साकार होते हैजहाँ भी देखता हु मेरे श्याममुझे तो बस तेरे ही दीदार होते है।।
साधू बने तो मोहमाया छूटे,वैरागी बने तो छूटे तन,हरि तेरे से सच्चा प्रेम हो जाए तोतभी छूटे सारे मोह माया के बंधन।।
शिव की ज्योति से नूर मिलता है.भोले के भक्तों को सुकून मिलता हैजो भी आता है शंकर के द्वारसभी को फल जरुर मिलता है।।
भक्तों की भगवान परीक्षा बहुत लेता है,पर उनका साथ नही छोड़ता हैनास्तिकों को भगवान देता तो बहुत हैपर साथ नही देता है।।
जीवन रुपी जहाज के है हम खिवैयाअगर तूफ़ान में डूबने लगे आपकी नैयादोस्त डरना मत,,,बेड़ा पार लगाएगा कृष्ण कन्हैया।।
सुना है तूने लाखों कीकिस्मत बनाई हैदेख तो लोमेरी अर्जी कहा छुपाई है।।
कैसे कह दू की मेरीहर पुकार बेकार हो गईमै जब भी रोयामेरे श्याम को खबर हो गई।।
इस जहाँ के कानून से शिकायत मत करनाअपनी नजरों को कभी शर्मिंदा न करनाईश्वर सब कुछ देगा आपकोंवक्त से पूर्व पुकार मत करना।।
मुझे आप मिल गये ईश्वरसहारा हो तो ऐसा होजिधर देखू उधर तूम होनजारा हो तो ऐसा हो।।
जो लोग ईश्वर को पाना चाहते हैं,उन्हें वाणी, मन, इंद्रियों की पवित्रता औरएक दयालु हृदय की जरूरत होती हैं।।
जय हो हृदय में बसे नन्द लाल की,जय हो हृदय में बसे बाल गोपाल की।।
साधू बने तो मोहमाया छूटे,वैरागी बने तो छूटे तन,हरि तेरे से सच्चा प्रेम हो जाए तोतभी छूटे सारे मोह माया के बंधन।।
शिव की ज्योति से प्रकाश बढ़ता हैजो भी जाता है भोले के द्वार।कुछ न कुछ उसे जरुर मिलता है।।
कर्म अच्छे हो तो वही धर्म बन जाता है,ऐसा इंसान, ईश्वर का भक्त बन जाता है।।
मुझे आप मिल गये ईश्वरसहारा हो तो ऐसा होजिधर देखू उधर तूम होनजारा हो तो ऐसा हो।।
देवो के देव, महादेव आपसे हैं विनती,मेरी भी हो, आपके ख़ास भगतो में गिनती।।
मन तुलसी का दास हैं, वृन्दावन हो धाम,साँस-साँस में राधा बसे, रोम-रोम में श्याम।।
देवो के देव, महादेव आपसे हैं विनती,मेरी भी हो, आपके ख़ास भगतो में गिनतीबैरागी बने तो जग छूटे,सन्यासी बने तो छूटे तन,कान्हा (कृष्ण) से प्रेम हो जायेतो छूटे आत्मा के सब बन्धन।।
नियत अच्छी हो तो, भक्ति भी सच्ची होती हैं,भगवान हर हृदय में हैं, घरो में रखने की जरूरत नही होती हैं।।
शिव से ही श्रृष्टि हैं, शिव से ही शक्ति हैं,अति आनन्द सिर्फ़ शिव भक्ति हैं।।
कहने की जरूरत नही, आना ही बहुत हैं,शिव भक्ति में तेरा शीश झुकाना ही बहुत हैं।।
जो कुछ हैं तेरे दिल में, सब उसको ख़बर हैं,बन्दे तेरे हर हाल पर भगवान् शिव की नज़र हैं।।
सागर मथ के सभी देवता अमृत पर ललचाएतुम अभ्यंकर विष को पीकर नीलकंठ कहलाए।।
हारने ना देना मेरे प्रभु कठिन इम्तेहान है…जीत में ही प्रभु हम दोनों का मान हैक्योंकि आपके भरोसे हूँ मैं यही मेरी पहचान है।।
जब भटक भटक कर हार गया…और कदम कदम पर ठुकराया गया तब…आपका ही द्वार नजर आया मुझको मेरे श्याम…तेरे ही चरणों में सुख पाया।।
भगवान वह नहीं जो मन की मनोकामनाओं को…पूरा करता हो बल्कि भगवान वह है जो…मन से मनोकामनाओं का नाश करता हो।।
मिटाने से मिटते नहीं ये भाग्य के लेख…आप कर्म अच्छा करते चलें फिर ईश्वर की महिमा देखें।।
है जिनके पास ज्यादा दौलत वो खुद को खुदा समझते हैं…तू मांग अपने खुदा से जहाँ मांगने वो भी जाते हैं।।
अच्छे लोगों की भगवान परीक्षा बहुत लेता है…परन्तु साथ नहीं छोड़ता और बुरे लोगों को…भगवान बहुत कुछ देता है परन्तु साथ नहीं देता।।
कुछ रिश्ते दरवाजे खोल जाते हैं या तो…दिल के या तो आँखों के।।
कद्र तो लोग ईश्वर की भी ना करें…अगर हालातों से मजबूर ना हो।।
ईश्वर कहते हैं उदास न हो मैं तेरे साथ हूँ…सामने नहीं आस पास हूँ, पलकों को बंद करऔर दिल से याद कर मैं कोई और नहीं तेरा विश्वास ही हूँ।।
विश्वास करो…मैंने तुम्हारे लिए वही विधान किया,जो तुम्हारे लिए उचित था…मैंने आज तक जो कुछ किया तुम्हारे मंगल के लिए किया! ~कृष्णा कन्हैया!!
भगवान ने हमें दो हाथ सिर्फ ‘प्रार्थना’ नहीबल्कि ‘प्रयत्न’ करने के लिए भी दिए हैं,सिर्फ हाथों को जोड़े रखने से कुछ नही होगा,हमें इनका उपयोग कर प्रयास करना चाहिए।।
यदि आप यह मानते है कि आपके अंदर ईश्वर का अंश हैतो आप किसी भी असम्भव कार्य को कर सकते हैं!!
पूरी दुनिया में ढूढ़ने के बाद भी नही मिलता हैं,वही माया हैं और जोएक जगह पर बैठे ही मिल जाए वही परमात्मा हैं!।
तेरा हाथ सिर पे होने सेमेरे सब काम साकार होते हैं,मैं जहाँ भी देखता हूँ तुझे मेरे मोहनमुझे तो बस तेरे दीदार होते हैं।।

