yaduvanshi yadav samaj shayari | यदुवंशी यादव समाज की शायरी
जो परिश्रम से कमायें वो यादव है, जिसके घर दूध, दही, मक्खन हो वो यादव है, जो देशभक्ति में रंग जायें वो यादव है, जिसका प्रेम अमर हो जायें वो यादव है.
Jo Parishram Se Kamayen Wo Yadav Hai, Jiske Ghar Doodh, Dahi, Makkhan Ho Wo Yadav Hai, Jo Deshbhakti Me Rang Jaayen Wo Yadav Hai, Jiska Prem Amar Ho Jaayen Wo Yadav Hai.
सिर्फ इतनी सी बात पर हमारा परिचय तमाम होता है, यादव उन रास्तों पर नहीं चलते है जो रास्ता आम होता है.
Sirf Itani Si Baat Par Hamaara Parichay Tamaam Hota Hai, Yadav Un Raston Par Nahi Chalte Hai, Jo Rasta Aam Hota Hai.
अपने कृष्ण कन्हैया भी तो यादव थे, जिसकी दुनिया आज भी दीवानी है, हम भी कुछ इतना बढियाँ करेंगे कि इतिहास के पन्नों पर कहानी हो.
Apne Krishna Kanhaiya Bhee To Yadav The, Jiskee Duniya Aaj Bhee Diwani Hai, Hum Bhi Kuchh Itna Badhiyan Karenge Ki Itihaas Ke Pannon Par Kahani Ho.
जब तक माथे पर लाल रंग नहीं लगता #यादव किसी को तंग नहीं करता, सर चढ़ जाती है ये दुनिया भूल जाती है कि #यादव की तलवार को कभी जंग नहीं लगता !!
जुल्म की #पहचान #मिटा के रख दें #यादव, चाहे तो #कोहराम मचा के रख दें #यादव, अभी हम #सूखे #पत्तो की तरह #बिखरे है हम #यादव, #अगर हो जाये एक तो #सरकार को #हिला के रख दें #यादव !!!
पगले गोलियों से उन्हें डराना जिन्होंने,
कभी गोली देखी ही ना हो,
हम तो यादव हैं!
राह पर चलते हुए खुद बारूद बन जाते हैं!!
यादव अपने दुश्मनों। के बीच ऐसे रहता है।
जैसे 32 दातों के बीच जीभ।
मिलता सबसे है दबता किसी से नहीं .।
जय यादव जय माधव जय श्रीकृष्णा
जमाना बदल गया मगर हम यादव वही हैं,
तलवार पुरानी जरूर है मगर काट वही है,
बेशक हमसे ज्यादा दौलत रखते होंगे,
तुम मगर आज भी हमारे ठाठ वही हैं!!
ना दौलत पर नाज करते हैं,
ना शोहरत पे नाज करती हैं,
हुए हैं यादव के घर पैदा,
अपनी किस्मत पर नाज करते हैं!!
जिगर वालों को
डर से कोई वास्ता नहीं होता
हम यादव वहां भी कदम रखते हैं
जहां कोई रास्ता नहीं होता
किसी के पास इगो है
तो किसी के पास एटीट्यूड
और हम यादवों के पास दिल है
वह भी बड़ा क्यूट
अगर जिंदगी में कुछ पाना है
तो यादव से दोस्ती करो
दुश्मनी नहीं बेटा
हम यादव अपने एटीट्यूड का
ऐसा अंदाज रखते हैं
जो हमें नहीं समझे
उन्हें हमेशा नजर अंदाज रखते हैं
मुंह पर सच बोलने की आदत है मुझे
इसलिए सब मुझे यादव जी कहते हैं
हम यादव आज भी अपने हुनर में दम रखते हैं
छा जाते हैं रंग जब महफिल में कदम रखते हैं
यादव हूं,
इज्जत दोगे तो इज्जत पाओगे,
अकड़ दिखाओगे तो,
हमारा कुछ नहीं उखाड़ पाओगे।
एटीट्यूड तो बच्चे दिखाते हैं,
हम तो यादव हैं इसलिए,
लोगों को उनकी औकात दिखाते हैं।
तुझे मेरे साथ रहना है,
तो सहन करना सीख,
वरना अपनी औकात में,
तू खुद से रहना सीख।
बेटा तुझे पता होना चाहिए,
यादव अपना वक्त बदलता है,
रक्त नहीं बदलता ।
बहुत गुरूर था जिनको अपने नाम पर,
बेटा कान खोल कर सुन लो,
यादव एंट्री भले ही लेट करते हैं,
लेकिन परफेक्ट करते हैं

